क्या अभी भी घरों में काम करेंगी कलिता माजी, विधायक बनने के बाद बताई अपनी भूमिका?
पश्चिम बंगाल के आउशग्राम से BJP विधायक बनीं कलिता माजी की संघर्षभरी कहानी लोगों को प्रेरित कर रही है. घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली कलिता अब क्षेत्र की समस्याओं को हल करने का दावा कर रही हैं.
पश्चिम बंगाल आउशग्राम की कलिता माजी इस बार विधानसभा चुनाव में BJP की टिकट पर बड़ी जीत हासिल करके विधायक बन गई हैं. कलिता माजी की कहानी इसलिए खास है क्योंकि वे लंबे समय से घरेलू सहायिका यानी घरों में काम करने वाली महिला के रूप में काम करती आ रही थी. उम्मीदवार बनने के बाद भी उन्होंने अपना यह काम नहीं छोड़ा था. लेकिन अब उन्होंने घोषणा कर दी है कि वे आगे से घरों में काम नहीं करेंगी.
गुरुवार को 18वीं राज्य विधानसभा में शपथ लेने के कुछ घंटों बाद 37 वर्षीय कलिता माजी ने कहा कि अब उनके पास अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों की सेवा करने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है. उन्होंने साफ शब्दों में बताया, 'अब मेरा रोल बहुत बड़ा हो गया है. मुझे पूरा भरोसा है कि मैं जनता की सेवा सबसे अच्छे तरीके से कर पाऊंगी.' कलिता माजी ने उन परिवारों के बारे में भी भावुक बात कही, जिनके घरों में वे काम करती थी.
अब जनता की सेवा करेंगी कलिता माजी
उन्होंने कहा, 'पहले मैं उनके यहां काम करती थी, लेकिन अब उन्होंने खुद मुझे कहा है कि अपनी नई जिम्मेदारियों पर पूरा ध्यान दूं. वे सब मेरे अपने परिवार जैसे हैं. मैं उनसे मिलने जाती रहूंगी.' शपथ ग्रहण समारोह में कलिता माजी ने अपने एक पुराने मालिक द्वारा दी गई साड़ी पहनी थी. यह बात भी काफी चर्चा में रही. उनकी इस संघर्षपूर्ण यात्रा ने पूरे देश का ध्यान खींचा.
घरेलू सहायिका से राजनेता
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने भी कलिता माजी की सफलता को गरीबों और मेहनती लोगों के लिए उम्मीद की मिसाल बताया. चुनावी जीत और मुद्देकलिता माजी ने TMC उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लो-हर को 12,535 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की. उन्होंने कहा, 'मुझे अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं अच्छी तरह पता हैं क्योंकि मैं पूरी जिंदगी उनके बीच रही हूं. शिक्षा की कमी, पानी की समस्या, बिजली की दिक्कतें और शहर से जुड़ी अन्य परेशानियां इन सबका मैं रोजाना सामना करती आई हूं. आम परिवार हर दिन किन-किन मुश्किलों से गुजरता है, यह मैं अच्छी तरह समझती हूं. इसलिए अब मैं इन्हीं मुद्दों पर काम करूंगी.'
आसान नहीं था चुनाव लड़ना
यह कलिता माजी की पहली बार चुनाव लड़ना नहीं था. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने BJP की तरफ से मैदान में उतरकर कोशिश की थी, लेकिन उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा. हारने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. BJP के लिए काम करते रहे और साथ-साथ सात घरों में घरेलू काम भी संभालती रही. कलिता माजी ने बताया, 'मुझे शुरू में यकीन नहीं था कि मैं राजनीति के लिए सही हूं या नहीं क्योंकि मुझे एक बड़ा परिवार संभालना भी है. लेकिन मेरे ससुर ने मुझे लगातार इनकरेज किया और कहा कि राजनीतिक काम को गंभीरता से जारी रखूं.'




