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अब कहां जा रहे हैं Lallantop वाले सौरभ द्विवेदी? सोशल में मचा हल्ला

Saurabh Dwivedi Resigns: लल्लनटॉप ब्रांड को पहचान दिलाने वाले वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने इंडिया टुडे ग्रुप से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने संपादक पद भी छोड़ दिया है. माना जा रहा है कि सौरभ अब अपना स्वतंत्र मीडिया प्लेटफॉर्म शुरू करेंगे. उनके जाने को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.

अब कहां जा रहे हैं Lallantop वाले सौरभ द्विवेदी? सोशल में मचा हल्ला
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( Image Source:  x.com/saurabhtop )

Saurabh Dwivedi: हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. लल्लनटॉप ब्रांड को पहचान दिलाने वाले वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने इंडिया टुडे ग्रुप से इस्तीफ़ा दे दिया है. इसके साथ ही उन्होंने इंडिया टुडे के संपादक पद को भी छोड़ दिया है. प्रबंधन ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार करते हुए उन्हें कार्यमुक्त कर दिया है और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं.

सूत्रों के मुताबिक, सौरभ द्विवेदी अब अपना स्वतंत्र मीडिया प्लेटफॉर्म शुरू करने की तैयारी में हैं. उन्होंने अपने इस्तीफ़े की जानकारी सोशल मीडिया के ज़रिए भी साझा की, जिसके बाद पत्रकारिता जगत में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. उन्होंने शेर नासिर काज़मी के शेर को याद करते हुए लिखा- यूं ही आबाद रहेगी दुनिया, हम न होंगे कोई हमसा होगा. शुक्रिया The Lallantop मान, पहचान और ज्ञान के लिए. एक अल्पविराम के बाद नई यात्रा की तैयारी.

'सौरभ द्विवेदी का नाम अब एक ब्रांड बन चुका है'

सौरभ द्विवेदी का नाम आज सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि एक ब्रांड बन चुका है. लल्लनटॉप के ज़रिए उन्होंने यूट्यूब पत्रकारिता को नई भाषा, नया स्वाद और नया दर्शक वर्ग दिया. लंबे इंटरव्यू, सहज बातचीत, किताबों और विचारों को लोकप्रिय बनाना, ये सब उनकी पहचान बन गए. उनके इंटरव्यू सिर्फ सवाल-जवाब नहीं होते थे, बल्कि संवाद और विमर्श होते थे. चाहे जावेद अख्तर हों, नाना पाटेकर हों या सामाजिक-धार्मिक बहसें— सौरभ का अंदाज़ हमेशा अलग रहा.

पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की प्रतिक्रियाएं

सौरभ द्विवेदी के इस्तीफ़े पर पत्रकारिता जगत की कई बड़ी हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी है. कई लोगों का कहना है कि बिज़नेस हाउस के लिए कोई व्यक्ति स्थायी नहीं होता, स्थायी होता है उसका अपना मंच. वहीं, कुछ ने इसे पत्रकारिता का स्वाभाविक चक्र बताते हुए कहा कि पत्रकार वही है जो संस्थान बदलने का साहस रखता है.” कई वरिष्ठ पत्रकारों ने सौरभ को हिंदी का प्रभावशाली और साहसी चेहरा बताया. कई लोगों ने यहां तक कहा कि लल्लनटॉप से लल्लन निकल गया, अब सिर्फ टॉप बचा है.”

'सौरभ द्विवेदी ने डिजिटल पत्रकारिता की परिभाषा बदली'

Shadab नाम के यूजर ने फेयरवेल का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि सौरभ द्विवेदी ने डिजिटल पत्रकारिता की परिभाषा बदली. आज जब 'लल्लनटॉप' की अपनी इस पारी को विराम दे रहे हैं, तो केवल एक संपादक नहीं जा रहा, बल्कि उस नींव का पत्थर कम हो रहा है जिस पर यह पूरी इमारत खड़ी है. अगली उड़ान के लिए ढेरों शुभकामनाएं सरपंच जी!

'सौरभ द्विवेदी का लल्लनटॉप छोड़ना अप्रत्याशित'

ममता राजगढ़ नाम की यूजर ने लिखा- सौरभ द्विवेदी जी ने लल्लटॉप छोड़ दिया. बड़ा अप्रत्याशित सा है ये होना. वे तो खुद मालिक थे ना?

क्या नया मीडिया प्लेटफॉर्म बनेगा गेमचेंजर?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सौरभ द्विवेदी अपना नया मीडिया ब्रांड उसी प्रभाव के साथ खड़ा कर पाएंगे? उनके समर्थकों का मानना है कि जिस व्यक्ति ने लल्लनटॉप जैसा प्लेटफॉर्म खड़ा किया, वह दोबारा भी कर सकता है. वहीं कुछ लोग मानते हैं कि संस्थान का संसाधन और व्यक्तिगत पहचान, दोनों में फर्क होता है. फिलहाल इतना तय है कि हिंदी डिजिटल पत्रकारिता एक नए मोड़ पर खड़ी है. सौरभ द्विवेदी का अगला कदम सिर्फ एक करियर मूव नहीं, बल्कि मीडिया इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा प्रयोग हो सकता है.

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