ब्राह्मणों पर कौन सी कहावत बोलकर फंस गए सपा नेता राजकुमार भाटी, माफी मांगी और सफाई में क्या कहा?
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ ब्राह्मण समुदाय पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर यूपी पुलिस ने केस दर्ज किया है. अब भाटी ने सफाई दी है और कहा है कि उनके 12 मिनट के वीडियो से छोटी सी क्लिप निकालकर उन्हें फंसाया जा रहा है.
Uttar Pradesh Police ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता Rajkumar Bhati के खिलाफ ब्राह्मण समुदाय को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है. यह कार्रवाई भाजपा नेता अजय शर्मा की शिकायत के बाद की गई.
रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद के Kavi Nagar Police Station में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत केस दर्ज किया गया है. यह धारा धर्म के आधार पर अलग-अलग समूहों के बीच नफरत फैलाने से जुड़ी हुई है.
क्या था विवादित बयान?
पूरा विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ. वीडियो में Rajkumar Bhati को यह कहते हुए सुना गया, “न तो ब्राह्मण अच्छा होता है, और न ही कोई वे**.” वीडियो में भाटी कहते हैं, ये मुहावरा मैंने कभी कहा नहीं, क्योंकि अच्छा नहीं लगता है. ब्राह्मण भला न वे**, इनमें भला न कोई...और कोई-कोई वेश्या तो भली होती है, लेकिन ब्राह्मण भला नहीं होता.
भाजपा नेता अजय शर्मा ने आरोप लगाया कि इस बयान से ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. उन्होंने पुलिस से मांग की कि इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
भाटी ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार भाटी ने माफी भी मांगी. उन्होंने कहा कि उनके पूरे भाषण को सही तरीके से नहीं दिखाया गया और कुछ हिस्सों को काटकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया, जिससे गलत संदेश गया. भाटी का कहना था कि उनके बयान को “भ्रामक तरीके” से पेश किया गया.
भाटी ने कहा कि मेरी 12 मिनट की क्लिप में से 7 सेकेंट की क्लिप को काट कर मेरे खिलाफ गलत प्रचार किया जा रहा है कि मैंने ब्राह्मणों के बारे में गलत शब्द बोले. सबसे पहले मैं सभी ब्राह्मण भाईयों से माफी मांगना चाहूंगा, अगर मेरे इस बयान से उन्हें ठेस पहुंचा है. उन्होंने आगे कहा कि मैं समाजवाद की विचारधारा पर चलने वाला शख्स हूं और मेरा कहने का मतलब वह नहीं था. जो सच्चा समाजवादी होगा कि वह किसी जाति या फिर धर्म को अपमानित नहीं करेगा.
उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझ पर बीजेपी इल्जाम लगाती है कि मैं ब्राह्मण और सनातन विरोधी हूं, हालांकि ये इल्जाम एकदम गलत है. मैं ब्राह्मण भाईयों का सम्मान करता हूं, जिनमें एक से एक विद्वान मौजूद हैं और मैं किसी धर्म या जाति का अपमान करने के बारे में सपने में भी सोच नहीं सकता हूं.
भाटी ने कब दिया ये बयान?
भाटी ने एक ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि दिल्ली के जवाहर भवन में डॉ. रफरफ शकील अंसारी और जावेद अनवर की पुस्तक ‘जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु’ का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया. पुस्तक विमोचन के बाद इसी विषय पर एक परिचर्चा भी हुई, जिसमें Yogendra Yadav, Ashutosh, Ratan Lal, Sheeba Aslam Fahmi और Bilal Ahmad समेत कई वक्ता मौजूद रहे.
उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारे समाज में जातियों को लेकर बहुत खराब मुहावरे, लोकोक्तियां और कहावतें बनी हुई है. मैंने यह भी कहा कि ऐसी कहावतें दोनों तरफ से हैं जो दूसरे समाज को अपमानित करती है. मैंने बताया कि एक पत्रकार महोदय मुझे एक दोहा सुनाकर चिढ़ाते थे-
"गुर्जर अहीर कंजर
कुत्ता बिल्ली बंदर
ये छै ना होते
तो खुले किवाड़ों सोते
दूसरे पत्रकार ने मुझे एक दोहा बताया कि आप उन्हें यह सुना दिया करो. जिसमें ब्राह्मण और वे** का जिक्र है. साथ ही साथ मैंने यह भी बोला कि यह दोहा बहुत ज्यादा खराब था इसलिए मैंने कभी नहीं सुनाया, और मैं भी इसे ठीक नहीं मानता. क्योंकि ब्राह्मण भी बहुत भले होते हैं. लेकिन जिनके दिमाग में फितूर भरा होता है ऐसे लोग इसकी कुछ सेकंड की क्लिप चलाकर मेरे ऊपर निशाना साध रहे हैं. समझदार लोगों को पूरा वीडियो सुनकर सच्चाई की तह तक पहुंचना चाहिए.
बीजेपी ने भाटी के बयान पर क्या कहा?
मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इस बयान ने समाजवादी पार्टी की “नफरत भरी सोच” और “असल चरित्र” को उजागर कर दिया है. ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा पहले भी सनातन धर्म, संतों और सामाजिक सद्भाव को लेकर कई विवादित बयान दिए जाते रहे हैं. उन्होंने Azam Khan के ‘भारत माता’ से जुड़े बयान, Swami Prasad Maurya की ‘रामचरितमानस’ पर की गई टिप्पणियों और समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं के बयानों का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav को यह साफ करना चाहिए कि क्या राजकुमार भाटी का बयान पार्टी की विचारधारा का हिस्सा है. ब्रजेश पाठक ने कहा कि अगर पार्टी इस बयान से सहमत नहीं है, तो उसे भाटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.
क्या कांग्रेस ने भी जताई आपत्ति?
इस मामले में Ajay Rai ने भी नाराजगी जताई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा बेहद निंदनीय है. अजय राय ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराओं में मतभेद होना अलग बात है, लेकिन किसी पूरे समुदाय का अपमान करना स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि सिर्फ माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं है और ऐसे गैर-जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए.




