Begin typing your search...

केरल को कब मुख्यमंत्री देगी कांग्रेस? 3 नामों में उलझा समीकरण, राहुल-प्रियंका के खिलाफ उठने लगीं आवाज

केरल में प्रचंड जीत के बाद भी कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान नहीं कर पाई है. केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला के बीच जारी खींचतान से सियासी सस्पेंस बढ़ गया है. वहीं वायनाड में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ पोस्टर लगने से पार्टी की अंदरूनी नाराजगी भी खुलकर सामने आने लगी है.

केरल को कब मुख्यमंत्री देगी कांग्रेस? 3 नामों में उलझा समीकरण, राहुल-प्रियंका के खिलाफ उठने लगीं आवाज
X
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी7 Mins Read

Updated on: 13 May 2026 4:26 PM IST

केरल में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत अब उसी पार्टी के लिए सबसे बड़ी टेंशन बनती जा रही है. 140 में से 102 सीटें जीतने के बाद भी मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका जवाब 9 दिन बाद भी नहीं मिला है. दिल्ली से लेकर तिरुवनंतपुरम तक बैठकों का दौर जारी है, लेकिन हर मीटिंग के बाद सस्पेंस और गहरा हो रहा है. उधर, वायनाड में आधी रात को लगे पोस्टरों ने कांग्रेस आलाकमान की नींद उड़ा दी है.

ये वही वायनाड है, जिसे राहुल गांधी का सबसे सुरक्षित राजनीतिक किला माना जाता था. लेकिन अब इसी जमीन से गांधी परिवार को खुली चेतावनी दी जा रही है. पोस्टरों में लिखा गया- 'राहुल गांधी और प्रियंका, वायनाड को भूल जाइए… अब यहां से जीत नहीं मिलेगी.' इन पोस्टरों ने साफ कर दिया है कि केरल कांग्रेस के अंदर कुछ बड़ा उबल रहा है.

इन तीन नामों में उलझा केरल कांग्रेस का CM चेहरा

केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर तनातनी जारी है तो वहीं फिलहाल मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन बड़े नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं. केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला. इन तीनों नेताओं के बीच राजनीतिक संतुलन, गुटबाजी और आलाकमान की पसंद का समीकरण ऐसा उलझा हुआ है कि कांग्रेस अब तक किसी एक चेहरे पर सहमति नहीं बना सकी है. पार्टी के भीतर एक धड़ा गांधी परिवार के करीबी और संगठन पर मजबूत पकड़ रखने वाले केसी वेणुगोपाल को सबसे मजबूत दावेदार मान रहा है. वहीं, चुनावी रणनीति और आक्रामक विपक्षी भूमिका के कारण वीडी सतीशन को भी बड़ा चेहरा माना जा रहा है. दूसरी तरफ, वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर रमेश चेन्निथला भी रेस में बने हुए हैं.

आखिर वायनाड में गांधी परिवार के खिलाफ बगावत क्यों शुरू हुई?

वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी ऑफिस के बाहर अचानक लगे पोस्टरों ने हर किसी को चौंका दिया. एक पोस्टर में लिखा था, 'मिस्टर राहुल और प्रियंका, वायनाड को भूल जाइए. अब आप यहां से दोबारा जीत नहीं पाएंगे.' वहीं दूसरे पोस्टर में सीधे केसी वेणुगोपाल को लेकर हमला किया गया.

पोस्टर में लिखा गया कि 'मिस्टर राहुल, केसी भले ही आपके बैग उठाने वाले हों, लेकिन केरल की जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी.' इतना ही नहीं, एक और पोस्टर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को 'RG' और 'PG' लिखते हुए कहा गया कि 'यह कोई चेतावनी नहीं है. केरल इस बड़ी गलती के लिए आपको कभी माफ नहीं करेगा.' इन शब्दों ने यह साफ कर दिया कि नाराजगी अब सिर्फ बंद कमरों की राजनीति तक सीमित नहीं रही. कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब सड़क पर उतर चुका है.

