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तमिलनाडु में विजय नहीं तो कोई नहीं! अगर हुआ ये काम... तो इस्तीफा देंगे TVK के 107 विधायक?

तमिलनाडु में यदि एमके स्टालिन की डीएमके या एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ती है, तो TVK अपने 107 विधायकों के सामूहिक इस्तीफे पर विचार कर सकती है.

Vijay TVK
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Vijay TVK

( Image Source:  X/ @georgeviews, @riskyyadav41 )

तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनावों के बाद अब सत्ता गठन को लेकर जबरदस्त हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कजगम (TVK) ने कथित तौर पर बड़ा राजनीतिक दांव खेलने की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यदि एमके स्टालिन की डीएमके या एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ती है, तो TVK अपने 107 विधायकों के सामूहिक इस्तीफे पर विचार कर सकती है.

हालांकि विजय की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी साफ दिखाई दे रही है. चुनाव के बाद से जारी राजनीतिक गतिरोध और सरकार गठन को लेकर चल रही अनिश्चितता ने TVK खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है.

क्यों नाराज TVK?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डीएमके और एआईएडीएमके के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है ताकि विजय की पार्टी को सत्ता से दूर रखा जा सके. यही वजह है कि TVK नेतृत्व अब बेहद आक्रामक रुख अपनाने के मूड में दिखाई दे रहा है.

सूत्रों के अनुसार, TVK नेताओं का मानना है कि विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद उन्हें सरकार गठन की प्रक्रिया से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है. पार्टी का आरोप है कि दोनों द्रविड़ दल विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए रणनीति बना रहे हैं.

चुनाव परिणामों ने बढ़ाई सियासी जंग

23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में डीएमके को 59 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके 47 सीटों पर सिमट गई. दूसरी ओर TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की, जिनमें विजय द्वारा जीती गई दो सीटें भी शामिल हैं. संवैधानिक प्रावधानों के तहत विजय को एक सीट छोड़नी होगी, जिसके बाद पार्टी के प्रभावी विधायकों की संख्या 107 रह जाएगी.

क्यों बहुमत से दूर TVK?

TVK को कांग्रेस का समर्थन भी प्राप्त है, जिससे उसकी कुल संख्या 112 तक पहुंच जाती है. हालांकि, 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है. ऐसे में पार्टी अभी भी बहुमत से छह सीट दूर है. यही कारण है कि TVK अब अन्य दलों और सहयोगियों से संपर्क साधने में जुटी हुई है.

TVK किन-किन दलों से कर रही बात?

सूत्रों के मुताबिक, TVK लगातार डीएमके के सहयोगी दलों से बातचीत कर रही है. इनमें विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK), वामपंथी दल और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) शामिल हैं. हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से खुलकर समर्थन का आश्वासन नहीं मिला है.

क्या है TVK का बयान?

TVK के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने मौजूदा हालात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा "जनादेश खंडित है, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता." इस बयान को पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और सत्ता गठन को लेकर बने दबाव के रूप में देखा जा रहा है.

क्या तमिलनाडु में बढ़ेगा राजनीतिक संकट?

यदि TVK वास्तव में अपने विधायकों के सामूहिक इस्तीफे जैसा बड़ा कदम उठाती है, तो तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक संकट खड़ा हो सकता है. फिलहाल सभी की नजरें विजय और प्रमुख राजनीतिक दलों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं.

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