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जागो प्रधान जागो! NEET 2026 ही नहीं UGC NET 2024 समेत 5 साल में गड़बड़ियों की लंबी लिस्ट, मंत्रालय से ज्यादा पार्टी काम पर फोकस?

NEET 2026 पेपर लीक के बाद धर्मेंद्र प्रधान घिरे. UGC NET, CUET, SSC समेत 5 साल में कई परीक्षा विवादों ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. विपक्षी दलों से लेकर छात्र तक शिक्षा मंत्री से मांग रहे इस्तीफा.

NEET 2026 paper leak Dharmendra Pradhan
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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों के केंद्र में है. करीब 22 लाख छात्रों की मेहनत, उम्मीदें और भविष्य उस समय सवालों में घिर गया जब परीक्षा के बाद पेपर लीक और संगठित नकल रैकेट के आरोप सामने आए. मामला इतना बढ़ा कि सरकार को आखिरकार परीक्षा रद्द करनी पड़ी और जांच CBI को सौंपनी पड़ी. अब गुस्सा सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है. छात्र और अभिभावक सीधे शिक्षा व्यवस्था, National Testing Agency (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं. छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि हर बड़े एग्जाम के बाद paper leak, re-exam, technical glitch या cancellation जैसी स्थिति क्यों बन रही है. कब जवाबदेही स्वीकार करेंगे प्रधान. या फिर पार्टी को चुनाव जिताने में ही व्यस्त रहेंगे.

NTA के मुताबिक NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को देश के 551 भारतीय और 14 विदेशी शहरों में आयोजित हुई थी. परीक्षा के लिए 5,400 से अधिक केंद्र बनाए गए थे. लगभग 22.79 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें करीब 22.05 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए. परीक्षा में अटेंडेंस करीब 96.92 प्रतिशत रही.

तीन दिन बाद भी सवालों पर चुप्पी

पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री से जवाब मांगा. हालांकि, विवाद बढ़ने के तीन दिन बाद भी जब मीडिया ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सवाल किए, तो उन्होंने विस्तार से प्रतिक्रिया देने से परहेज किया. उन्होंने केवल इतना कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं और paper leak के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 को रद्द कर दिया. इस बीच विपक्षी दलों ने शिक्षा मंत्रालय और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज कर दी.

Guess Paper से खुला पूरा नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक पूरा मामला एक कथित guess paper से शुरू हुआ, जो परीक्षा से पहले WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर सर्कुलेट किया जा रहा था. राजस्थान SOG की शुरुआती जांच में दावा किया गया कि इस मैटीरियल के 100 से ज्यादा सवाल असली NEET प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 140 तक बताई गई. इसके बाद जांच एजेंसियों को मल्टी स्टेट पेपर लीक रैकेट की आशंका हुई. जांच में जिन राज्यों और शहरों के नाम सामने आए हैं, उनमें जयपुर, सीकर, देहरादून, नासिक, लातूर, बिहार, हरियाणा और केरल शामिल हैं. एजेंसियों का दावा है कि लीक्ड मैटीरियल परीक्षा से कई दिन पहले कुछ नेटवर्क्स के जरिए फैलाया जा रहा था.



कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?

अब तक कई राज्यों में छापेमारी और हिरासत की कार्रवाई की जा चुकी है. महाराष्ट्र के नासिक निवासी शुभम खैरनार नामक BAMS छात्र पर आरोप है कि उसने कथित लीक्ड मैटीरियल करीब 10 लाख रुपये में खरीदा और आगे सर्कुलेट किया. राजस्थान SOG की जांच में सीकर स्थित SK Consultancy से जुड़े राकेश मंडावरिया का नाम भी सामने आया है. जांच एजेंसियों के अनुसार वह कोचिंग नेटवर्क के जरिए guess paper छात्रों तक पहुंचाने के आरोपों के दायरे में है.

देहरादून से एक कथित मास्टरमाइंड करियर काउंसलर को भी गिरफ्तार किया गया है. जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से प्राइवेट माफिया नाम का WhatsApp group मिला, जिसमें कथित leaked PDFs और पेपर्स सर्कुलेट किए जा रहे थे. इसके अलावा, चार NEET aspirants को भी हिरासत में लिया गया है. अब तक 16 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी या हिरासत की बात सामने आ चुकी है.

छात्रों का सवाल - हर बार वही कहानी क्यों?

NEET विवाद ने छात्रों के भीतर गहरी नाराजगी पैदा कर दी है. लाखों छात्रों का कहना है कि वे सालों तक तैयारी करते हैं, भारी फीस देकर coaching लेते हैं और मानसिक दबाव झेलते हैं, लेकिन हर बार परीक्षा व्यवस्था ही सवालों में आ जाती है. सोशल media पर छात्रों का गुस्सा लगातार दिखाई दे रहा है. कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का भरोसा सिस्टम से उठता जा रहा है. छात्रों का तर्क है कि अगर देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा भी सुरक्षित नहीं कराई जा सकती, तो फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भरोसा कैसे किया जाए.

