Begin typing your search...

आयुष्मान कार्ड से एक साल में कितनी बार आप इलाज करा सकते हैं? अस्पताल जाने से पहले जान लें यह नियम, वरना देना पड़ेगा पैसा

आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने की कोई लिमिट नहीं है. जरूरत पड़ने पर लाभार्थी एक साल में कई बार इलाज करा सकता है, बशर्ते पूरे परिवार का कुल खर्च 5 लाख रुपये से ज्यादा न हो. इलाज के लिए कार्ड एक्टिव होना, अस्पताल का पंजीकृत होना और बीमारी का पैकेज में शामिल होना जरूरी है.

Ayushman Card Treatment Limit in A year
X

आयुष्मान कार्ड से कितनी बार इलाज करा सकते हैं? जानिए जवाब और नियम

( Image Source:  Sora_ AI )

Ayushman Card Treatment Limit in A year: आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत इलाज कराने वालों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि एक साल में कितनी बार मुफ्त इलाज कराया जा सकता है? इसका जवाब है- जितनी बार जरूरत पड़े, उतनी बार.

सरकारी नियमों के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना में इलाज की संख्या पर कोई सालाना लिमिट नहीं है. यानी लाभार्थी एक ही साल में कई बार अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवा सकता है. हालांकि, इसमें एक शर्त जरूर लागू होती है - पूरे परिवार के लिए सालाना कुल खर्च 5 लाख रुपये तक ही कवर किया जाता है.

अगर किसी परिवार में चार, पांच या उससे ज्यादा सदस्य भी हैं, तब भी यह 5 लाख रुपये की सीमा पूरे परिवार के लिए संयुक्त रूप से लागू होती है, न कि हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग.

इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर क्या करें?

इलाज के लिए जब लाभार्थी अस्पताल पहुंचता है, तो उसे पहले यह बताना होता है कि वह आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज कराना चाहता है. पहचान सत्यापन और पात्रता जांच के बाद अस्पताल मरीज को एडमिट करता है और इलाज की प्रक्रिया शुरू होती है. इस दौरान इलाज, जांच, दवाइयों और भर्ती से जुड़ा पूरा खर्च योजना के तहत कवर किया जाता है.

इलाज से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने के लिए सबसे जरूरी है कि आपका कार्ड एक्टिव हो. साथ ही जिस अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है, वह PM-JAY योजना में पंजीकृत (Empanelled) होना चाहिए. इसके अलावा जिस बीमारी या सर्जरी का इलाज होना है, वह आयुष्मान योजना के पैकेज लिस्ट में शामिल होनी चाहिए. अगर किसी को जानकारी की जरूरत हो तो वह आयुष्मान मित्र, हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट की मदद ले सकता है.

आधार आधारित ई-केवाईसी के बिना नहीं बनेगा आयुष्मान कार्ड

सरकार ने हाल ही में आयुष्मान कार्ड से जुड़े नियमों को और सख्त किया है. अब आधार आधारित ई-केवाईसी के बिना न तो नया आयुष्मान कार्ड बनेगा और न ही इलाज की गारंटी मिलेगी. यह कदम फर्जीवाड़े को रोकने और सही लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाने के लिए उठाया गया है.

किन अस्पतालों में मिलता है आयुष्मान कार्ड से इलाज?

आयुष्मान कार्ड से इलाज सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ कई निजी अस्पतालों में भी कराया जा सकता है. इसके लिए लाभार्थी को PM-JAY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Find Hospital विकल्प पर क्लिक करना होता है. इसके बाद राज्य, जिला और अस्पताल की श्रेणी चुनते ही पंजीकृत अस्पतालों की पूरी सूची सामने आ जाती है। सूची में शामिल किसी भी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज कराया जा सकता है.

India Newsयूटिलिटी न्यूज़
अगला लेख