क्या Mouth Condom से कम हो सकता है Oral Cancer का रिस्क? जानें नॉर्मल कंडोम से कैसे अलग?
एचपीवी संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और यह ओरल कैंसर का बड़ा कारण बनता जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या माउथ कंडोम इसके खतरे को कम कर सकता है और यह नॉर्मल कंडोम से कितना अलग है.
आजकल एचपीवी नाम का वायरस तेजी से फैल रहा है, जो मुंह और गले के कैंसर यानी ओरल कैंसर का एक बड़ा कारण बन सकता है. कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ सामान्य संबंधों में ही खतरा होता है, लेकिन सच यह है कि ओरल कॉन्टैक्ट से भी यह वायरस फैल सकता है.
डॉक्टरों के अनुसार, एचपीवी से बचने का सबसे सही तरीका वैक्सीनेशन है, लेकिन इसके साथ-साथ बैरियर प्रोटेक्शन जैसे कंडोम और माउथ कंडोम भी काम आ सकते हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर माउथ कंडोम क्या होता है.
क्या है माउथ कंडोम?
माउथ या टंग कंडोम एक आम बोलचाल का शब्द है, जिसे मेडिकल भाषा में डेंटल डैम कहा जाता है. यह एक पतली लेटेक्स या पॉलीयूरेथेन शीट होती है, जिसे ओरल कॉन्टैक्ट के दौरान मुंह और शरीर के बीच लगाया जाता है. इसका मकसद सीधे कॉन्टैक्ट और बॉडी फ्लूइड्स के एक्सचेंज को रोकना होता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो सके.
HPV और ओरल कैंसर से क्या है कनेक्शन?
विशेषज्ञों के मुताबिक, एचपीवी दुनिया के सबसे आम यौन संक्रमणों में से एक है, जो ओरल कॉन्टैक्ट के जरिए भी फैल सकता है. यह गले, जीभ के आधार और टॉन्सिल्स को प्रभावित कर सकता है, जिससे ओरल या ओरोफैरिंजियल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टरों का कहना है कि कई मामलों में मरीजों को शुरुआती लक्षण हल्के लगते हैं, जैसे गले में दर्द या निगलने में परेशानी, जिससे जांच में देरी हो जाती है.
माउथ कंडोम बीमारी को फैलने से कैसे रोकता है?
- माउथ कंडोम का काम इंफेक्शन के रास्ते को रोकना होता है.
- यह त्वचा और लिक्विड चीजों के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट को कम करते हैं.
- एचपीवी संक्रमण के जोखिम को घटाने में मदद करते हैं.
- दूसरे तरह के सेक्सुअली ट्रांसमिट डिजीज को फैलने से भी रोकते हैं.
- हालांकि, डॉक्टर यह भी साफ करते हैं कि यह 100% सुरक्षा नहीं देते, क्योंकि वायरस शरीर के ऐसे हिस्सों से भी फैल सकता है जो कवर नहीं होते.
किन बीमारियों से मिलता है बचाव?
माउथ कंडोम के इस्तेमाल से कई सेक्सुअली ट्रांसमिट डिजीज का खतरा कम किया जा सकता है, जैसे:
- एचपीवी (HPV)
- हर्पीज
- गोनोरिया
- सिफलिस
- एचआईवी (हालांकि ओरल ट्रांसमिशन का खतरा कम होता है)
किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
- हर बार नया माउथ कंडोम इस्तेमाल करें.
- ऑयल बेस्ड प्रोडक्ट्स से बचें.
- पूरे कॉन्टैक्ट एरिया को कवर करें.
- एक बार इस्तेमाल के बाद दोबारा उपयोग न करें
क्या कंडोम का इस्तेमाल काफी है?
एक्सपर्ट के मुताबिक, सिर्फ एक ही तरीका काफी नहीं है. एचपीवी वैक्सीनेशन सबसे बेस्ट तरीका है. इसके अलावा, एक से ज्यादा पार्टनर के साथ फिजिकल रिलेशन नहीं बनाना चाहिए. वहीं, रेगुलर हेल्थ चेकअप जरूरी है. माउथ कंडोम यानी डेंटल डैम्स, एचपीवी और अन्य संक्रमणों से बचाव का एक आसान और प्रभावी तरीका हो सकते हैं. हालांकि यह पूरी तरह सेफ्टी की गारंटी नहीं देते, लेकिन सही जानकारी और जागरूकता के साथ इनका इस्तेमाल संक्रमण और कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है.




