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Salim Dola कौन है, जिसे Turkiye में लिया गया हिरासत में? कहानी एक गुटखा बेचने वाले की ड्रग्स सरगना बनने की

सलीम डोला को तुर्किये के इस्तांबुल में इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. गुटखा बेचने से शुरू हुआ उसका सफर सिंथेटिक ड्रग माफिया तक पहुंचा. अब भारत उसे यूएई के रास्ते प्रत्यर्पित करने की तैयारी में है.

salim dola detained in Istanbul
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सलीम डोला को इस्तांबुल में हिरासत में लिया गया

( Image Source:  X@Haber )

Who is Salim Dola: कानून के हाथ बड़े लंबे होते हैं... इसके चंगुल से कोई अपराधी बच नहीं सकता है... समय ज्यादा लग सकता है, लेकिन एक न एक दिन अपराधी कानून के शिकंजे में होता है. ऐसा ही कुछ सलीम डोला के साथ हुआ, जो भारत के सबसे बड़े सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का सरगना है. उसे तुर्किये के इस्तांबुल में हिरासत में ले लिया गया है. यह कार्रवाई तुर्किये की खुफिया एजेंसी MIT और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में की.

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई Interpol के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई, जो भारत की Central Bureau of Investigation (CBI) के अनुरोध पर जारी किया गया था. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस पूरे मामले की जांच कर रही है. वह डोला को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है. हालांकि, भारत और तुर्की के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के कारण उसे UAE के रास्ते भारत लाने की योजना बनाई जा रही है, क्योंकि डोला के पास यूएई का पासपोर्ट बताया जा रहा है.

कौन है सलीम डोला?

  • सलीम डोला की कहानी बेहद दिलचस्प और खतरनाक है. उसका जन्म 1966 में मुंबई के भायखला इलाके में हुआ. शुरुआत में उसने मुंबई और दिल्ली में गुटखा बेचने का काम किया, लेकिन धीरे-धीरे वह मुंबई अंडरवर्ल्ड में सक्रिय हो गया और Dawood Ibrahim के करीबी सहयोगी छोटा शकील के साथ उसकी दोस्ती हो गई.
  • गुटखे के धंधे से आगे बढ़कर डोला ने ड्रग्स की दुनिया में कदम रखा. उसने गांजा सप्लाई करना शुरू कर दिया. 2012 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसे 80 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार कर लिया. करीब 5 साल जेल में रहने के बाद वह बरी हो गया.
  • जेल से बाहर आने के बाद डोला की मुलाकात फरार ड्रग सप्लायर कैलाश राजपूत से हुई, जिसने उसे सिंथेटिक ड्रग ‘बटन’ बनाने का रास्ता दिखाया. यह ड्रग फेंटेनाइल जैसे खतरनाक ओपिओइड से बनाई जाती है.
  • 2018 में मुंबई पुलिस ने डोला को सांताक्रूज से 100 किलो फेंटेनाइल के साथ पकड़ा, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में पदार्थ नेगेटिव आने के कारण उसे महज 4 महीने में जमानत मिल गई.
  • जमानत पर बाहर आने के बाद डोला संयुक्त अरब अमीरत (UAE) भाग गया और वहीं से अपना ड्रग नेटवर्क चलाने लगा.
  • जांच में यह भी सामने आया है कि उसने ड्रग्स के पैसों से अपने बेटे के नाम पर रियल एस्टेट का कारोबार खड़ा किया. बाद में उसने फर्जी पहचान के साथ यूएई का पासपोर्ट हासिल किया और तुर्किये में जाकर छिप गया, जहां अब उसे पकड़ लिया गया है.
  • अब भारतीय एजेंसियां उसे वापस लाने की कोशिश में जुटी हैं, ताकि इस बड़े ड्रग रैकेट का पूरा खुलासा हो सके.
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