क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी कांग्रेस को अंदर से तोड़ रही है?

केरल कांग्रेस के अंदर इस वक्त तीन बड़े पावर सेंटर बन चुके हैं. पहला खेमा केसी वेणुगोपाल का, दूसरा वीडी सतीशन का और तीसरा रमेश चेन्निथला का माना जा रहा है. तीनों के समर्थक अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दिल्ली में जोर लगा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल अचानक रेस में सबसे आगे निकल आए हैं. यही वजह है कि कई विधायक उनका समर्थन कर रहे हैं. दूसरी तरफ, चुनावी जीत का चेहरा माने जा रहे वीडी सतीशन के समर्थक सवाल उठा रहे हैं कि जब जीत की रणनीति उन्होंने बनाई, तो फिर CM कोई और क्यों बने? रमेश चेन्निथला का गुट भी पूरी ताकत से मैदान में डटा हुआ है. ऐसे में कांग्रेस की जीत अब 'जश्न' कम और 'जंग' ज्यादा लगने लगी है.

क्या प्रियंका गांधी और राहुल गांधी अलग-अलग खेमों में बंट गए हैं?

दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अलग-अलग नेताओं को समर्थन दे रहे हैं. कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी, वीडी सतीशन के पक्ष में हैं, जबकि राहुल गांधी केसी वेणुगोपाल को आगे बढ़ाना चाहते हैं. हालांकि पार्टी की तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन अंदरूनी खींचतान की खबरों ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. यही कारण है कि फैसला लगातार टलता जा रहा है.

बीजेपी ने कांग्रेस पर कैसे कसा तंज?

बीजेपी ने इस पूरे विवाद को कांग्रेस पर हमला बोलने का सबसे बड़ा मौका बना लिया है. बीजेपी प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी शायद “5 साल में 5 मुख्यमंत्री” देने की योजना बना चुकी है. उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत मिलने के बाद भी कांग्रेस यह तय नहीं कर पा रही कि मुख्यमंत्री कौन होगा. बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस जनता के जनादेश से ज्यादा अंदरूनी सत्ता संघर्ष में उलझी हुई है.

क्या कांग्रेस की देरी से UDF गठबंधन में भी बेचैनी बढ़ गई है?

मुख्यमंत्री चेहरे पर फैसला नहीं होने से कांग्रेस के सहयोगी दल भी असहज नजर आने लगे हैं. खासकर IUML नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि जितनी देर होगी, उतना ही जनता के बीच गलत संदेश जाएगा. UDF कार्यकर्ताओं के बीच भी बेचैनी बढ़ रही है. चुनाव जीतने के बावजूद सरकार गठन में हो रही देरी विपक्ष को लगातार हमला करने का मौका दे रही है.

दिल्ली में कौन-कौन नेता पहुंचे और क्या चल रही है अंदर की मीटिंग?

मंगलवार को केरल कांग्रेस के कई बड़े नेता दिल्ली पहुंचे. इनमें मुल्लापल्ली रामचंद्रन, एमएम हसन, के. सुधाकरण, वीएम सुधीरन, के. मुरलीधरन और शफी पारम्बिल जैसे नाम शामिल हैं. बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान लगातार मीटिंग कर किसी एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन हर गुट अपने नेता को आगे बढ़ाने में जुटा है, जिससे डेडलॉक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा.

क्या वायनाड अगला अमेठी बन सकता है?

सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश उन पोस्टरों से आया, जिनमें राहुल गांधी को 2019 की अमेठी हार याद दिलाई गई. पोस्टरों में साफ चेतावनी दी गई कि अगर कांग्रेस ने “गलत फैसले” जारी रखे, तो वायनाड भी अगला अमेठी बन सकता है. यानी जिस वायनाड ने राहुल गांधी को राजनीतिक राहत दी थी, वही अब कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा खतरे का संकेत बनता दिखाई दे रहा है.

विधानसभा चुनाव 2026राहुल गांधी
अगला लेख