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कहां छिपी थी TCS नासिक कांड वाली निदा खान, पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार? हुआ बड़ा खुलासा

TCS नासिक कांड में फरार चल रही आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. छत्रपति संभाजीनगर में गुरुवार देर रात संयुक्त पुलिस कार्रवाई के दौरान उसकी गिरफ्तारी हुई.

TCS Nashik Case Nida Khan
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TCS Nashik Case Nida Khan

( Image Source:  X/ @PrashanthKalasa, @WriterMK45 )

TCS नासिक कांड में फरार चल रही आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. छत्रपति संभाजीनगर में गुरुवार देर रात संयुक्त पुलिस कार्रवाई के दौरान उसकी गिरफ्तारी हुई. इस मामले ने आईटी सेक्टर में कार्यस्थल की सुरक्षा, धार्मिक दबाव और महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है.

पुलिस के अनुसार, निदा खान पर महिलाओं के साथ यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और कथित धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप हैं. आरोपी पिछले कई दिनों से फरार थी और उसकी तलाश में नासिक एसआईटी, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी.

कहां रह रही थी निदा खान?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, निदा खान पिछले चार दिनों से नारेगांव स्थित कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट में रह रही थी. वह अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ वहां छिपकर रह रही थी. पुलिस पिछले दो दिनों से फ्लैट पर निगरानी बनाए हुए थी. गुरुवार देर रात नासिक एसआईटी, छत्रपति संभाजीनगर क्राइम ब्रांच और पुलिस कमिश्नर कार्यालय की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नासिक ले जाया गया, जहां उसे जेएमएफसी जज के आवास पर पेश किया गया. अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस उसे आगे की पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई.

पहले कितने आरोपी हुए गिरफ्तार?

निदा खान की TCS नासिक यूनिट में कार्यरत थी. मामले के सामने आने के बाद कंपनी ने उसे निलंबित कर दिया था. इससे पहले इसी मामले में छह अन्य कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है और अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.

FIR में क्या-क्या हुए चौंकाने वाले दावे?

1. निदा खान सहकर्मियों पर इस्लामी परंपराएं अपनाने का दबाव बनाती थी.

2. वह कर्मचारियों को पहनावे और खानपान को लेकर धार्मिक सलाह देती थी.

3. निदा ने एक शिकायतकर्ता को बुर्का और हिजाब दिया, नमाज सिखाई और उसके मोबाइल फोन में इस्लामी शिक्षा से जुड़ी एप्लिकेशन इंस्टॉल की.

4. नाम बदलने और विदेश भेजने की साजिश का आरोप

5. जांच एजेंसियों का दावा है कि पीड़िता का नाम बदलकर हानिया रखने की योजना बनाई गई थी. साथ ही उसे नौकरी के बहाने मलेशिया भेजने की तैयारी भी की जा रही थी.

क्या है मालेगांव और मलेशिया कनेक्शन?

पुलिस अब इस मामले में कथित बाहरी फंडिंग और संभावित धर्मांतरण नेटवर्क की जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां मालेगांव और मलेशिया से जुड़े संभावित संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फॉरेंसिक जांच के बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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