खिलवाड़ करने वालों को मलाई! जिस सुबोध कुमार के कार्यकाल में हुआ 2024 नीट पेपर लीक, आज वो कहां? पोस्टिंग जान रह जाएंगे हैरान
Subodh Kumar Singh 1997 बैच के IAS अधिकारी हैं, जो NEET-UG 2024 पेपर लीक विवाद के दौरान NTA के DG थे. विवाद के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था, लेकिन अब वे छत्तीसगढ़ सरकार में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और ऊर्जा विभाग के प्रमुख पदों पर तैनात हैं. इसे लेकर विवाद गहरा गया है.
IAS सुबोध कुमार सिंह
Who is IAS Subodh Kumar Singh: NEET-UG 2024 पेपर लीक विवाद एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है. इसी के साथ पूर्व NTA DG Subodh Kumar Singh का नाम फिर सुर्खियों में आ गया है. कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने भी परीक्षा प्रणाली और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनका जिक्र किया है.
कांग्रेस ने X पर पोस्ट कर कहा- इनसे मिलिए- ये हैं IAS सुबोध कुमार सिंह. जब 2024 में NEET का पेपर लीक हुआ था, लाखों बच्चों की मेहनत बर्बाद हुई थी, तब सुबोध कुमार सिंह NTA के DG थे. लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए मोदी सरकार ने चाल चली और इन्हें पद से हटा दिया. .. लेकिन जैसे ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ, इन्हें स्टील मिनिस्ट्री में पोस्टिंग दे दी और अब ये छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के Principal Secretary हैं.
जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP सरकार में इसी तरह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम दिया जाता है, उन्हें बड़े-बड़े पदों पर बैठाया जाता है. कारण साफ है- पेपर लीक के इस गोरखधंधे में BJP सरकार खुद ही साझेदार है, जिसका खामियाजा देश के मेहनती छात्रों को चुकाना पड़ रहा है. BJP का फंडा साफ है- जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम.
राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा- देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूं. एक काम कीजिए - खुद Google कीजिए: “NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?” देखा? समझ आया? BJP इसी तरह आप जैसे लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है - उनकी रक्षा करती है, ऊपर से उन्हें तरक्की देती है. साफ़ है - मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में ख़ुद साझेदार हैं. जिस बाज़ार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है - जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम.
'ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं'
इससे पहले, लोकसभा में नेता विपक्ष ने कहा- NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गई. 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया. किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी मां ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की, और बदले में मिला- पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार. यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है. हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं.
'अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है'
राहुल ने कहा कि अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे. अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है.
कौन हैं IAS सुबोध कुमार सिंह?
Subodh Kumar Singh 1997 बैच के IAS अधिकारी हैं और छत्तीसगढ़ कैडर से आते हैं. वे उन चुनिंदा अफसरों में गिने जाते हैं जिनकी छवि तकनीकी रूप से मजबूत और प्रशासनिक तौर पर प्रभावी अधिकारी की रही है.
IIT रुड़की से की इंजीनियरिंग
IAS सुबोध कुमार सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत मानी जाती है. उन्होंने Indian Institute of Technology Roorkee से Electrical Engineering में B.E. और M.E. किया. वहीं, Indira Gandhi National Open University से उन्होंने MBA की डिग्री हासिल की. तकनीकी और मैनेजमेंट दोनों क्षेत्रों की पढ़ाई ने उन्हें प्रशासन में अलग पहचान दिलाई.
NTA में क्या भूमिका थी?
National Testing Agency के DG के रूप में वे देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं की निगरानी कर रहे थे. उनके कार्यकाल में, NEET, JEE और CUET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाएं आयोजित हुईं, लेकिन NEET-UG 2024 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने देशभर में भारी विरोध प्रदर्शन खड़े कर दिए. छात्रों और अभिभावकों के दबाव, कोर्ट केस और राजनीतिक विवाद के बीच जून 2024 में उन्हें NTA प्रमुख पद से हटा दिया गया.
NTA से हटाए जाने के बाद क्या हुआ?
NTA से हटाए जाने के बाद उन्हें केंद्र सरकार के Ministry of Steel में पोस्टिंग दी गई, लेकिन दिसंबर 2024 में उन्हें वापस छत्तीसगढ़ कैडर भेज दिया गया. इसके बाद, उन्हें मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai का प्रमुख सचिव बनाया गया और बाद में ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई.
अभी कौन-कौन से पद संभाल रहे?
मई 2026 तक वे छत्तीसगढ़ CM के Principal Secretary, Energy Department के Principal Secretary और राज्य की कई पावर कंपनियों के चेयरमैन जैसे अहम पदों पर हैं. उन्हें राज्य सरकार के सबसे प्रभावशाली नौकरशाहों में माना जाता है.
राजनीतिक विवाद क्यों बढ़ा?
NEET पेपर लीक मुद्दा अभी भी विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक हथियार बना हुआ है. विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में भारी लापरवाही हुई, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ा और जवाबदेही तय नहीं हुई. इसी वजह से NTA के तत्कालीन प्रमुख रहे सुबोध कुमार सिंह का नाम बार-बार चर्चा में आता है.
सरकार का क्या है नजरिया?
सरकारी और प्रशासनिक हलकों में माना जाता है कि वे अनुभवी अफसर हैं, तकनीकी मामलों की गहरी समझ रखते हैं और छत्तीसगढ़ सरकार उन्हें भरोसेमंद अधिकारी मानती है. इसी कारण विवाद के बावजूद उन्हें राज्य प्रशासन में अहम जिम्मेदारियां दी गईं.
सबसे बड़ा सवाल क्या है?
अब बहस सिर्फ एक अफसर तक सीमित नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है? क्या NTA जैसे संस्थानों में बड़े सुधार की जरूरत है? और क्या NEET विवाद की राजनीतिक गूंज 2026 तक जारी रहेगी?




