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क्या और कितना खतरनाक होता है Turbulence, फुकेत-दिल्ली की Air India फ्लाइट में ऐसा क्या हुआ जिसमें 12 पैसेंजर हो गए घायल

एयर इंडिया की एक फ्लाइट जो फुकेत से दिल्ली आ रही थी वो अचानक टर्बुलेंस की चपेट में आ गई. जिससे कई यात्री घायल हो गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Turbulence Air India Flight
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Turbulence Air India Flight 

( Image Source:  ANI )

फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान सोमवार को अचानक भीषण टर्बुलेंस की चपेट में आ गई, जिससे विमान में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. तेज झटकों के दौरान विमान कुछ समय के लिए लगभग 300 फीट नीचे आ गया और कम से कम 12 यात्रियों को मामूली चोटें आईं. घटना के बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा और घायल यात्रियों को तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई.

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. वीडियो में विमान के अंदर घबराए हुए यात्री चीखते और प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि तेज टर्बुलेंस के कारण केबिन में सामान बिखरता नजर आता है. इस घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर टर्बुलेंस क्या होता है, विमान अचानक नीचे क्यों आता है और क्या इससे विमान दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है?

एयर इंडिया ने क्या कहा?

एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान में बताया कि फ्लाइट AI2379 के सभी यात्री और चालक दल के सदस्य दिल्ली पहुंचने के बाद सुरक्षित विमान से उतर गए. एयरलाइन के अनुसार, टर्बुलेंस के दौरान घायल हुए यात्रियों को एयरपोर्ट स्थित मेडिकल सेंटर में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। घटना के बाद सभी जरूरी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया.

विमान में मौजूद एक यात्री ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि उड़ान के करीब डेढ़ घंटे बाद अचानक विमान को जोरदार झटका लगा. उस समय अधिकांश यात्री सो रहे थे. यात्री के मुताबिक, विमान अचानक नीचे आया और करीब दो से तीन मिनट तक लगातार तेज झटके महसूस हुए। इस दौरान कई लोग अपनी सीटों से उछल गए और कुछ यात्रियों को चोटें भी आईं.

टर्बुलेंस क्या होता है?

टर्बुलेंस हवा की दिशा और गति में अचानक होने वाला बदलाव होता है. जब विमान ऐसे असमान वायु प्रवाह से गुजरता है, तो उसमें झटके महसूस होते हैं. इसे आसान भाषा में समझें तो जैसे सड़क पर चलते समय गाड़ी गड्ढे से गुजरती है और झटका लगता है, ठीक उसी तरह आसमान में हवा के असमान प्रवाह से गुजरने पर विमान हिलता है.

क्या टर्बुलेंस से विमान क्रैश हो सकता है?

रिपोर्ट के अनुसार, आधुनिक कमर्शियल विमान अत्यधिक टर्बुलेंस को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं. सामान्य या गंभीर टर्बुलेंस से विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बेहद कम मानी जाती है. ऐसी स्थिति में पायलट मौसम और वायु प्रवाह के अनुसार विमान की ऊंचाई बदलकर सुरक्षित रास्ता चुनते हैं.

टर्बुलेंस के दौरान सबसे ज्यादा खतरा किसे होता है?

टर्बुलेंस से सबसे ज्यादा जोखिम उन यात्रियों को होता है जिन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई होती. तेज झटकों के दौरान यदि यात्री सीट बेल्ट नहीं लगाए हों, तो वे अपनी सीट से उछलकर विमान की छत या अन्य हिस्सों से टकरा सकते हैं. इसी कारण उड़ान के दौरान सीट पर बैठे रहने और सीट बेल्ट बांधे रखने की सलाह दी जाती है.

टर्बुलेंस के दौरान क्या करें?

1. सीट पर बैठे रहें और सीट बेल्ट हमेशा बांधे रखें.

2. केबिन क्रू के निर्देशों का पालन करें.

3. टर्बुलेंस के दौरान अनावश्यक रूप से सीट छोड़कर न चलें.

4. ऊपर रखे सामान (ओवरहेड बिन) को अच्छी तरह बंद रखें.

5. घबराने के बजाय शांत रहें, क्योंकि अधिकांश मामलों में टर्बुलेंस कुछ ही मिनटों में समाप्त हो जाता है.

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