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छात्रों के हाथों में तलवार और बैकग्राउंड में पाकिस्तानी गीत! उर्दू स्कूल के वीडियो ने मचाया बवाल

महाराष्ट्र के यवतमाल के एक स्कूल का वीडियो सामने आने के बाद काफी बवाल मचा हुआ है. इस वीडियो में उर्दू स्कूल्स के स्टूडेंट्स ने हाथों में तलवार ली हुई है और वह एक पाकिस्तानी गाने पर डांस कर रहे हैं. शिक्षा विभाग के अध्यक्ष का कहना है कि स्टूडेंट्स का मकसद केवल 1857 रिवोल्ट को दिखाना था.

छात्रों के हाथों में तलवार और बैकग्राउंड में पाकिस्तानी गीत! उर्दू स्कूल के वीडियो ने मचाया बवाल
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( Image Source:  X-@jpsin1 )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Published on: 10 Feb 2026 12:10 PM

Maharashtra Viral Video: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के उमरखेड नगर परिषद इलाके से सामने आए एक वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. मामला नगर परिषद के एक उर्दू स्कूल का है, जहां 31 जनवरी को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के जरिए पेश किए गए एक डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

वीडियो में छात्र एक पाकिस्तानी देशभक्ति गीत पर डांस करते नजर आ रहे हैं. इस दौरान कुछ बच्चों के हाथों में तलवारें भी दिखाई दे रही हैं. वीडियो सामने आने के बाद इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल मच गई है.

इस मामले में क्या हुआ एक्शन?

विवाद बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. वहीं, बीजेपी के नगरसेवक गोपाल कलाने ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. गोपाल कलाने का आरोप है कि यह कार्यक्रम सत्तारूढ़ जनशक्ति पैनल के महापौर, अध्यक्ष और नगरसेवकों की मौजूदगी में आयोजित हुआ.

क्या है बीजेपी नेता का आरोप?

गोपाल कलाने ने आरोप लगाया कि यवतमाल के सरकारी उर्दू स्कूल में बच्चों से पाकिस्तानी सेना के 1965 जंग से जुड़े गीत पर तलवारों के साथ डांस कराया गया. उन्होंने दावा किया कि गीत में इस्लाम के दुश्मनों पर हमले का आह्वान किया गया है. बीजेपी पार्षद ने इसे टैक्स पेयर्स के पैसे से किया गया दुष्प्रचार और भारत-विरोधी गतिविधि बताया.

भाजपा नेताओं ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यह कृत्य देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा है. गोपाल कलाने ने भारतीय न्यायिक संहिता की धारा 152 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है.

बीजेपी महासचिव ने इस मामले में क्या कहा?

भाजपा महासचिव महेश कालेश्वरकर ने भी कार्यक्रम की आलोचना करते हुए कहा कि प्रस्तुत गीत पाकिस्तान का देशभक्ति गीत है, जिसे 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पाकिस्तान में सैनिकों और नागरिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए गाया गया था. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल में इस तरह के गीत पर डांस कराना गंभीर विषय है और इससे छात्रों के मन पर गलत प्रभाव पड़ सकता है.

भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.वहीं, इस मामले पर पुलिस का कहना है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है.

दूसरी तरफ, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष रसूल पटेल ने आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि 31 जनवरी को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्रों द्वारा पेश किया गया प्रोग्राम 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को दिखाना था. उन्होंने साफ किया कि कार्यक्रम का मकसद छात्रों में देश के लिए योगदान की भावना पैदा करना था और किसी भी धर्म के प्रचार या राष्ट्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया.

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