क्या है एपस्टीन फाइल्स का मोदी कनेक्शन, कांग्रेस के दावों में कितना दम? सोशल में बवाल मचा रहे ये वीडियो
एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के अनुसार, फाइल्स में कहा गया है कि मोदी ने 2017 में इजरायल दौरे के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के फायदे के लिए एपस्टीन की सलाह ली. इसमें एपस्टीन और स्टीव बैनन से मुलाकात और बातचीत का भी हवाला दिया गया है. कांग्रेस का दावा है कि यह राष्ट्रीय शर्म का विषय है और पीएम मोदी को जनता को जवाब देना चाहिए. सरकार ने इसे एक दोषी की मनगढ़ंत बातें बताते हुए खारिज किया है.
Jeffrey Epstein with pm modi sexJeffrey Epstein
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी नई जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने के बाद कांग्रेस ने रविवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया. वहीं कांग्रेस के कई नेता सोशल मीडिया पर आरोप पर आरोप लगा रहा है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एपस्टीन और पीएम मोदी से जुड़े कई स्क्रीनशॉट साझा किए और सवाल उठाए कि प्रधानमंत्री एपस्टीन से क्या “सलाह” ले रहे थे. कांग्रेस ने इसे भारत के लिए राष्ट्रीय शर्म और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा के लिए गंभीर विषय बताया.
कांग्रेस ने कहा कि एपस्टीन एक दोषी यौन अपराधी था और उसके कथित ई-मेल और बातचीत को लेकर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है. कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी को जनता के सामने अपने संबंध और इस मामले में उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी देनी चाहिए.
एपस्टीन और अनिल अंबानी की चैट
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दो पोस्ट साझा कीं. पहली पोस्ट में 16 मार्च 2017 की चैट का स्क्रीनशॉट था, जिसमें अनिल अंबानी एपस्टीन से कुशनर और स्टीव बैनन (ट्रम्प के करीबी) से मुलाकात में मदद मांगते नजर आए. इसमें यह भी उल्लेख था कि ट्रम्प-मोदी की मुलाकात में एपस्टीन की मदद ली जा रही थी.
खेड़ा की दूसरी पोस्ट में 24 मई 2019 को हुई एपस्टीन-बैनन बातचीत का स्क्रीनशॉट था. इसमें एपस्टीन ने बैनन से कहा कि मोदी की मीटिंग बहुत “दिलचस्प” थी और मोदी के ‘आदमी’ ने उन्हें बताया कि वॉशिंगटन में कोई उनसे बात नहीं करता. साथ ही यह भी कहा गया कि मुख्य दुश्मन चीन है और उसका प्रॉक्सी पाकिस्तान.
कांग्रेस के सवाल
खेड़ा ने पांच अहम सवाल उठाए:
- 2019 के चुनावों के आस-पास मोदी एपस्टीन जैसे बदनाम अमेरिकी से संपर्क क्यों कर रहे थे?
- अमेरिका में उनकी दोस्ती को लेकर देश को क्यों गुमराह किया गया?
- गलवान विवाद के बाद चीन को क्लीन चिट क्यों दी गई?
- स्टीव बैनन के विज़न से मोदी क्यों सहमत हैं?
- क्या मोदी और बैनन की बीच कोई मीटिंग हुई, और उसमें क्या चर्चा हुई?
- खेड़ा ने कहा, “यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी और एपस्टीन का संबंध भारत के लिए शर्मनाक है.”
- एपस्टीन केस की पृष्ठभूमि
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था, जिस पर 2005 में नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा. 2008 में उसे दोषी ठहराया गया और 13 महीने की जेल हुई. एपस्टीन ने पाम बीच और मैनहट्टन में हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन किया, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल थीं. 2019 में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया, लेकिन 10 अगस्त 2019 को जेल में मृत पाया गया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके गले की हड्डियां टूटी पाई गईं, जो आत्महत्या के बजाय हत्या का शक देती हैं.
एपस्टीन मोदी कनेक्शन पर भारत सरकार का जवाब?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी के इजराइल दौरे का जिक्र केवल आधिकारिक ई-मेल है. मंत्रालय ने इसे “एक दोषी की मनगढ़ंत बातें” बताते हुए खारिज कर दिया.
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेता ने कहा कि ये कितना शर्मनाक है इसका अंदाजा आप खुद लगाइएगा जो आपके से कहने जा रही हूं. एपस्टीन फाइस्ल में अब पीएम मोदी का नाम का आ गया है. अमेरिका के सीरियल रेपिस्ट बाल शोषण के अपराधी मानव तस्करी के अपराधी 9 जुलाई 2017 को एक लेटर लिखा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सलाह ली और अमेरिकी राष्ट्रपति के किसी फायदे के लिए इजरायल में नाचे गाए और ये काम कर गए.
उन्होंने आगे कहा कि, जिसमें तारीख है सुनिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार से 6 जुलाई 2017 के बीच इजरायल के दौरे पर थे और उसके ठीक तीन दिन बाद एपस्टीन ने ये लेटर लिखा कि इजरायल दौरे से पहले 25 से 26 जून पीएम मोदी अमेरिकी दौरे पर थे. आगे उन्होंने कहा कि इस बात से साफ है कि पीएम मोदी और एपस्टीन का गहरा संबंध है जो कि भारत के लिए शर्मनाक है.
कौन था जेफ्री एपस्टीन और उसकी विवादित जिंदगी
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का एक करोड़पति फाइनेंसर था, जिसकी सामाजिक और राजनीतिक दुनिया में बड़ी पहुंच थी. उसे कई बड़े नेता और सेलिब्रिटीज का दोस्त माना जाता था. लेकिन उसकी जिंदगी का सबसे काला अध्याय 2005 में सामने आया, जब उस पर नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा. 2008 में अदालत ने उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया और उसे केवल 13 महीने की जेल हुई.
एपस्टीन पर आरोपों का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ. 6 जुलाई 2019 को उसे न्यूयॉर्क में फिर से गंभीर सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया. 23 जुलाई को वह अपने सेल में बेहोश पाया गया, और उसके गले पर चोटों के निशान मिले. सुरक्षा बढ़ाने के बावजूद, 10 अगस्त 2019 को उसी हाई-सिक्योरिटी जेल में उसकी मौत हुई. आधिकारिक रिपोर्ट ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन पोस्टमॉर्टम में उसकी गर्दन की हड्डियों के टूटने का संकेत मिला, जो आमतौर पर गला घोंटने से जुड़ा होता है, आत्महत्या से नहीं. साथ ही, उस दिन सेल के बाहर लगे सुरक्षा कैमरे काम नहीं कर रहे थे और फुटेज गायब थे.
एपस्टीन की मौत के बाद FBI और अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने मामले की जांच शुरू की. 30 जनवरी 2026 को जारी नई फाइल्स में खुलासा हुआ कि एपस्टीन नाबालिग लड़कियों का बार-बार यौन शोषण करता था. ये जानकारी 2010 में फ्लोरिडा में एक पीड़िता की ओर से दर्ज सिविल शिकायत में दर्ज की गई थी, जो अब सार्वजनिक हुई है.
(नोट- स्टेट मिरर हिंदी इन किसी दावों की पुष्टि नहीं करता है यह खबर कांग्रेस नेताओं के सोशल मीडिया के आरोपों पर है)





