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भारत पर मंडरा रहा है Ebola का खतरा, दिल्ली एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट! जानें सरकार ने एडवाइजरी में क्या कहा

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इबोला वायरस को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. कांगो, युगांडा और साउथ सूडान से आने वाले यात्रियों पर खास नजर रखी जा रही है. जानिए सरकार ने क्या निर्देश दिए हैं.

भारत पर मंडरा रहा है Ebola का खतरा, दिल्ली एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट! जानें सरकार ने एडवाइजरी में क्या कहा
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( Image Source:  X-@ANI )

दिल्ली के Indira Gandhi International Airport ने गुरुवार को इबोला वायरस को लेकर यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है. यह सलाह खासतौर पर Democratic Republic of the Congo, Uganda और South Sudan जैसे देशों से आने वाले यात्रियों के लिए जारी की गई है.

ज्ञात हो कि इन देशों में इबोला के तेजी से मामले सामने आ रहे हैं. कॉन्गों में अभी तक 87 लोगों की मौत हो चुकी है और केस साउथ सुडान तक पहुंच चुके हैं. ऐसे में भारत सरकार ने ये एडवाइजरी जारी की है. इन देशों से स्टूडेंट्स और व्यापार करने वाले अकसर भारत आते हैं.

एडवाइजरी में क्या कहा गया है?

  • एडवाइजरी में कहा गया है कि जिन यात्रियों में बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त, गले में खराश या असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें, वे तुरंत एयरपोर्ट के हेल्थ डेस्क से संपर्क करें.
  • इसके अलावा जिन लोगों को शक है कि उनका संपर्क किसी इबोला संक्रमित व्यक्ति के खून या शारीरिक तरल पदार्थों से हुआ है, उन्हें इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले स्वास्थ्य अधिकारियों को इसकी जानकारी देने को कहा गया है.
  • एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अगर यात्रा के 21 दिनों के भीतर ऐसे लक्षण विकसित होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री जरूर बताएं. यात्रियों से एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपायों में सहयोग करने की भी अपील की गई है.

क्या भारत में है कोई इबोला का केस?

केंद्र सरकार ने कहा है कि फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है और देश में इसका जोखिम अभी “बहुत कम” है. हालांकि, सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी गई है. यह कदम World Health Organization द्वारा मध्य अफ्रीका के कुछ हिस्सों में फैले इबोला प्रकोप को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न (PHEIC) घोषित किए जाने के बाद उठाया गया है.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, National Centre for Disease Control (NCDC), इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम और Indian Council of Medical Research (ICMR) के अधिकारियों ने कांगो और युगांडा में फैल रहे बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन से जुड़े इबोला हालात की समीक्षा की है. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

WHO ने क्या कहा?

WHO ने बुधवार को कहा कि मध्य अफ्रीका में इबोला का खतरा क्षेत्रीय स्तर पर काफी ज्यादा है, हालांकि वैश्विक स्तर पर इसका खतरा अभी कम बना हुआ है. संगठन के मुताबिक, वायरस कई महीनों से फैल रहा था. पिछले 50 सालों में अफ्रीका में इबोला वायरस से 15 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी WHO ने हालिया प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है.

कांगो में यह इबोला का 17वां प्रकोप है और अब तक करीब 600 संभावित मामलों में 139 मौतों की आशंका जताई जा चुकी है. WHO प्रमुख Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा, “हमें उम्मीद है कि मामलों और मौतों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि वायरस लंबे समय तक फैलता रहा, जबकि इसका पता बाद में चला.”-

इसी बीच Africa CDC ने बताया कि कांगो के पूर्वी इतुरी प्रांत में फैले नए इबोला प्रकोप से अब तक कम से कम 87 लोगों की मौत हो चुकी है. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि संक्रमण अब “समुदाय के भीतर सक्रिय रूप से फैल” रहा है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं.

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