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Exclusive:'गाड़ने की बात करते हैं, वोट कैसे दें?' मुस्लिम वोट पर राशिद अल्वी के बेबाक बोल- योगी को भी खूब सुनाया!

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने स्टेट मिरर से बातचीत में मुस्लिम वोट और भाजपा के बयानों पर सवाल उठाए. जानिए उन्होंने क्यों कहा कि मुसलमान भाजपा को वोट क्यों दें?

Exclusive:गाड़ने की बात करते हैं, वोट कैसे दें? मुस्लिम वोट पर राशिद अल्वी के बेबाक बोल- योगी को भी खूब सुनाया!
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2027 के विधानसभा चुनावों से पहले देश में हिंदू-मुस्लिम राजनीति, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और विपक्षी एकजुटता को लेकर सियासी हलचल तेज है. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राशिद अल्वी ने भाजपा की राजनीति और मुस्लिम मतदाताओं को लेकर लगाए गए आरोपों पर तल्ख सवाल उठाए हैं. स्टेट मिरर से बातचीत में अल्वी ने कहा कि जब भाजपा के नेता मुसलमानों के खिलाफ बयान देते हैं और उन्हें मिट्टी में गाड़ने की बात करते हैं, तो मुस्लिम मतदाता उन्हें वोट क्यों दें? उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभ, राजनीतिक बयानों और सुरक्षा के भरोसे को लेकर भाजपा पर तीखे आरोप लगाए.

मुस्लिम मतदाता भाजपा को वोट क्यों दें?

स्टेट मिरर ने राशिद अल्वी से सवाल पूछा था कि मुस्लिम मतदाताओं को लेकर भाजपा नेताओं का आरोप है कि मुसलमान केंद्र सरकार या भाजपा शासित राज्य सरकारों की योजनाओं का लाभ तो उठाते हैं, लेकिन पार्टी को वोट नहीं देते. ऐसा क्यों?

इसके जवाब में उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि भाजपा का रवैया हमेशा से मुस्लिम विरोधी रहा है. यह बात सही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ मुसलमानों को भी मिलता है. इसके बावजूद मुस्लिम मतदाता उन्हें वोट क्यों दें?

उन्होंने कहा, 'वे तो हमेशा मुसलमानों को गाड़ने यानी मिट्टी में दफनाने की बात करते हैं.' अब आप ही बताएं, आप किसी को खाना खिला दें और उसे भला-बुरा कहें, इतना ही नहीं, सार्वजनिक रूप से उसका अपमान करें तो क्या जरूरत पड़ने पर वह आपका साथ देगा? इसका जवाब है- नहीं देगा. मुसलमान सबसे पिछड़ा समाज है. सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना उसकी मजबूरी है. यह सब जानते हुए भाजपा नेता उनकी भावनाओं से खेलते हैं. साफ है कि वे लोग भी उन्हें वोट नहीं देते.

दूसरी तरफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां भाजपा के इस रुख को खुलकर गलत बताती हैं. ऐसे में इंसान किसका साथ दे? तय है कि जहां से उसे सुरक्षा का भरोसा मिलेगा, वह उसे वोट देगा. ऐसा इसलिए करेगा क्योंकि भाजपा वाले योजना का लाभ भले ही दें, लेकिन हमेशा उसका एहसान जताते हैं तथा अपने बयानों से उन्हें खतरे में होने का अहसास कराते हैं.

दंगों और बाबू बजरंगी का जिक्र कर मोदी पर क्या बोले अल्वी?

राशिद अल्वी ने गुजरात में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि 'बाबू बजरंगी' कहा करता था- 'हमने घरों पर निशान लगा दिए, 72 घंटे पुलिस वाले कुछ नहीं कर सकते.' उसी के केस के जज बदलवाने वाले मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद एक मुलाकात में मुझसे कहा था- '2002 में सांप्रदायिक दंगे मैंने नहीं करवाए, वो प्रवीण तोगड़िया ने करवाए थे.'

पीएम मोदी ने हाल ही में 'नाराज फूफा' वाला बयान दिया था. क्या उनके इस बयान का मतलब मुस्लिम समाज के लोग नहीं समझते हैं? लाल किले से पीएम ने किसे 'दिमागी नक्सल' कहा? क्या राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता उन्हें दिमागी नक्सल दिखाई देते हैं? क्या राहुल गांधी बंदूक लेकर घूमते हैं? ये सब तो छवि खराब करने वाली बातें हैं.

योगी के पुराने बयान को लेकर क्या बोले अल्वी?

मुसलमानों के प्रति भाजपा के रवैये के बारे में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए राशिद अल्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2007 में, जब वह गोरखपुर से सांसद थे, तब कहा था, “एक हिंदू पर हमला होगा तो 100 मुसलमानों को सबक सिखाएंगे.”

हिमंत बिस्वा सरमा और गिरिराज सिंह पर क्या कहा?

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बंदूक लेकर खड़े रहते हैं, सबको मारने के लिए. राहुल गांधी को लेकर पता नहीं वह क्या-क्या कह जाते हैं. वह घुसपैठियों के मुद्दे की आड़ में मुसलमानों के खिलाफ क्या-क्या कहते हैं, यह देश की जनता जानती है.

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 18 अक्टूबर 2025 को बिहार के अरवल में चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर यह बयान दिया था कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बावजूद अल्पसंख्यक समुदाय भाजपा को वोट नहीं देता. उन्होंने मंच से पूछा कि उपकार न मानने वाले को क्या कहते हैं, फिर कहा कि उन्हें नमक हरामों का वोट नहीं चाहिए.

2027 के चुनावों में भाजपा के सामने कौन से मुद्दे होंगे?

राशिद अल्वी ने कहा कि 2027 के शुरुआती महीनों में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. भाजपा का चोला खुलकर सामने आ गया है. भाजपा के लिए महंगाई, बेरोजगारी, कीमतें, रोजगार, मुद्रास्फीति और गरीबी कोई मुद्दा नहीं है. देश की आधी आबादी को केंद्र सरकार ने गरीब बना रखा है. इसी से आप समझ सकते हैं कि देश कहां खड़ा है.

यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर क्या है उम्मीद?

राशिद अल्वी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम कमजोर हैं. सपा और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगे. हमें उम्मीद है कि यूपी में विपक्षी गठबंधन की सरकार बनेगी.

स्टेट मिरर स्पेशलयोगी आदित्‍यनाथनरेंद्र मोदी
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