UN में पाकिस्तान को उसकी 'औकात' दिखाने वाले हरीश पर्वतनेनी कौन? 1971 का ऑपरेशन सर्चलाइट याद दिलाकर किया शर्मसार
UN में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को उसके पुराने रिकॉर्ड और आतंकवाद को लेकर जमकर लताड़ लगाई है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के अधिकारी हरीश पर्वतनेनी ने पाक को 1971 का ऑपरेशन सर्चलाइट भी याद दिलाया.
Harish Parvathaneni India UN Representative
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को उसके पुराने रिकॉर्ड और आतंकवाद को लेकर जमकर लताड़ लगाई है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के अधिकारी हरीश पर्वतनेनी ने अपने तीखे और कड़े बयान में पाकिस्तान पर सीमा पार हिंसा फैलाने और मानवाधिकार उल्लंघनों का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया अब पाकिस्तान के दुष्प्रचार और दोहरे रवैये को अच्छी तरह समझ चुकी है.
अपने संबोधन में हरीश पर्वतनेनी ने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध का जिक्र करते हुए पाकिस्तान के इतिहास पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिस देश का इतिहास नरसंहार और हिंसा से जुड़ा रहा हो, उसका भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करना बेहद विडंबनापूर्ण है. उनके बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की भूमिका और उसके पुराने रिकॉर्ड को लेकर नई बहस छिड़ गई है.
पाकिस्तान पर क्या-क्या बोले हरीश पर्वतनेनी?
संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए हरीश पर्वतनेनी ने पाकिस्तान को सीधे निशाने पर लिया. उन्होंने कहा "यह विडंबना है कि नरसंहार के कृत्यों के अपने लंबे कलंकित इतिहास वाले पाकिस्तान ने भारत के आंतरिक मामलों का हवाला देना चुना है."
उन्होंने आगे कहा “1971 में ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान पाकिस्तान ने अपनी ही सेना द्वारा 400,000 महिला नागरिकों के सामूहिक बलात्कार के सुनियोजित अभियान को मंजूरी दी थी. ऐसा अमानवीय आचरण दशकों से पाकिस्तान द्वारा अपनी आंतरिक विफलताओं को देश के भीतर और बाहर हिंसा के बढ़ते हिंसक कृत्यों के माध्यम से छिपाने के बार-बार किए गए प्रयासों को दर्शाता है. बिना आस्था, बिना कानून और बिना नैतिकता के दुनिया पाकिस्तान के दुष्प्रचार को आसानी से समझ सकती है."
कौन हैं हरीश पर्वतनेनी?
हरीश पर्वतनेनी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1990 बैच के वरिष्ठ राजनयिक हैं. उनका जन्म 7 अप्रैल 1968 को हुआ था. वे 1 सितंबर 2024 से न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं. इससे पहले वे जर्मनी और वियतनाम में भारत के राजदूत रह चुके हैं. उनके नेतृत्व में भारत और कई देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती मिली.
कहां से की पढ़ाई?
हरीश पर्वतनेनी ने हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल के साथ स्नातक किया. इसके अलावा उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान कोलकाता में भी अध्ययन किया. उन्होंने काहिरा के अमेरिकन यूनिवर्सिटी इन काहिरा में अरबी भाषा की पढ़ाई की.
कैसा रहा करियर?
हरीश 1990 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए. उन्होंने मिस्र और सऊदी अरब में भारतीय दूतावासों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. इसके अलावा वे फिलिस्तीनी प्राधिकरण में भारत के प्रतिनिधि भी रहे. उन्होंने विदेश मंत्रालय के पूर्वी एशिया और बाहरी प्रचार विभागों में भी काम किया. साल 2007 में वे तत्कालीन उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के संयुक्त सचिव और विशेष कर्तव्य अधिकारी बने.
जुलाई 2012 से मार्च 2016 तक हरीश पर्वतनेनी ने ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्यदूत के रूप में सेवाएं दीं. इसके बाद वे 2016 से 2019 तक वियतनाम में भारत के राजदूत रहे. उनके कार्यकाल के दौरान भारत और वियतनाम के संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचे. हाल ही में उन्होंने जर्मनी में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया.




