Begin typing your search...

इंग्लिश में Phd-NDA में 3 साल टीचर, कौन हैं संतोष गोयल जो भीख मांगने को हुए मजबूर, बातें सुन आप भी होंगे हैरान

PhD कर NDA में पढ़ाने वाले डॉ संतोष गोयल आज आंखों की रोशनी खोकर सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर हैं. उनकी वायरल कहानी ने समाज और सिस्टम की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

इंग्लिश में Phd-NDA में 3 साल टीचर, कौन हैं संतोष गोयल जो भीख मांगने को हुए मजबूर, बातें सुन आप भी होंगे हैरान
X
( Image Source:  X: @Abhimanyu1305 )
रूपाली राय
By: रूपाली राय4 Mins Read

Updated on: 2 May 2026 4:16 PM IST

भारत की आजादी के बाद के स्वर्णिम युग में जहां शिक्षा और राष्ट्र सेवा का सम्मान चरम पर था, संतोष गोयल जैसे विद्वान युवा सपनों को हकीकत में बदल रहे थे. 1971 में अंग्रेजी में पीएचडी पूरी कर उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी में एजुकेशन कोर के टीचर के रूप में देश की रक्षा की नींव रखी. तीन सालों तक उन्होंने युवा कैडेट्स को ज्ञान की रोशनी दी, लेकिन नियति ने करवट ली. आंखों की गंभीर समस्या ने उन्हें बोर्ड से बाहर कर दिया.

आज 80 के पार पहुंचे इस बूढ़े विद्वान की आंखें न केवल रोशनी खो चुकी हैं बल्कि सम्मान और सहारा भी गंवा चुकी हैं. सड़कों पर भीख मांगते हुए उनका कांपता शरीर और टूटी आवाज हर दिल को छू लेती है. यह कहानी न केवल एक व्यक्ति की है बल्कि पूरे समाज की उदासीनता की है, जहां योगदान करने वाले बुजुर्ग बेसहारा छोड़ दिए जाते हैं. डॉ. संतोष गोयल की जिंदगी संघर्ष की मिसाल बन गई है. पीएचडी की डिग्री, एनडीए की सेवा के बाद आज वे सड़क पर भटक रहे हैं, आंखें बंद कर भीख मांगते हुए देश के प्रति अपना योगदान याद करते हुए आंसू रोक नहीं पाते.

कौन हैं संतोष गोयल और क्यों हो रहे हैं वायरल?

सड़कों पर भटकते-भटकते संतोष गोयल की मुलाकात एक ऐसे शख्स से हुई जिन्होंने उन्हें पूरे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. संतोष ने अपने बारें में बताया, 'मैंने 1971 में इंग्लिश में अपनी Ph.D. की थी उसके बाद, मैं 3 साल तक NDA में टीचर रहा और नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला में था.' संतोष गोयल की अब हालत ऐसी है कि उनके लिए यह विश्वास कर पाना मुश्किल है वह एक इतना पढ़े-लिखें और सम्मानीय पद पर काम कर चुके है. लेकिन अब वह आंखों से देख नहीं सकते. संतोष आगे कहा, 'जब मेरी आंखें खराब हो गईं, तो उन्होंने मुझे बाहर निकाल दिया. अगर मैंने वहां 15 साल काम किया होता,तो मुझे 75,000 से 80,000 रुपये की पेंशन मिल रही होती.'

बना चुके हैं इतने लोगों अफसर

संतोष ने बताया, 'मैं एजुकेशन कोर में टीचर रहा हूं. जहां से बच्चे 2nd लेफ्टिनेंट, कैप्टेन, मेजर, लेफ्टिनेंट कर्नल, कर्नल, ब्रिगेडियर, मेजर जनरल बनते हैं.' जब पूछा गया कि आप रहते कहां है? तो जवाब में संतोष ने कहा, 'यहीं आगरा में एक जगह है, जिसका नाम नगला पाड़ी है. वहां एक मंदिर है. मैं वहीं सोता हूं.' संतोष की काबिलियत सिर्फ यहीं तक सिमित नहीं है. वह बताते है कि जब बच्चे आते हैं, तो मैं अब भी उन्हें गाइड करता हूं. मैं M.A. वालों को गाइड करता हूं. हैमलेट, एंटनी एंड क्लियोपैट्रा, मैकबेथ, टेम्पेस्ट, ट्वेल्थ नाइट, मर्चेंट ऑफ वेनिस, जूलियस सीज़र, पैराडाइज लॉस्ट, कीट्स, शेली, रवींद्रनाथ टैगोर... हाई स्कूल इंटर, एक्टिव पैसिव, डायरेक्ट इनडायरेक्ट, फोर्सिंग, एनालिसिस, कंडीशनल, रीपोजिशन, सब्जेक्ट, पेडिग्री, कंपाउंड वगैरह। मैं ये सब पढ़ाता हूं.'

लाखों यूजर्स को भा गए संतोष गोयल

हालांकि उनसे बात करने वाले और उन्हें इतना वायरल करने वाले शख्स ने खुद को GST एडिशनल कमिश्नर बताया. उन्होंने बातचीत के अंत में संतोष गोयल को अपना ऑफिस का कार्ड दिया और उन्हें अपने ऑफिस में मिलने को कहा. यह वीडियो लाखों यूजर्स को पसंद आ रहा है. @Abhimanyu1305 नाम के एक्स यूजर्स ने उनका वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'किसी के चेहरे व पहनावा को देखकर उसकी औकात नहीं आंकी जा सकती, उदाहरण के तौर पर डॉ गोयल साहब को देखिए.' एक ने कहा, 'काबिलियत हमेशा इंसान के पास ही होती है कुछ नहीं हो जाए उसकी काबिलियत कोई नहीं ले सकता है.'

Viral Video
अगला लेख