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औलाद से ज्यादा प्यारी सियासत, इसलिए बेटी को मार डाला! राजनीति और इंसानियत पर खड़े कर दिए सवाल

महाराष्ट्र के नांदेड़ पंचायत चुनाव लड़ने के लिए 3 बच्चों के पिता ने 2 बच्चों के नियम को पूरा करने के लिए बेटी की हत्या कर दी. तेलंगाना–महाराष्ट्र से जुड़ा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया. इस वारदात ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

father in Maharashtra killed six year old daughter
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( Image Source:  @kaliyug_wale )

सत्ता की चाह इंसान को कहां तक गिरा सकती है, इसका अंदाजा इस खबर से लगाया जा सकता है. पंचायत चुनाव लड़ने की लालसा में एक पिता ने वो कर डाला, जिसे सुनकर रूह कांप जाए. तीसरे बच्चे की वजह से चुनाव लड़ने के अयोग्य होने का डर ऐसा हावी हुआ कि उसने अपनी ही 6 साल की मासूम बेटी को मौत के घाट उतार दिया. यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि कानून, राजनीति और इंसानियत के टकराव की एक डरावनी सच्चाई है, जिसे जानकर आपका भी दिमाग चकरा जाएगा.

पंचायत चुनाव और ‘दो बच्चों का नियम’ बना हत्या की वजह?

महाराष्ट्र में ग्राम पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति को अयोग्य माना जाता है. नांदेड़ में इसी नियम ने इस खौफनाक वारदात की नींव रखी. तीन बच्चों के पिता ने ऐसा कदम उठाया, जिसको को लेकर महाराष्ट्र और तेलंगाना ही नहीं पूरा देश सकते में है.

कौन है आरोपी पांडुरंग कोंडामंगले?

नांदेड़ जिले के केरूर गांव का रहने वाला पांडुरंग पहले जुड़वां बेटियों और फिर एक बेटे का पिता बना. राजनीतिक महत्वाकांक्षा ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया.

बेटी की हत्या कैसे हुई?

29 जनवरी को पांडुरंग अपनी 6 साल की बेटी प्राची को तेलंगाना के निजामाबाद स्थित निजामसागर नहर पर ले गया और उसे पानी में धकेल दिया.

WhatsApp स्टेटस से खुला राज

एक अज्ञात बच्ची का शव मिलने के बाद पुलिस ने फोटो WhatsApp स्टेटस पर डाली. कुछ ही घंटों में महाराष्ट्र पुलिस ने बच्ची की पहचान कर ली. पुलिस को शक होने पर पांडुरंग की कॉल डिटेल और टावर लोकेशन ट्रैक की गई, जिससे यह साबित हुआ कि वह बेटी को तेलंगाना लेकर गया था.

सरपंच पर भी साजिश का आरोप

केरूर गांव के मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे को भी हत्या की साजिश में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पहले बच्ची को गोद देने की कोशिश की, लेकिन असफल होने पर हत्या की योजना बनाई.

पुलिस अफसरों के मुताबिक गणेश, पांडुरंग को लगभग छह महीने में होने वाले पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उकसा रहा था. लेकिन, दोनों को एहसास हुआ कि पांडुरंग कैंडिडेट के तौर पर अयोग्य होगा क्योंकि उसके तीन बच्चे थे. निजामाबाद के पुलिस कमिश्नर पी साई चैतन्य ने कहा कि दोनों ने शुरू में लड़की को बच्चे चाहने वाले कपल्स को गोद देने की कोशिश की. साई चैतन्य ने कहा, "जब कोशिश नाकाम रही, तो उन्होंने कथित तौर पर प्राची को मारने की साजिश रची. 29 जनवरी को, पांडुरंग प्राची के साथ निजामसागर नहर पर आया और अपने गांव लौटने से पहले उसे पानी में धकेल दिया."

सवाल जो समाज से टकराते हैं

क्या चुनावी नियमों का डर इतना बड़ा हो सकता है कि एक पिता अपनी ही बेटी की जान ले ले? यह मामला कानून के साथ-साथ सामाजिक सोच पर भी सवाल उठाता है.

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