अब आगे क्या?

NTA ने साफ किया है कि NEET-UG 2026 दोबारा आयोजित किया जाएगा. छात्रों को दोबारा registration नहीं करना होगा और पुराने आवेदनों का ही इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि, अभी तक revised schedule जारी नहीं हुआ है. सूत्रों के मुताबिक अगले 7 से 10 दिनों में re-exam की तारीख घोषित की जा सकती है. उधर CBI की जांच जारी है और एजेंसियां digital evidence, WhatsApp groups, transaction records और coaching networks की जांच कर रही हैं.

शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

NEET 2026 विवाद ने सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि पूरे examination system को कटघरे में खड़ा कर दिया है. विपक्ष और छात्र संगठन पूछ रहे हैं कि जब करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर हो, तब सरकार की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए? आलोचकों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय को एग्जाम सिक्योरिटी, ट्रांसपरेंसी और एकाउंटैबिलिटी पर फोकस करना चाहिए, लेकिन लगातार हो रहे paper leaks ने व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर चोट पहुंचाई है.

Dharmendra Pradhan के कार्यकाल में प्रमुख परीक्षा विवाद

2021- NEET-UG पर सवाल : कई राज्यों में सॉल्वर गैंग, impersonation और पेपर लीक जैसे आरोप सामने आए. कुछ जगहों पर आर्गेनाइज्ड चीटिंग रैकेट की जांच भी हुई.

2022 - CUET में technical glitches: पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित CUET सर्वर क्रैश, टेक्निकल इश्यूज और एग्जाम डिसरप्शन को लेकर विवादों में रहा. कई छात्रों की परीक्षा दोबारा करानी पड़ी.

2023 - CTET और भर्ती परीक्षाओं में शिकायतें: CTET समेत कई परीक्षाओं में exam centers की अव्यवस्था, ट्रांसपरेंसी इश्यूज और टेक्निकल समस्याओं की शिकायतें सामने आईं.

2024 - UGC-NET रद्द: UGC-NET परीक्षा सिक्रेसी ब्रेक होने की आशंका के बाद रद्द करनी पड़ी. मामला राष्ट्रीय बहस बन गया.

2024 - NEET-UG राष्ट्रीय विवाद: ग्रेस मार्क, रिजल्ट जारी करने में लापरवाही और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा.

2024 - CSIR-NET स्थगित: सिक्योरिटी कन्सर्न और लॉजिस्टिकल इश्यूज के चलते परीक्षा स्थगित करनी पड़ी.

2024 - NEET-PG postponed: अंतिम समय में परीक्षा स्थगित होने से मेडिकल छात्रों में भारी नाराजगी देखी गई.

2025-26 - फिर पेपर लीक के आरोप: अब NEET-UG 2026 ने एक बार फिर परीक्षा सुरक्षा और NTA की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

विपक्ष क्यों घेर रहा है?

विपक्षी दलों का आरोप है कि बार-बार होने वाले एग्जाम कंट्रोवर्सीज सरकार की विफलता को दिखाते हैं. जब हर साल कोई न कोई राष्ट्रीय परीक्षा विवादों में आ रही है, तब accountability तय क्यों नहीं होती? कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है.

बीजेपी में क्या है Dharmendra Pradhan की भूमिका?

धर्मेंद्र प्रधान लंबे समय से BJP के प्रमुख रणनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं. वे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और बिहार, ओडिशा, असम, बंगाल समेत कई राज्यों के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. ओडिशा और पूर्वी भारत में BJP के विस्तार में भी उन्हें अहम चेहरा माना जाता है. राजनीतिक आलोचक सवाल उठा रहे हैं कि क्या लगातार संगठनात्मक और चुनावी जिम्मेदारियों के बीच शिक्षा मंत्रालय पर पूरा फोकस संभव हो पा रहा है.

सोशल मीडिया पर भी उबाल

सोशल मीडिया पर भी NEET विवाद को लेकर गुस्सा लगातार बढ़ रहा है. कई यूजर्स ने दावा किया कि पिछले एक दशक में दर्जनों प्रतियोगी परीक्षा पेपर लीक या रद्द होने जैसे विवादों में फंसे हैं. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर हर बड़े exam के बाद छात्रों को uncertainty, stress और re-exam का सामना करना पड़े, तो फिर merit-based system का मतलब क्या रह जाता है. एक यूजर्स ने ये भी कहा कि अभी तक 89 पेपर्स रद्द हो चुके हैं.

सबसे बड़ा सवाल अब यही

NEET-UG 2026 विवाद ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि देश में परीक्षा सुरक्षा और transparency अब सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के भरोसे का सवाल बन चुका है. अब छात्रों की नजर सिर्फ re-exam पर नहीं, बल्कि इस बात पर है कि क्या इस बार सच में जिम्मेदारी तय होगी या फिर हर बार की तरह विवाद खत्म होने के बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा.

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