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होटल में रुकना है को स्टाफ के साथ संबंध बनाओ, US में गुजरात के एक युवक को नाबालिग लड़की के यौन शोषण मामले में 10 साल की सजा

अमेरिका में गुजरात के रहने वाले 27 वर्षीय भारतीय नागरिक कावनकुमार पटेल को नाबालिग लड़की के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग मामले में 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है.

होटल में रुकना है को स्टाफ के साथ संबंध बनाओ, US में गुजरात के एक युवक को नाबालिग लड़की के यौन शोषण मामले में 10 साल की सजा
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अमेरिका में गुजरात के रहने वाले 27 वर्षीय भारतीय नागरिक कावनकुमार पटेल को नाबालिग लड़की के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग मामले में 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक पटेल ने मानव तस्करों को पैसे देकर एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया था. मामला अमेरिका के नेब्रास्का राज्य के ओमाहा शहर का है.

संघीय अधिकारियों ने बताया कि 26 मई को ओमाहा की फेडरल कोर्ट में कावनकुमार पटेल को नाबालिग की सेक्स ट्रैफिकिंग के दो मामलों में दोषी ठहराया गया. यह फैसला सीनियर यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जोसेफ एफ बैटेलियन ने सुनाया. अदालत ने पटेल को 10 साल की जेल और 5 साल की निगरानी (Supervised Release) की सजा भी दी है. अधिकारियों के अनुसार पटेल अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था और सजा पूरी होने के बाद उसे डिपोर्ट किया जाएगा.

कैसे खुला मामला?

यह मामला 6 जनवरी 2025 को सामने आया, जब ओमाहा पुलिस एक होटल में चोरी की शिकायत पर पहुंची थी. जांच के दौरान अधिकारियों को सेक्स ट्रैफिकिंग के संकेत मिले. इसके बाद होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स और ओमाहा पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की. जांच में 15 और 16 साल की दो नाबालिग लड़कियों को बरामद किया गया. अधिकारियों के मुताबिक इन लड़कियों को दूसरे राज्य से लाकर देह व्यापार में धकेला जा रहा था.

होटल स्टाफ पर भी लगे गंभीर आरोप

पीड़ित लड़कियों ने बताया कि मानव तस्करों ने उनसे कहा था कि अगर उन्हें होटल में रुकना है तो होटल स्टाफ के साथ सेक्स करना होगा, नहीं तो उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा. जांच में सामने आया कि होटल के दो कर्मचारियों ने एक नाबालिग लड़की के साथ संबंध बनाने के लिए तस्करों को पैसे दिए, जबकि एक अन्य कर्मचारी ने दूसरी लड़की का यौन शोषण किया.

अधिकारियों के मुताबिक होटल कर्मचारियों ने तस्करों और लड़कियों को कई दिनों तक होटल में रहने दिया. इसी दौरान तस्करों ने लड़कियों के ऑनलाइन विज्ञापन पोस्ट किए और सेक्स रैकेट चलाया. पीड़ितों ने बताया कि उनके पास खाने तक की कमी थी और उनके पास तस्करों की बात मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था.

यूएस अटॉर्नी लेस्ली वुड्स ने कहा कि यह मामला मानव तस्करी के खिलाफ एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई का बड़ा उदाहरण है. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को मानव तस्करी या बच्चों के शोषण का संदेह हो तो तुरंत पुलिस या संघीय एजेंसियों को इसकी जानकारी दें.

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