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व्यापारियों के बाद रैली से रास्ते बंद होने की वजह से बेबस राहगीर, कइयों की छूटी ट्रेन- लोगों ने ठहराया दिल्ली पुलिस को जिम्मेदार- Ground Report

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के चलते कई रास्तों पर यातायात प्रभावित हुआ. राहगीरों की ट्रेन छूटी, लोगों ने दिल्ली पुलिस को जिम्मेदार ठहराया.

व्यापारियों के बाद रैली से रास्ते बंद होने की वजह से बेबस राहगीर, कइयों की छूटी ट्रेन- लोगों ने ठहराया दिल्ली पुलिस को जिम्मेदार- Ground Report
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सागर द्विवेदी
सागर द्विवेदी6 Mins Read

Updated on: 1 Nov 2026 5:45 PM IST

1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली हुई. विपक्ष के तमाम दलों के नेता एक मंच पर जुटे और केंद्र की मोदी सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा. रैली का नाम 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रखा गया था. इस रैली में मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हुई तो वहीं वोट चोट गद्दी छोड़ के नारे गुंजे.

इससे पहले सुबह करीब 11 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में पवन खेड़ा, धर्मेंद्र यादव, मनीष तिवारी और प्रमोद तिवारी समेत कई सांसद पहुंचे. यहां नेताओं ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनमें उत्साह भरने की कोशिश की. वहीं, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नेता खरगे के आवास पर जुटे. इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे सभी नेता रामलीला मैदान के लिए रवाना हुए. रास्ते में भी 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे गूंजते रहे.

विपक्ष की रैली के बीच आम लोगों को हुई परेशानी, कई रास्तों से लौटे

रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की रैली के चलते दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ. त्योहारों के सीजन में बाजार और सड़कों पर पहले से ही लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई थी. ऐसे में रैली और सुरक्षा इंतजामों के कारण कई राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

स्टेट मिरर हिंदी ने रास्ते में फंसे कुछ लोगों से बात की. एक युवक ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ गांव जाने के लिए निकला था, लेकिन रास्ता बंद होने की वजह से वह रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच पाया और उसकी ट्रेन छूट गई. कुछ लोग आधे रास्ते से ही घर लौटते दिखे, तो कुछ पैदल ही रास्ता तलाशते रहे. इसी के साथ जब लोगों से सवाल किया है कि इसका दोष आखिर किसको जाता है मोदी सरकार को या फिर इंडिया गठबंधन की इस रैली को युवक ने साफ शब्दों में कहा कि इसका दोष को दिल्ली पुलिस को है. इसी के साथ आइए नीचे जानते हैं रामलीला मैदान में राहुल समेत विपक्षी दलो ने क्या कहा?

राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाएगा, जेल भी जाएंगे

रामलीला मैदान में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार रात में सो नहीं पा रहे होंगे. राहुल ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं, लेकिन उन्होंने देश की आवाज और आत्मा को दबाने की कोशिश करके सबसे बड़ा अपराध किया है.

राहुल गांधी ने मंच से दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाया जाएगा और वह जेल जाएंगे. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के बिना न तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन पाते और न ही अमित शाह गृह मंत्री बनते. राहुल ने यह भी कहा कि अमित शाह ने कहा था कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे, लेकिन वह कहना चाहते हैं कि मोदी कहीं जा नहीं सकते, भले ही वह जाना चाहें.

'हम नफरत नहीं फैलाते, मोहब्बत की दुकान खोलते हैं'

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि विपक्ष किसी से नफरत नहीं करता. उन्होंने कहा, 'हम नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से नफरत नहीं करते. हम नफरत की नहीं, मोहब्बत की दुकान खोलने वाले लोग हैं. हम अहिंसा में विश्वास करते हैं.'

उन्होंने कहा कि उनके लिए भारत के हर नागरिक की आवाज सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम, सिख, आदिवासी, दलित, महिला या दिव्यांग, हर व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए. राहुल ने कहा कि देश में फिर से भाईचारा और मोहब्बत कायम करना है. उन्होंने साफ किया कि विपक्ष हिंसा नहीं करेगा, किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा और नफरत नहीं फैलाएगा, लेकिन संविधान को खत्म नहीं होने देगा.

'वोट चोरी से सत्ता में आए', राहुल ने कई चुनावों का किया जिक्र

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में कई सालों से वोट चोरी हो रही है. उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनावों के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र किया. राहुल ने आरोप लगाया कि EVM और वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने के जरिए वोटों की चोरी की गई.

उन्होंने कहा कि देश में किसान को उसका हक नहीं मिल रहा, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और मजदूर भी अपने अधिकारों से वंचित हैं. राहुल के मुताबिक, देश की पूरी संपत्ति दो-तीन लोगों के हाथों में सिमट गई है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसा भारत स्वीकार नहीं करेगा.

महबूबा मुफ्ती बोलीं- 'कहीं पूरे देश को जम्मू-कश्मीर न बना दें'

रैली में PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिस संविधान ने लोगों को सरकार बदलने, नई सरकार बनाने और सत्ता से किसी सरकार को हटाने का अधिकार दिया है, अब उसी अधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 2019 में जम्मू-कश्मीर में संविधान को खत्म किया गया और वहां के लोगों को बर्बाद कर दिया गया. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों की रक्षा करें, वरना कहीं पूरे देश को जम्मू-कश्मीर न बना दिया जाए. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस संघर्ष में विपक्ष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है.

स्टेट मिरर स्पेशल
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