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गर्मियों में कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली आम? इन 5 तरीकों से ऐसे करें मिनटों में पहचान

गर्मी आ गई और बाजार में आम आने शुरू हो गए हैं. ज्यादातर लोग आम के शौकीन होते हैं, लेकिन आजकल बाजार में केमिकल आम ज्यादा मिलने लगे हैं. आप पानी में आम को डालने से लेकर रंग देखकर 5 तरीकों से केमिकल वाले आम की पहचान कर सकते हैं.

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5 आसान तरीकों से करें केमिकल वाले आम की पहचान

( Image Source:  chatgpt )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Published on: 13 May 2026 6:49 PM

गर्मी का मौसम आते ही बाजार में आमों की बहार शुरू हो जाती है. दशहरी, लंगड़ा, चौसा और अल्फांसो जैसे आम लोगों की पहली पसंद बन जाते हैं. लेकिन बढ़ती मांग के साथ बाजार में कई बार ऐसे आम भी बिकने लगते हैं जिन्हें जल्दी पकाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है. बाहर से चमकदार और पीले दिखने वाले ये आम सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.

लेकिन आजकल बाजार में प्राकृतिक तरीके से पके आमों से ज्यादा केमिकल से पकाए गए आम मिलने लगे हैं. कई लोग आम को जल्दी पकाने और चमकदार दिखाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे में आप खुशबू से लेकर छिलके की बनावट तक के जरिए 5 तरीकों से केमिकल वाले आम की पहचान कर सकते हैं.

खुशबू से समझें फर्क

असली और प्राकृतिक रूप से पके आम से मीठी और ताजगी भरी खुशबू आती है. खासतौर पर डंठल के पास सूंघने पर इसकी पहचान आसानी से हो जाती है. वहीं नकली या केमिकल वाले आम में या तो खुशबू बहुत कम होती है या फिर अजीब सी तेज गंध महसूस होती है.

पानी में डालकर करें आसान टेस्ट

आम खरीदने के बाद उसे पानी से भरे बर्तन में डालें. प्राकृतिक रूप से पका आम आमतौर पर पानी में डूब जाता है, जबकि केमिकल से पकाए गए कई आम ऊपर तैरने लगते हैं. हालांकि यह तरीका हर बार पूरी तरह सही नहीं होता, लेकिन शुरुआती पहचान में मदद जरूर करता है.

छिलके की बनावट पर दें ध्यान

प्राकृतिक रूप से पके आम का छिलका थोड़ा नरम और हल्का दागदार हो सकता है. वहीं केमिकल से पकाए गए आम ऊपर से बहुत ज्यादा चिकने और चमकदार दिखते हैं. अगर आम जरूरत से ज्यादा सख्त लगे, तो समझ जाएं कि उसे कृत्रिम तरीके से पकाया गया हो सकता है.

रंग देखकर करें पहचान

नैचुरली पका आम पूरी तरह एक जैसे रंग का नहीं होता. उसमें हल्का हरा, पीला या नारंगी शेड दिखाई देता है. वहीं केमिकल से पकाए गए आम अक्सर जरूरत से ज्यादा चमकीले पीले नजर आते हैं. कई बार उनका रंग ऊपर से तो पीला होता है, लेकिन डंठल के पास हरा हिस्सा बना रहता है.

काटने के बाद भी मिलते हैं साइन

अगर आम अंदर से बहुत ज्यादा पीला और बाहर से अलग रंग का दिखे, तो सावधान हो जाएं. कई नकली आम अंदर से कच्चे और स्वाद में फीके निकलते हैं. प्राकृतिक आम का गूदा रसदार, मीठा और खुशबूदार होता है. आम खरीदते समय सिर्फ उसका रंग देखकर फैसला करना सही नहीं है. उसकी खुशबू, छिलका, बनावट और स्वाद जैसे छोटे साइन आपको असली और नकली आम में फर्क समझा सकते हैं. थोड़ी सावधानी आपको केमिकल वाले आमों से बचाकर स्वाद और सेहत दोनों का आनंद दिला सकती है.

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