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कौन हैं JEE Main में 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले जुड़वा भाई महरूफ और मसरूर?

ओडिशा के जुड़वां भाई महरूफ अहमद खान और मसरूर अहमद खान JEE Main में 100% अंक हासिल कर चर्चा का केंद्र बन गए हैं.

JEE Main 2026 Toppers Twin Brothers
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JEE Main 2026 Toppers Twin Brothers

( Image Source:  X/@azizkavish )
स्टेट मिरर डेस्क
Edited By: स्टेट मिरर डेस्क

Updated on: 18 Feb 2026 10:27 AM IST

JEE Main 2026 Toppers: देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक Joint Entrance Examination Main (JEE Main) के इस साल के रिजल्ट ने प्रतिभा और परिश्रम की नई मिसाल कायम की है. IIT सहित देश के बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले का रास्ता खोलने वाली इस परीक्षा में 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल कर शानदार उपलब्धि दर्ज की.

इन टॉपर्स में ओडिशा के जुड़वां भाई महरूफ अहमद खान और मसरूर अहमद खान विशेष आकर्षण का केंद्र बने. दोनों ने बीई/बीटेक पेपर में समान 100 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया.

कौन हैं महरूफ और मसरूर?

जुड़वां भाई महरूफ अहमद खान और मसरूर अहमद खान भुवनेश्वर के रहने वाले हैं. दोनों भाई पिछले कुछ सालों से राजस्थान के कोटा में रहकर तैयारी कर रहे थे. जहां उन्होंने कोचिंग और सेल्फ स्टडी के जरिए ये मुकाम हासिल किया है.

मां ने किया ये बड़ा त्याग?

कोटा में रहकर दोनों भाई तैयारी कर रहे थे. जहां उनकी मां भी दोनों भाईयों के साथ रह रही हैं. खास बात ये है कि उनकी मां ने बच्चों की पढ़ाई में पूरा सहयोग देने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी और उनके साथ कोटा में रहने का फैसला किया.

क्या बोले दोनों जुड़वा भाई?

महरूफ ने कहा "शुरुआत से ही हम साथ-साथ पढ़ाई करते थे और अपने संदेह दूर करते थे. जब भी नतीजे अच्छे नहीं आते थे, हम एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते थे. इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्रदर्शन को बढ़ावा मिला. हम भुवनेश्वर, ओडिशा के रहने वाले हैं. मेरी मां फिलहाल हमारे साथ रहती हैं. उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर हमारे साथ रहने और हमारी तैयारी में सहयोग देने का फैसला किया है. अब मेरा लक्ष्य जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास करके आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना है. मेरा अंतिम लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना है."

दूसरी ओर मसरूर ने भी अपने अनुशासित अध्ययन कार्यक्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन को सफलता का श्रेय दिया. उन्होंने कहा "मैं कक्षा 10 से कोटा में हूं और पिछले तीन सालों से अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में कोचिंग करके तैयारी कर रहा हूं. मैं हमेशा प्रेरित रहा, जिससे मुझे जेईई मेन में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिली. हमने साथ मिलकर पढ़ाई की और एक ही अध्ययन कार्यक्रम का पालन किया. हमने एक-दूसरे को प्रेरित किया और एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा."

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