Operation Sindoor के बाद पहली बार भारत ने पाकिस्तानी मंत्री को नई दिल्ली बुलाया, जानें कौन हैं Aurangzeb Khan Khichi
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पहली बार पाकिस्तान के वरिष्ठ मंत्री औरंगजेब खान खीची को नई दिल्ली में SCO के सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम के लिए आमंत्रित किया है. कार्यक्रम नवंबर 2026 में प्रस्तावित है.
भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खीची (Aurangzeb Khan Khichi) को नई दिल्ली में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्यक्रम 20-21 नवंबर 2026 को आयोजित होना है. मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के चलते भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री को भारत की ओर से दिया गया यह पहला ऐसा निमंत्रण है.
इस घटनाक्रम का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं. 2016 में पठानकोट और उरी हमलों के बाद रिश्तों में आई गिरावट के बीच दोनों देशों ने 2019 में अपने राजनयिक प्रतिनिधियों को वापस बुला लिया था. इसके बावजूद शंघाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों को एक साथ काम करना पड़ता है. भारत ने इस फोरम की मेजबानी का प्रस्ताव रखा है, इसलिए SCO के सदस्य देशों को आमंत्रित करना उसकी मेजबान के रूप में जिम्मेदारी का हिस्सा है.
SCO के मंच पर भारत-पाकिस्तान की मुलाकात क्यों अहम?
- भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का रास्ता लंबे समय से बंद है, लेकिन बहुपक्षीय कूटनीति के तहत दोनों देशों का संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. SCO इसी तरह का एक मंच है, जहां सदस्य देश क्षेत्रीय सहयोग, संपर्क व्यवस्था, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं.
- पाकिस्तान को निमंत्रण देना अपने आप में द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार का संकेत नहीं माना जा सकता. फिलहाल यह कदम SCO के कार्यक्रम और सदस्यता से जुड़ी जिम्मेदारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है.
- भारत ने सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित SCO राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक के दौरान इस सिविलाइजेशनल डायलॉग का प्रस्ताव रखा था. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में SCO शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक को संबोधित करते हुए भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी की औपचारिक घोषणा की.
- इस फोरम का उद्देश्य यूरेशियाई देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है. इसके तहत प्राचीन सभ्यताओं की साझा विरासत, कला, साहित्य और परंपराओं को सामने लाने पर जोर रहेगा.
- भारत और पाकिस्तान के बीच SCO के तहत संपर्क की यह कोशिश सितंबर 2026 में भी देखने को मिली थी. उस समय भारत के SCO राष्ट्रीय समन्वयक आलोक डिमरी के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद में राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक में हिस्सा लिया था. वहां संपर्क व्यवस्था, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, पारगमन और व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. लगभग दो साल बाद किसी SCO बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान में मौजूदगी को भी अहम माना गया.
- इससे पहले अक्टूबर 2024 में तत्कालीन विदेश मंत्री एस. जयशंकर SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद गए थे. भारत ने मई 2023 में गोवा में SCO विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की थी, जिसमें पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी शामिल हुए थे.
- अब खीची को निमंत्रण उसी बहुपक्षीय कूटनीतिक प्रक्रिया की अगली कड़ी है. हालांकि, पाकिस्तान ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि वह इस कार्यक्रम में किसे भेजेगा.
कौन है Aurangzeb Khan Khichi?
औरंगजेब खान खीची पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्रालय के संघीय मंत्री हैं. वह पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य भी हैं. पाकिस्तान सरकार की आधिकारिक मंत्रालय वेबसाइट पर उनका नाम इस पद के साथ दर्ज है. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के रिकॉर्ड के अनुसार, खीची अगस्त 2018 में भी संसद के सदस्य बने थे और फरवरी 2024 में 16वीं नेशनल असेंबली के लिए दोबारा शपथ ली. आधिकारिक संसदीय प्रोफाइल में उनका निर्वाचन क्षेत्र NA-159 (Vehari-IV) दर्ज है.
खींची का संभावित भारत दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव हुआ था. इसके बाद किसी पाकिस्तानी मंत्री की भारत यात्रा नहीं हुई है. यदि खीची निमंत्रण स्वीकार करते हैं, तो मई 2023 में बिलावल भुट्टो जरदारी के गोवा दौरे के बाद यह किसी पाकिस्तानी मंत्री की पहली भारत यात्रा होगी.
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 7 मई 2025 को चलाया गया एक सैन्य हवाई अभियान था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें पाकिस्तान-समर्थित आतंकी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी. 6-7 मई 2025 की रात को भारतीय वायुसेना (रफाल जेट्स आदि का उपयोग करके) और सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए.
इस ऑपरेशन का नाम 'ऑपरेशन सिंदूर' इसलिए रखा गया क्योंकि पहलगाम हमले में कई महिलाओं का सुहाग (सिंदूर) उजड़ गया था, और इस अभियान का उद्देश्य उन पीड़ितों को न्याय दिलाना था. भारत के अनुसार इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. इस सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ के अनुरोध पर युद्धविराम लागू हुआ.




