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बारामती प्लेन क्रैश: टेकऑफ के बाद 33 मिनट में क्‍या-क्‍या हुआ? जब अजित पवार की आख़िरी उड़ान हादसे में बदल गई- पढ़ें पूरी टाइमलाइन

28 जनवरी 2026 को बारामती में हुआ प्लेन क्रैश महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की ज़िंदगी की आख़िरी उड़ान साबित हुआ. सुबह उड़ान भरते ही विमान में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका सामने आई और कुछ ही मिनटों में वह हादसे का शिकार हो गया. इस दर्दनाक दुर्घटना में अजित पवार समेत कई लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई. हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य शुरू हुआ और जांच एजेंसियां तकनीकी खराबी व अन्य पहलुओं की पड़ताल में जुट गईं.

बारामती प्लेन क्रैश: टेकऑफ के बाद 33 मिनट में क्‍या-क्‍या हुआ? जब अजित पवार की आख़िरी उड़ान हादसे में बदल गई- पढ़ें पूरी टाइमलाइन
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Updated on: 28 Jan 2026 11:13 PM IST

महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे ताक़तवर चेहरों में शुमार उपमुख्यमंत्री अजित पवार की ज़िंदगी की आख़िरी सुबह बिल्कुल सामान्य शुरू हुई थी. जिला परिषद चुनावों के प्रचार के लिए चार जनसभाएं, बारामती में तय कार्यक्रम और मुंबई से एक छोटी-सी चार्टर उड़ान- लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा हादसा बन जाएगा.

बुधवार सुबह जैसे ही बारामती के आसमान में एक Learjet-45 नीचे उतरा, कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया. विमान आग के गोले में तब्दील हो गया और अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई. अब जांच एजेंसियां हर सेकंड, हर कॉल और हर मूवमेंट को जोड़कर उस सुबह की पूरी टाइमलाइन खंगाल रही हैं.

सुबह 7:30 से 8:10 – मुंबई एयरपोर्ट पर तैयारी

28 जनवरी 2026 को अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे. उनके साथ पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एक अटेंडेंट और दो पायलट थे. चार्टर विमान Learjet-45 (VT-SSK) दिल्ली स्थित VSR Ventures का था. फ्लाइट को सुबह 7 बजे उड़ान भरनी थी, लेकिन मौसम और ऑपरेशनल कारणों से देरी हुई.

सुबह 8:10 बजे विमान ने मुंबई से टेक-ऑफ किया.

मुंबई से बारामती की दूरी और उड़ान

मुंबई से बारामती की हवाई दूरी लगभग 256 किलोमीटर है. यह उड़ान सामान्य तौर पर 35-40 मिनट में पूरी हो जाती है. विमान तेज़ रफ्तार से क्रूज़ कर रहा था और तकनीकी रूप से सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है.

सुबह 8:18 – बारामती से पहला संपर्क

DGCA के मुताबिक, 8:18 बजे विमान ने बारामती के आसपास पहली बार संपर्क किया. उस समय विमान को पुणे अप्रोच से रिलीज़ किया गया था. पायलट को बताया गया कि बारामती एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है और विजुअल कंडीशन के आधार पर लैंडिंग करनी होगी.

8:30 से 8:40- विजिबिलिटी बनी सबसे बड़ी चुनौती

क्रू ने हवा और विजिबिलिटी की जानकारी मांगी. ATC को बताया गया कि हवा शांत है, विजिबिलिटी करीब 3000 मीटर है. पहली बार रनवे-11 पर फाइनल अप्रोच की गई, लेकिन पायलट को रनवे साफ़ दिखाई नहीं दिया. पायलट ने लैंडिंग छोड़ते हुए विमान को दोबारा ऊपर ले जाने का फैसला किया. इसे एविएशन भाषा में गो-अराउंड कहा जाता है.

सुबह 8:43 – दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश

गो-अराउंड के बाद क्रू ने ATC को बताया कि वे फिर से रनवे-11 के फाइनल अप्रोच पर हैं. कुछ सेकंड बाद पायलट ने कहा कि 'अब रनवे दिखाई दे रहा है.' 8:43 बजे रनवे-11 पर लैंडिंग की क्लीयरेंस दे दी गई. लेकिन यहीं सब कुछ गड़बड़ा गया. 8:43 से 8:44 – वो खामोशी जो जानलेवा साबित हुई.

ATC ने लैंडिंग क्लीयरेंस दी, लेकिन

❗ क्रू की ओर से कोई ‘रीडबैक’ नहीं आया

❗ कोई मेडे कॉल या इमरजेंसी सिग्नल भी नहीं दिया गया

कुछ ही सेकंड बाद 8:44 बजे, ATC ने रनवे-11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की तेज़ लपटें देखीं.

8:46 – आग का गोला और सब कुछ खत्म

CCTV फुटेज में साफ़ दिखता है कि विमान बाईं ओर झुका, तेजी से नीचे आया और सुबह 8:46 बजे ज़मीन से टकराते ही भीषण विस्फोट के साथ आग के गोले में बदल गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक के बाद एक 4–5 धमाके हुए और काला धुआं पूरे इलाके में फैल गया.

विमान में कौन-कौन सवार था?

विमान में कुल 5 लोग थे- अजित पवार (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र) उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एक अटेंडेंट, दो पायलट, सभी की मौके पर ही मौत हो गई.

पायलट और विमान की जानकारी

मुख्य पायलट के पास 15–16 हजार घंटे का अनुभव

को-पायलट के पास 1500 घंटे का अनुभव

विमान: Learjet-45, निर्माण वर्ष 2010

इंजन: Honeywell TFE731 टर्बोफैन

VSR Ventures का दावा है कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी. जांच शुरू, राजनीति गर्म. हादसे की जांच AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) कर रहा है. एक टीम बारामती में, दूसरी टीम दिल्ली में VSR Ventures के ऑफिस में दस्तावेज खंगाल रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 3 दिन के राजकीय शोक, सभी स्कूलों में छुट्टी. गुरुवार सुबह 11 बजे बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा की. शरद पवार ने साफ कहा कि इस हादसे में राजनीति नहीं होनी चाहिए. यह एक दुर्घटना है, साजिश नहीं.'

अजित पवार
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