Begin typing your search...

ऑटोपायलट बंद, 3 हाइड्रोलिक सिस्टम फेल... आखिर Air India की फ्लाइट में क्या हुआ था? पायलट के डोप टेस्ट के बाद सामने आईं नई बातें

Air India की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में उड़ान के दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया. जांच में ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट होने और तीन हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी की बात सामने आई है. जानें पूरी डिटेल

ऑटोपायलट बंद, 3 हाइड्रोलिक सिस्टम फेल... आखिर Air India की फ्लाइट में क्या हुआ था? पायलट के डोप टेस्ट के बाद सामने आईं नई बातें
X

फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक Airbus A320 फ्लाइट में पिछले सप्ताह गंभीर तकनीकी गड़बड़ियां सामने आईं. उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे चला गया. इसके बाद विमान को स्थिर किया गया और वह सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया. अब इस घटना की जांच में विमान में एक साथ कई तकनीकी समस्याएं सामने आने की बात कही जा रही है.

PTI के सूत्रों के मुताबिक, विमान में ट्रिपल हाइड्रोलिक फेलियर, ऑटोपायलट का डिस्कनेक्ट होना और टर्बुलेंस समेत कई तकनीकी और मैकेनिकल समस्याएं आई थीं. इस घटना की गंभीरता को देखते हुए Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB ने जांच शुरू कर दी है. यह घटना 4 अगस्त को एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में हुई थी. इस फ्लाइट में Airbus A320 विमान VT-EXO का इस्तेमाल किया गया था.

उड़ान के दौरान क्या-क्या आई खराबी?

PTI सूत्रों के अनुसार, विमान जब उड़ान में था, उस दौरान ऑटोपायलट अचानक डिस्कनेक्ट हो गया. इसके बाद को-पायलट ने मैन्युअली विमान का नियंत्रण संभाला और उसे रिकवर किया. इसके बाद फ्लाइट-कंट्रोल स्टॉल वार्निंग भी मिली. विमान में लगे कई इंडिकेटर स्विच भी कुछ समय के लिए बंद हो गए. इसके अलावा विमान को उड़ान के दौरान कई तकनीकी और मैकेनिकल गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा. विमान टर्बुलेंस से भी गुजरा. सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में भी खराबी आई थी.

हाइड्रोलिक सिस्टम क्यों जरूरी होता है?

विमान में हाइड्रोलिक सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण होता है. इन सिस्टम में दबाव वाले तरल पदार्थ का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे विमान के कई मैकेनिकल हिस्सों को चलाने और नियंत्रित करने में मदद मिलती है. इनमें फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम भी शामिल होते हैं. ऐसे में एक साथ तीन हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी आना जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

4 अगस्त को आखिर क्या हुआ था?

4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की AI2379 फ्लाइट सामान्य रूप से उड़ान भर रही थी. इसी दौरान विमान ने अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई खो दी. हालांकि, क्रू ने स्थिति को संभाल लिया. विमान को दोबारा स्थिर किया गया और इसके बाद उसने दिल्ली के लिए अपनी यात्रा जारी रखी.

इस फ्लाइट में कुल 137 यात्री सवार थे. इनमें तीन बच्चे यानी शिशु भी शामिल थे. विमान में आठ क्रू मेंबर भी मौजूद थे. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया था कि इस घटना के बाद कुछ यात्रियों और केबिन क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी मिली थी.

क्या जांच की जा रही है?

इस गंभीर घटना की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB कर रहा है. जांच International Civil Aviation Organization यानी ICAO के Annex 13 के तहत की जा रही है. Annex 13 में विमान हादसों और गंभीर विमानन घटनाओं की जांच से जुड़े नियम और प्रक्रियाएं तय की गई हैं. जांच में अब विमान में आई अलग-अलग तकनीकी गड़बड़ियों और उनके संभावित संबंधों को देखा जा रहा है.

विमान निर्माता कंपनी Airbus ने सोमवार को कहा कि वह जांच में अधिकारियों की तकनीकी मदद करेगी. Airbus के एक प्रवक्ता ने कहा कि ICAO Annex 13 के तहत कंपनी संबंधित जांच अधिकारियों को तकनीकी सहायता दे रही है. कंपनी एयरलाइन को भी सहयोग दे रही है और आगे जानकारी उपलब्ध होने पर उसे साझा करेगी. Airbus ने जांच में मदद के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भेजने की भी बात कही है.

French aviation accident investigation agency BEA के भी जांच में शामिल होने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक, BEA और Airbus मंगलवार से जांच में शामिल हो सकते हैं. यह Airbus A320 विमान फ्रांस में बनाया गया था.

पायलट के डोप टेस्ट की भी चर्चा?

इस घटना के बीच विमान के कमांडिंग पायलट के psychoactive substance test को लेकर भी जांच और चर्चा हो रही है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 9 अगस्त को बताया था कि पायलट की शुरुआती स्क्रीनिंग में ऐसा परिणाम आया था, जिसके लिए आगे जांच की जरूरत थी. इसके बाद पायलट का confirmatory test कराया गया. इस टेस्ट का परिणाम अभी आना बाकी है. पायलट के टेस्ट के बाद इस बात को लेकर अटकलें लगने लगीं कि कहीं नशे की स्थिति का इस घटना में कोई योगदान तो नहीं था.

हालांकि, अभी confirmatory test का नतीजा सामने नहीं आया है. इसलिए इस आधार पर घटना की वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है

पायलट के टेस्ट को लेकर चर्चा के बीच विमान में सामने आई तकनीकी समस्याएं भी जांच का एक प्रमुख हिस्सा बन गई हैं. जांच में अब ऑटोपायलट के डिस्कनेक्ट होने, तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी, फ्लाइट-कंट्रोल स्टॉल वार्निंग, इंडिकेटर स्विच के कुछ समय के लिए बंद होने और टर्बुलेंस जैसी घटनाओं को देखा जा रहा है.

अगला लेख