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जब मार्च में आ गई थी मई जैसी गर्मी फिर अचानक कैसे बदल गया मौसम, हवा-बारिश से लौटी ठंड, आगे कैसा रहेगा वेदर

दुर्लभ Western Disturbance के कारण दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश, ठंडी हवाएं और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. IMD के मुताबिक यह बदलाव अस्थायी है और जल्द ही गर्मी फिर लौटेगी.

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( Image Source:  AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Updated on: 20 March 2026 2:50 PM IST

दिल्ली में इन दिनों मौसम ने एकदम से पलटी मारी है. लोग अभी कुछ दिन पहले तक गर्मी से परेशान थे और गर्म कपड़े रख चुके थे, लेकिन अब फिर से स्वेटर और शॉल निकालने पड़ रहे हैं. शहर में मार्च के महीने में, जब गर्मी की शुरुआत हो रही थी, तभी अचानक ठंडक और बारिश आ गई है. यह सब एक 'दुर्लभ' पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से हुआ है. यह मौसम की एक ऐसी प्रणाली है जो आमतौर पर सर्दियों में आती है, लेकिन इस बार मार्च में इतनी ताकतवर और बड़ी होकर आई है कि उत्तर भारत के बड़े हिस्से प्रभावित हो गए हैं. इस विक्षोभ की वजह से लगभग 1000 किलोमीटर लंबा एक बादलों और बारिश का क्षेत्र बन गया है, जो दिल्ली, एनसीआर और आसपास के इलाकों में फैला हुआ है. इसके असर से दिल्ली में बुधवार शाम से ही मौसम बदलना शुरू हो गया था, जो गुरुवार और शुक्रवार को और तेज हो गया.

शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में अच्छी खासी बारिश हुई. न्यूनतम सुबह का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से करीब 4.5 डिग्री कम है. यह आंकड़ा भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सफदरजंग स्टेशन से आया है. गुरुवार को भी शहर में कभी-कभी बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं, जिससे ठंडक बनी रही. अधिकतम तापमान दिन का सबसे ज्यादा तापमान लगभग एक महीने बाद पहली बार 30 डिग्री से नीचे आ गया और सिर्फ 26.8 डिग्री दर्ज हुआ. यह सामान्य से 4.7 डिग्री कम था और 24 फरवरी के बाद सबसे कम अधिकतम तापमान था 29.9 डिग्री था.

खराब मौसम की मिली थी पहले ही चेतवानी

मौसम के जानकारों ने इसे काफी असामान्य और दुर्लभ बताया है. क्लाइमेट साइंटिस्ट डॉ. प्रदीप ने एक्स हैंडल पर कहा कि यह पश्चिमी विक्षोभ बहुत अलग तरह का है. इसमें हजारों किलोमीटर लंबी एक सीधी गर्त (ट्रफ) बनी है, जो आमतौर पर नहीं होती. इससे तेज आंधी, गरज और बारिश हो सकती है इसलिए सावधान रहें और IMD की जानकारी फॉलो करें. उन्होंने 15 मार्च को ही चेतावनी दी थी कि 20 से 25 मार्च तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्व भारत में ऐसी ही निम्न दबाव की रेखा गुजरेगी, जिससे कई जगहों पर भारी बारिश, ओले और धूल भरी आंधी आ सकती है.

कुछ जगहों पर पानी भरने का खतरा

मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने भी शुक्रवार सुबह पोस्ट किया कि विक्षोभ अब पूरी तरह तेज हो गया है. दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में शाम तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर पानी भरने का खतरा है और ठंड का दिन जैसा महसूस होगा. उत्तर प्रदेश के कई शहर जैसे लखनऊ और कानपुर भी प्रभावित होंगे. एक अन्य एक्सपर्ट प्रोफेसर आरवी ने उपग्रह तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि उन्होंने कभी इतना बड़ा पश्चिमी विक्षोभ नहीं देखा. इसका फैलाव 'पागलपन' जैसा है.

अप्रैल तक रहेगी सर्द

हालांकि दोपहर बाद यह पूर्व की ओर शिफ्ट हो जाएगा, लेकिन 23 और 28 मार्च के आसपास और सिस्टम आने वाले हैं. उन्होंने मजाक में कहा कि मार्च और शायद अप्रैल के पहले हफ्ते तक सर्दियों का मजा लीजिए. लेकिन IMD का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिन नहीं रहेगी. पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने के साथ ही तापमान फिर से बढ़ना शुरू हो जाएगा.

कुछ दिनों में लौटेगी गर्मी

शुक्रवार से ही अधिकतम तापमान में इजाफा होगा. रविवार तक यह 31 डिग्री तक पहुंच सकता है, और सोमवार-मंगलवार को 32 डिग्री के आसपास रहेगा. महीने के आखिरी दिनों में गर्मी फिर से लौट आएगी. न्यूनतम तापमान अगले कुछ दिनों में 12-14 डिग्री के बीच रह सकता है, लेकिन रातें भी धीरे-धीरे गर्म होने लगेंगी. कुल मिलाकर, यह ठंडक और बारिश का दौर अस्थायी है. बस कुछ दिनों का मेहमान है इसलिए जिन्होंने गर्म कपड़े अलमारी में रख दिए थे, वे अभी थोड़ा इंतजार कर लें.

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