AIMIM MLA मोहम्मद माजिद हुसैन ने दी सबसे बड़ी दावत-ए-इफ्तार पार्टी, ओवैसी और सिराज भी हुए शामिल-VIDEO
रमजान के पाक महीने में AIMIM विधायक Mohammed Majid Hussain ने हैदराबाद में बड़ी दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया, जिसकी देशभर में चर्चा हो रही है. इस इफ्तार में Asaduddin Owaisi और भारतीय क्रिकेटर Mohammed Siraj भी शामिल हुए. कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
AIMIM विधायक के भव्य दावत-ए-इफ्तार में पहुंचे ओवैसी और सिराज
Mohammed Majid Hussain Biggest Dawat-e-Iftar : रमजान का पाक महीना चल रहा है. रोजा रखने के बाद शाम को रोजेदार इफ्तार करते हैं. मशहूर हस्तियां, जैसे- विधायक, सांसद, मंत्री और अभिनेता आदि, इफ्तार पार्टी का भी आयोजन करते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं. ऐसी ही एक पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के विधायक मोहम्मद माजिद हुसैन ने दी है, जिसकी चर्चा देशभर में हो रही है.
कहा जा रहा है कि मोहम्मद माजिद हुसैन ने देश की सबसे बड़ी इफ्तार पार्टी दी है. इसमें हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी और टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य मोहम्मद सिराज भी शामिल हुए. इस इफ्तार पार्टी का वीडियो Viral Bhayani ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है.
क्या है माह-ए- रमजान?
माह-ए-रमजान (Mah-e-Ramzan) इस्लामिक कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना है, जिसे दुनिया भर के मुसलमान उपवास (रोजा), प्रार्थना और आत्म-चिंतन के रूप में मनाते हैं. वर्ष 2026 में, भारत में रमजान की शुरुआत 19 फरवरी को हुई और यह 19 मार्च के आसपास समाप्त होने की उम्मीद है.
माह-ए- रमजान का क्या है महत्व?
- कुरान का अवतरण: यह वही महीना है जिसमें पैगंबर मोहम्मद पर पवित्र कुरान की पहली आयतें नाजिल (अवतरित) हुई थीं.
- रोजा (Fasting): स्वस्थ वयस्क सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजन और पानी का त्याग करते हैं. यह इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है.
- सेहरी और इफ्तार: उपवास शुरू होने से पहले के भोजन को 'सेहरी' और उपवास खोलने के समय के भोजन को 'इफ्तार' कहा जाता है.
- इबादत और दान: इस महीने में पांच वक्त की नमाज के अलावा 'तरावीह' (विशेष रात्रिकालीन प्रार्थना) पढ़ी जाती है और गरीबों को 'जकात' (दान) दिया जाता है.
2026 की महत्वपूर्ण तिथियां (भारत)
- रमजान का आरंभ: 19 फरवरी 2026
- अंतिम रोजा (संभावित): 18 या 19 मार्च 2026
- ईद-उल-फितर (संभावित): 20 या 21 मार्च 2026, जो चांद के दिखने पर निर्भर करेगा




