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ईरान में खामेनेई की मौत का असर कश्मीर तक, आखिर क्यों सील करना पड़ा श्रीनगर का लाल चौक?

ईरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उसका असर कश्मीर तक दिखाई दिया. रविवार को श्रीनगर समेत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी. हालात को देखते हुए ऐतिहासिक लाल चौक को सील कर दिया गया और कई जगहों पर पाबंदियां लागू कर दी गईं.

ईरान में खामेनेई की मौत का असर कश्मीर तक, आखिर क्यों सील करना पड़ा श्रीनगर का लाल चौक?
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( Image Source:  X-@AvinashKS14 )

Kashmir Protest After Khamenei Death: ईरान में आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत की अलग-अलग जगहों से प्रोटेस्ट की खबरें सामने आ रही हैं. लेकिन, सबसे बुरे हाल कश्मीर के बताए जा रहे हैं, जहां प्रशासन को कई जगहों को सील करना पड़ा है और आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से बैन करना पड़ा है.

बीते रोज़, श्रीनगर के लाल चौक पर खामेनेई की मौत के बाद भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे. लोगों ने हाथों में खामेनेई की तस्वीरें ली हुई थी. ज्ञात हो कि खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर थे जिनकी मौत इजराइल के हमले में हुई है. अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ ज्वाइंट ऑपरेशन किया था.

क्या है जम्मू-कश्मीर के हालात?

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक को सील कर दिया है और सोमवार को आम लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम रविवार को पूरे केंद्र शासित प्रदेश में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इज़राइल के हमलों में हुई मौत के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है.

यह फैसला रविवार शाम शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की बैठक के बाद लिया गया.सूत्रों के मुताबिक, बैठक में श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के असर और संभावित हालात पर चर्चा की गई. सुरक्षा बलों को चिंता थी कि प्रदर्शन बढ़कर कानून-व्यवस्था की समस्या बन सकते हैं.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने किस तरह की लगाई हैं पाबंदियां?

  • सूत्रों ने बताया कि सोमवार को एक जिले से दूसरे जिले में आवाजाही की अनुमति नहीं होगी.
  • लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं है. इसके लिए एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर चेकपोस्ट लगाए जाएंगे.
  • हालांकि, खामेनेई की मौत पर शोक मनाने के लिए इमामबारों में लोगों को जाने की अनुमति दी जाएगी.
  • सड़को पर निकलकर किसी भी तरह का प्रोटेस्ट करने की इजाजत नहीं है.
  • रविवार शाम पुलिस ने लाल चौक को सील कर दिया, जहां पूरे दिन प्रदर्शनकारी मौजूद रहे थे.

लाल चौक सील करने पर क्या बोले सांसद आगा रूहुल्लाह?

श्रीनगर के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी ने लाल चौक बंद किए जाने को “शर्मनाक” बताया है, उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “घंटाघर को बंद करना शर्मनाक है. यह नाच-गाने के कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध रहता है, जो पहचान आप इससे जोड़ना चाहते हैं. लेकिन जब लोग मासूम जिंदगियों के लिए शोक मनाने और एकजुटता दिखाने के लिए बाहर आए, तो वह आपको खतरा लगा, जबकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण थे. हमें अपमानित न करें और हमारे दुख को कानून-व्यवस्था की समस्या की तरह न देखें. कश्मीर के लोगों के गहरे भावनात्मक पलों में दखल न दें.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने भी नागरिक प्रदर्शनों पर पाबंदी की आलोचना की, उन्होंने कहा, “कश्मीर भर में पाबंदियां लगाने के फैसले से बेहद निराश हूं. आज हजारों लोगों ने शांतिपूर्वक शोक मनाया. एक भी कानून-व्यवस्था की घटना सामने नहीं आई. लोगों ने केवल दुख, शोक और एकजुटता व्यक्त की। शोक मनाना अपराध नहीं है और दुख अशांति नहीं है." सादिक ने कहा कि पूरी तरह शांति के बावजूद पाबंदियां लगाना गलत संदेश देता है और यह अनुचित व अन्यायपूर्ण लगता है.

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