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आखिर क्यों बार-बार NTA बन रहा नाकारा? NEET के बाद अब CUET-UG पेपर पर बवाल- 2022 से विवादों में CUET

NEET पेपर लीक के बाद अब CUET-UG 2026 में तकनीकी खराबी ने NTA की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. कई परीक्षा केंद्रों पर सिस्टम फेल होने से छात्र परीक्षा नहीं दे सके. NTA ने दोबारा परीक्षा कराने की बात कही है, लेकिन 2022 से ही CUET लगातार तकनीकी गड़बड़ियों और विवादों में घिरा रहा है.

आखिर क्यों बार-बार NTA बन रहा नाकारा? NEET के बाद अब CUET-UG पेपर पर बवाल- 2022 से विवादों में CUET
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 30 May 2026 8:53 PM IST

देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य तय करने वाली परीक्षाएं अब भरोसे से ज्यादा डर और विवाद का कारण बनती जा रही हैं. पहले NEET परीक्षा को लेकर पेपर लीक और गड़बड़ियों का विवाद सामने आया, फिर CBSE परीक्षाओं को लेकर अव्यवस्था पर सवाल उठे और अब CUET-UG 2026 में तकनीकी फेलियर ने छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा भड़का दिया है. एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

शनिवार को CUET-UG परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी की वजह से हजारों छात्रों को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई जगह परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी, तो कुछ छात्र बिना परीक्षा दिए ही वापस लौट गए. इसके बाद सोशल मीडिया पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया.

CUET-UG में आखिर क्या हुआ?

NTA के मुताबिक 30 मई को पहली शिफ्ट के दौरान तकनीकी दिक्कत की वजह से कई केंद्रों पर परीक्षा प्रभावित हुई. सिस्टम फेल होने के कारण छात्रों में अफरा-तफरी मच गई. कई छात्र बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने के बाद भी परीक्षा नहीं दे सके. एजेंसी ने माना कि करीब 3,765 ऐसे उम्मीदवार थे जो सेंटर पहुंचे, बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की, लेकिन परीक्षा दोबारा शुरू होने से पहले ही लौट गए. अब NTA ने इन छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है.

क्या NTA बार-बार वही गलती दोहरा रही है?

CUET विवाद ने एक बार फिर उस सवाल को जिंदा कर दिया है, जो NEET परीक्षा विवाद के बाद पूरे देश में उठ रहा था — क्या NTA इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाएं संभालने में फेल हो रही है? NEET परीक्षा में पहले पेपर लीक, धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगे. मामला इतना बढ़ा कि CBI जांच तक शुरू करनी पड़ी. लाखों छात्रों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया और परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे. अब CUET-UG में तकनीकी फेलियर ने यह चिंता और बढ़ा दी है कि आखिर करोड़ों छात्रों का भविष्य तय करने वाली परीक्षाओं में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है?

CBSE पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

सिर्फ NTA ही नहीं, हाल के दिनों में CBSE परीक्षाओं को लेकर भी कई शिकायतें सामने आईं. कहीं परीक्षा केंद्रों में अव्यवस्था की खबरें आईं तो कहीं रिजल्ट और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर विवाद हुआ. शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है. कई लोगों का कहना है कि डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित परीक्षा सिस्टम लागू तो कर दिया गया, लेकिन उसकी तैयारी और मैनेजमेंट बेहद कमजोर है.

अतिशी ने धमेंद्र प्रधान पर बोला हमला

आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व डिप्टी सीएम अतिशी ने इस पूरे मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरते हुए कहा कि NEET, CBSE और अब CUET में हुई गड़बड़ियां शिक्षा व्यवस्था की “चरम विफलता” को दिखाती हैं. विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही.

तकनीकी फेलियर के पीछे कौन?

NTA ने इस पूरे विवाद के लिए अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर Tata Consultancy Services (TCS) के सिस्टम में आई तकनीकी खराबी को जिम्मेदार बताया है. एजेंसी ने कहा कि समस्या को ठीक कर लिया गया है और प्रभावित छात्रों को पूरा अतिरिक्त समय दिया जाएगा. साथ ही TCS iON को घटना की विस्तृत जांच करने और रूट कॉज एनालिसिस रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

2022 से ही विवादों में है CUET?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत 2022 में शुरू हुई CUET-UG परीक्षा को देशभर के विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के रूप में लागू किया गया था. लेकिन शुरुआत से ही यह परीक्षा कई विवादों और तकनीकी समस्याओं में घिरी रही है. कभी सेंटर बदले गए, कभी परीक्षा रद्द करनी पड़ी, तो कभी सर्वर फेल होने से छात्र परेशान हुए. अब लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं का सिस्टम जरूरत से ज्यादा बोझ झेल रहा है?

करोड़ों छात्रों का भविष्य और सिस्टम की लापरवाही?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन परीक्षाओं पर करोड़ों छात्रों का करियर टिका हो, वहां बार-बार ऐसी गलतियां क्यों हो रही हैं? छात्र महीनों मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा के दिन तकनीकी फेलियर, पेपर लीक और अव्यवस्था उनकी मेहनत पर भारी पड़ जाती है. CUET-UG 2026 का विवाद सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि देश की परीक्षा व्यवस्था पर उठता बड़ा सवाल बन चुका है.

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