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जब 'देश के दुश्‍मन' को 'गद्दार दोस्‍त' ने दिया करारा जवाब, राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू की 'नोंक-झोंक' छा गई- Video

बुधवार को संसद परिसर में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी बहस हो गई. ‘गद्दार दोस्त’ और ‘देश का दुश्मन’ जैसे शब्दों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया.

Rahul Gandhi vs Ravneet Bittu Clash in Parliament
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सागर द्विवेदी
Edited By: सागर द्विवेदी

Updated on: 4 Feb 2026 1:36 PM IST

बुधवार को संसद परिसर में सियासी पारा उस वक्त अचानक चढ़ गया, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आ गए. विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसने संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही माहौल गर्म कर दिया.

मकर द्वार के पास चल रहे इस टकराव में शब्दों के तीर इतने तेज थे कि कुछ पलों के लिए संसद परिसर रणभूमि जैसा नजर आया. राहुल गांधी द्वारा 'गद्दार दोस्त' कहे जाने पर रवनीत सिंह बिट्टू ने भी पलटवार करते हुए उन्हें 'देश का दुश्मन' करार दे दिया.

राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ क्यों कहा?

दरअसल, मकर द्वार के पास कांग्रेस के कई सांसद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे. तभी राहुल गांधी ने उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि 'यहां एक गद्दार चल रहा है, देखिए इसका चेहरा.' इसके बाद राहुल गांधी ने हाथ बढ़ाते हुए तंज के लहजे में कहा कि 'हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त. चिंता मत करो, आप वापस (कांग्रेस में) आ जाओगे.'

रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी के बयान पर क्या जवाब दिया?

रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी का हाथ मिलाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया. उन्होंने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि “देश के दुश्मनों” से उनका कोई लेना-देना नहीं है. दोनों नेताओं के बीच कुछ क्षणों तक तीखी बहस होती रही, जिसे वहां मौजूद सांसदों और सुरक्षाकर्मियों ने शांत कराया.

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तल्खी सामने आई हो. करीब दो साल पहले भी बिट्टू अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर चुके हैं. 2024 में अमेरिका दौरे के दौरान राहुल गांधी की सिख समुदाय से जुड़ी टिप्पणी पर रवनीत सिंह बिट्टू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उस समय उन्होंने राहुल गांधी को “देश का नंबर वन आतंकवादी” तक कह दिया था.

कांग्रेस ने बिट्टू के पुराने बयान पर क्या रुख अपनाया था?

रवनीत सिंह बिट्टू के उस बयान पर कांग्रेस ने तीखी आपत्ति जताई थी. पार्टी ने इसे “स्तरहीन टिप्पणी” बताया और कहा कि बीजेपी में जाने से पहले कांग्रेस में उनका राजनीतिक करियर “अस्त-व्यस्त” रहा है. कांग्रेस ने बीजेपी से मांग की थी कि बिट्टू को तत्काल पार्टी और सरकार से हटाया जाए.

वे पहली बार 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा सांसद बने.इसके बाद 2014 और 2019 में उन्होंने लुधियाना से जीत दर्ज की. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. हालांकि, 2024 के चुनाव में लुधियाना सीट से उन्हें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के खिलाफ करीब 20 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा. लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद रवनीत सिंह बिट्टू को केंद्र सरकार में मंत्री पद दिया गया. उन्हें रेल मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिस पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है.

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