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पूर्वजों ने महादेव के लिए जान की बाजी लगाई, पटेल-राजेंद्र प्रसाद को रोकने की कोशिश हुई, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर बोले PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 11 जनवरी को गुजरात के पवित्र सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों को सांस्कृतिक गौरव और आस्था का संदेश दिया। यह दौरा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा था, जिसमें ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला.

पूर्वजों ने महादेव के लिए जान की बाजी लगाई, पटेल-राजेंद्र प्रसाद को रोकने की कोशिश हुई, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर बोले PM Modi
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( Image Source:  X/ @ANI )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Updated on: 11 Jan 2026 12:53 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 11 जनवरी को गुजरात के पवित्र सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों को सांस्कृतिक गौरव और आस्था का संदेश दिया। यह दौरा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा था, जिसमें ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला.

सुबह की शुरुआत पीएम मोदी ने भगवान सोमनाथ के दर्शन-पूजन से की, जिसके बाद वे स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत निकाली गई भव्य ‘शौर्य यात्रा’ में शामिल हुए. इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, उत्साह और राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया.

पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

1. पूर्वजों ने दे दी जान

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा 'एक हजार साल पहले, इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा. आप जो यहां उपस्थित हैं, उनके पुरखों ने, हमारे पुरखों ने जान की बाज़ी लगा दी थी... अपनी आस्था के लिए, अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए उन्होंने अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया.'

2. हिंदुस्तान की शक्ति का आह्वान कर रही ध्वजा पूरी सृष्टि

उन्होंने कहा 'हजार साल पहले वे आततायी सोच रहे थे कि उन्होंने हमें जीत लिया, लेकिन आज एक हजार साल बाद भी, सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है.'

3. भारत के पास हजारों साल पुराने पुण्य स्थल

उन्होंने कहा 'भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्य स्थल हैं. ये स्थल हमारे सामर्थ्य, प्रतिरोध और परंपरा के पर्याय रहे हैं. लेकिन दुर्भाग्य से आज़ादी के बाद, गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने इनसे पल्ला झाड़ने का कोशिश की। उस इतिहास को भुलाने के कुत्सित प्रयास किए गए.'

4. सरदार वल्लभभाई पटेल ने ली थी शपथ

उन्होंने कहा 'तुष्टिकरण के ठेकेदारों ने इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके. जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई. 1951 में, भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई.'

5. 'मैं भाग्यशाली हूं'

उन्होंने कहा 'यह समय, यह माहौल और यह अवसर दिव्य हैं. मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी के तौर पर इस अवसर की सेवा करने का मौका मिला.'

6. सोमनाथ के क्रूर इतिहास को छिपाया गया

उन्होंने कहा कहा, 'सोमनाथ के पवित्र विग्रह को तोड़ा गया. सोमनाथ के क्रूर इतिहास को छिपाया गया, मजहबी उन्माद को साधारण लूट बताया. हम वे लोग हैं, जो जीव में भी शिव को देखते हैं.'

7. मजहबी कट्टरपंथी सोमनाथ को नहीं मिटा पाए

उन्होंने कहा 'गजनी से लेकर औरंगजेब तक अनेक आक्रांताओं ने जब-जब सोमनाथ पर आक्रमण किया, तब उन्हें यह भ्रम रहा कि उनकी तलवारें सनातन सोमनाथ को पराजित कर रही हैं. लेकिन यह मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ सके कि जिस सोमनाथ को वे मिटाना चाहते थे.'

8. नाम में ही ‘सोम’

पीएम मोदी ने कहा 'उसके नाम में ही ‘सोम’, यानी अमृत का भाव समाहित है. उसमें हलाहल का पान कर भी अमर रहने की चेतना निहित है. सोमनाथ के भीतर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति विराजमान है, जो एक ओर कल्याणकारी है तो दूसरी ओर प्रचंड तांडव शिव के रूप में ऊर्जा और शक्ति का मूल स्रोत भी है.'

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