एक्शन में शुभेंदु सरकार! 48 घंटे में लिए 14 बड़े फैसले, किस नैरेटिव को गढ़ने की है तैयारी?
बंगाल के नए सीएम शुभेंदु अधिकारी सरकार ने 48 घंटे में नमाज़, हिंसा, घुसपैठ, सिंडिकेट और केंद्रीय योजनाओं पर 14 बड़े फैसले लेकर नया राजनीतिक संदेश दिया.
बंगाल में ममता दीदी चुनाव क्या हारीं, बीजेपी नेतृत्व वाली नई सरकार ने उनके फैसलों ताबड़तोड़ पलटने में जुट गई है. सत्ता संभालने के सिर्फ 48 घंटों के भीतर शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने ऐसे फैसलों की झड़ी लगा दी, जिसने राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों में हलचल मचा दी है. सार्वजनिक जगहों पर नमाज पर रोक, चुनाव बाद हिंसा के मामलों को फिर से खोलने, मवेशी तस्करी और सिंडिकेट राज पर कार्रवाई से लेकर BSF को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देने तक - नई सरकार के इन फैसलों से साफ है कि वह ममता बनर्जी सरकार की नीतियों से बिल्कुल अलग रास्ते पर चलने वाली है.
इसके अलावा, शुभेंदु सरकार ने आयुष्मान भारत जैसी केंद्रीय योजनाओं को लागू करने, सरकारी नौकरियों में आयु सीमा बढ़ाने और BNS लागू करने जैसे फैसलों को “नए बंगाल मॉडल” की शुरुआत माना जा रहा है. समर्थक इसे कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे बीजेपी का सियासी एजेंडा बता रहे हैं. जानें बंगाल की नई सरकार ने जो एक के बाद एक 14 फैसले लिए वो क्या हैं?
1. सड़कों पर नमाज और लाउडस्पीकर पर रोक
पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने पद संभालते ही सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने का फैसला किया. सरकार ने साफ किया कि सड़कें और सार्वजनिक मार्ग धार्मिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे. कोलकाता के रेड रोड इलाके में सार्वजनिक नमाज की अनुमति खत्म करने का निर्देश भी दिया गया. इसके साथ ही लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को कोर्ट के दिशा-निर्देशों और तय ध्वनि सीमा तक सीमित करने का आदेश जारी हुआ. सरकार ने पत्थरबाजी की घटनाओं पर भी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही.
2. 2021 और 2023 चुनाव हिंसा के मामलों को फिर से खोलना
नई सरकार ने 2021 विधानसभा चुनाव और 2023 पंचायत चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों की दोबारा जांच कराने का फैसला लिया. पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन मामलों को बिना निष्कर्ष बंद किया गया था, उन्हें फिर से खोला जाए. सरकार का दावा है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए यह कदम जरूरी है.
3. BJP कार्यकर्ताओं की मौत के मामलों की जांच
शुभेंदु अधिकारी सरकार ने TMC शासन के दौरान मारे गए 321 BJP कार्यकर्ताओं के मामलों की जांच शुरू करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मृतकों के परिवार चाहेंगे तो सरकार केस दोबारा खोलेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी.
4. सांप्रदायिक हिंसा पर गैर-जमानती केस
सरकार ने पुलिस को निर्देश दिया है कि सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किए जाएं. अधिकारियों से कहा गया है कि कार्रवाई करते समय किसी राजनीतिक दल या पहचान को ध्यान में न रखा जाए. पुलिस को बिना दबाव के काम करने की खुली छूट दी गई है.
5. मवेशी तस्करी और अवैध पशु बाजारों पर कार्रवाई
नई BJP सरकार ने अवैध मवेशी तस्करी रोकने के लिए कई जिलों में विशेष अभियान शुरू किया है. मालदा, मुर्शिदाबाद, दिनाजपुर और उत्तर 24 परगना में अवैध पशु बाजार बंद करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने कहा कि केवल लाइसेंस प्राप्त पशु बाजार ही संचालित होंगे.
6. सिंडिकेट राज और अवैध खनन पर नकेल
सुवेंदु सरकार ने राज्य में कथित सिंडिकेट नेटवर्क और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है. अधिकारियों को जिला और ब्लॉक स्तर पर सक्रिय सिंडिकेट सिस्टम खत्म करने को कहा गया है. सरकार का दावा है कि इससे भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर रोक लगेगी.
7. BSF को 45 दिनों में सीमा की जमीन सौंपने का फैसला
बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सरकार ने BSF को 45 दिनों के भीतर जमीन हस्तांतरित करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा मजबूत करने और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है.
8. क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों की हटेगी सुरक्षा
नई सरकार ने निर्देश दिया कि आपराधिक मामलों में घिरे लोगों को मिली अतिरिक्त सुरक्षा की समीक्षा की जाए. VIP सुरक्षा केवल वास्तविक खतरे के आकलन के आधार पर ही जारी रहेगी. कई नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच शुरू हो चुकी है.
9. केंद्रीय योजनाओं को लागू करने का आदेश
सुवेंदु अधिकारी ने आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, विश्वकर्मा योजना, PM SHRI और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं को पश्चिम बंगाल में लागू करने का निर्देश दिया. सरकार ने कहा कि पिछली सरकार ने राजनीतिक कारणों से इन योजनाओं को रोके रखा था.
10. पश्चिम बंगाल में BNS लागू होगा
नई सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप काम करेगा और IPC की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बदला जाएगा.
11. सरकारी संस्थाओं से TMC सदस्यों की छुट्टी
राज्य सरकार ने विभिन्न बोर्ड, PSU और गैर-सांविधिक संस्थाओं में TMC शासन के दौरान नियुक्त नामित सदस्यों और अध्यक्षों को हटाने का आदेश दिया. इसके साथ ही 60 साल से अधिक उम्र वाले अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति और सेवा विस्तार खत्म करने का फैसला लिया गया.
12. IAS और IPS अधिकारियों को प्रशिक्षण की मंजूरी
सुवेंदु सरकार ने IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लेने की अनुमति दे दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और राज्य की कार्यप्रणाली राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगी.
13. सरकारी नौकरियों की आयु सीमा 45 साल
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को राहत देते हुए अधिकतम आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई. सरकार का कहना है कि इससे उन उम्मीदवारों को मौका मिलेगा जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण बाहर हो रहे थे.
14. जनगणना प्रक्रिया शुरू करने का आदेश
नई सरकार ने राज्य में जनगणना प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने केंद्र के निर्देशों के बावजूद इस प्रक्रिया को रोके रखा था. अब प्रशासन को जनगणना कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है.




