'जो कभी संसद में रोया था, वो आज कहता है- मिट्टी में मिला दूंगा', राशिद अल्वी ने योगी पर क्यों उठाए सवाल? Exclusive
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने स्टेट मिरर से बातचीत में योगी आदित्यनाथ के पुराने और मौजूदा सियासी तेवरों, 2007 के संसद प्रकरण और यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए.
यूपी विधानसभा चुनाव में अभी तीन महीने बाकी हैं, लेकिन वहां की राजनीति अभी से गरमाने लगी है. इसे लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा सियासत में वक्त के साथ नेताओं के तेवर कैसे बदलते रहते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है. स्टेट मिरर से बातचीत में अल्वी ने योगी के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए 2007 की उस घटना को याद किया, जब वह लोकसभा में तत्कालीन स्पीकर सोमनाथ चटर्जी के सामने भावुक हो गए थे. अल्वी ने सवाल उठाया कि कभी अपने खिलाफ कार्रवाई को लेकर सदन में भावुक होकर रोने वाले योगी आज विरोधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कैसे करते हैं? समझें, योगी के सियासी तेवरों में आए इस बदलाव को राशिद अल्वी किस नजरिए से देखते हैं?
जब स्टेट मिरर ने जनता दल, बसपा और अब कांग्रेस की राजनीति करने वाले पूर्व सांसद राशिद अल्वी से पूछा कि तीन महीने में यूपी में विधानसभा चुनाव होगा. आप प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की राजनीति को आप किस रूप में लेते हैं? आम भाषा में लोगों को कहना चाहें, तो क्या कहेंगे?
संसद में रोने वाले योगी कैसे बदले?
इसके जवाब में राशिद अल्वी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी जब से राजनीति में आए और सांसद चुने गए, उस समय मैं भी संसद सांसद था. उन्होंने आगे कहा, 'मैंने उन्हें संसद में आंसुओं से रोते हुए देखा है.' संसद के अंदर उन्होंने तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी से शिकायत की थी कि प्रदेश की मुलायम सिंह की सरकार उनके खिलाफ झूठे मुकदमे बना रही है, एफआईआर दर्ज की जा रही हैं. उस समय वो संसद में रोए तक थे.
वहीं योगी जब सीएम बनने के बाद कितने लोगों को कहते हैं कि मैं तुम्हारी गर्मी निकाल दूंगा. कितनों को कहते हैं कि तुम्हें मिट्टी में मिला दूंगा. मैं, पूछता हूं, तब आपके साथ क्या हुआ था? तब योगी जी का एटीट्यूड क्या था? आज उनका एटीट्यूड क्या है? वही योगी आदित्यनाथ आज कहते हैं कि मैं, 'सबको मिट्टी में मिला दूंगा.'
अल्वी ने योगी को क्यों घेरा?
राशिद अल्वी ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उनके पास प्रशासनिक अनुभव कभी नहीं रहा. फिर बीजेपी-आरएसएस ने उन्हें यूपी जैसे राज्य का सीएम क्यों बनाया? सिर्फ इसलिए कि उनका विचार हमेशा से मुसलमानों के खिलाफ रहा है.
उन्होंने यूपी में क्राइम का जिक्र करते हुए कहा कि आज क्राइम के खिलाफ वही बोल रहा है जो खुद क्रिमिनल है. योगी आदित्यनाथ सीएम हैं. उनकी बड़ी शोहरत है. दावा किया जाता है कि उन्होंने यूपी में क्राइम खत्म कर दिया.
जबकि उन्होंने करीब-करीब 15 हजार एनकाउंटर किए हैं? जिसमें बड़ी तादाद में फेक एनकाउंटर हैं. लेकिन उनसे कोई यह नहीं पूछता कि योगी जी, आपके खिलाफ कितने क्रिमिनल केस थे, जब आपने लोकसभा चुनाव में नॉमिनेशन फाइल करते वक्त अपने हलफनामे में जिक्र किया था.
इसका जवाब देते हुए खुद राशिद अल्वी ने कहा कि लोकसभा चुनाव वाले नॉमिनेशन में उन्होंने 12 या 13 क्रिमिनल केस का हवाला दिया था. इसमें हर तरह के केसेज शामिल थे. नफरत फैलाने के आरोप भी थे.
क्या पहले कभी ऐसा हुआ?
राशिद अल्वी ने ताज्जुब जताते हुए कहा कि उन्होंने यूपी का सीएम बनते ही सभी मुकदमे विदड्रॉ कर लिए. ऐसा हिन्दुस्तान में कभी किसी सीएम ने नहीं किया. उसके बाद आप दावा करते हैं कि आपने प्रदेश का कानून ठीक कर दिया. यूपी में क्राइम खत्म कर दिया. जबकि आज भी पूरे हिन्दुस्तान के अंदर मुकदमे दर्ज होते हैं, उनमें से 12.5 फीसदी केस यूपी के होते हैं, जिसमें डकैती और रेप के केस भी शामिल हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा कि बावजूद इसके वह कैसे कह सकते हैं कि यूपी में कानून व्यवस्था ठीक है. दरअसल, आज के और कल की राजनीति में सबसे बड़ा फर्क यही है, कल तक जो ईमानदारी से बात करता था, वो ईमानदार से डरता था. यानी योगी जो बात करते हैं, उसके लिए कहीं न कहीं खुद भी जिम्मेदार हैं.
क्या था वो मामला, जिसका जिक्र योगी ने स्पीकर से किया था?
योगी आदित्यनाथ ने 2007 में लोकसभा के तत्कालीन स्पीकर सोमनाथ चटर्जी के सामने अपनी बात रखते हुए भावुक होकर रो पड़े थे. यह मामला उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौर का है.
क्या हुआ था 2007 में?
गोरखपुर से जुड़े एक मामले में गिरफ्तारी के बाद योगी आदित्यनाथ को करीब 11 दिन जेल में रहना पड़ा था. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने संसद में इस कार्रवाई का मुद्दा उठाया.
संसद में क्यों भावुक हुए थे योगी?
जब तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी, तो योगी आदित्यनाथ अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और सदन में रो पड़े. उन्होंने आरोप लगाया था कि तत्कालीन राज्य सरकार ने उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत कार्रवाई की है.
योगी ने उस समय कहा था कि उनके साथ हुए मुलायम सिंह सरकार की ओर से किए जा रहे व्यवहार और कार्रवाई ने मुझे बेहद आहत किया है. संसद में उस वक्त उनके भावुक होने का वीडियो और घटना लंबे समय तक राजनीतिक चर्चा का विषय बनी रही.




