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Exclusive: 'हम चुप रहेंगे, भगवान राम फैसला करेंगे', अखिलेश के अयोध्या दौरे पर बीजेपी ने क्यों कही ये बात?

अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को अयोध्या दौरे पर बीजेपी सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि पार्टी चुप रहेगी और फैसला भगवान श्रीराम करेंगे.

Exclusive: हम चुप रहेंगे, भगवान राम फैसला करेंगे, अखिलेश के अयोध्या दौरे पर बीजेपी ने क्यों कही ये बात?
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है. सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मंत्री पवन पांडे के मुताबिक अखिलेश यादव पत्नी डिंपल यादव व परिवार के सभी सदस्यों के साथ 12 दिसंबर 2026 को अयोध्या पहुंचेंगे और राम मंदिर में रामलला का दर्शन करेंगे. उनके इस फैसले पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बिना कुछ कहे सबकुछ कह दिया है.

यूपी बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि इस मामले में मैं कुछ नहीं बोलूंगा, भगवान ही सबका फैसला करेंगे. वाजपेयी ने अखिलेश के अयोध्या जाने का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार उनके लिए अच्छी व्यवस्था करेगी. हालांकि, उनके बयान में चुनाव से पहले राम की याद आने का तंज है.

अखिलेश के अयोध्या दौरे पर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को प्रस्तावित अयोध्या दौरे पर कहा कि इस पर हम कुछ नहीं कहेंगे. उन्हें जो करना है, करें. चुनाव से पहले उन्हें भगवान राम याद आए हैं. पांच साल पहले भी विधानसभा चुनाव के बीच अखिलेश यादव अयोध्या जाकर सपरिवार हनुमानगढ़ी गए थे, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं किए थे.

वाजपेयी ने आगे कहा, "अब उन्होंने वहां जाने का फैसला लिया है तो अच्छी बात है. हमारी सरकार उनके लिए अच्छी व्यवस्था करेगी. वो वहां जाएं और पूजा करें. वो पलटी मारें या कुछ भी करें, हम उन्हें कुछ नहीं कहेंगे. इस मसले पर हमें बोलना भी नहीं है. यह उनका निजी मसला है. हमें इस मसले पर कुछ नहीं बोलना है. जो भी करेगी पार्टी करेगी."

राहुल के साथ रैली और बीजेपी की पदयात्रा का जिक्र क्यों किया?

लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अखिलेश यादव के राजनीतिक कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इससे पहले राहुल गांधी के साथ दिल्ली में रैली की थी. इसके जवाब में बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एक नवंबर को दिल्ली में हुए सिखों के नरसंहार को याद किया और देशव्यापी पदयात्रा शुरू की. उन्होंने कहा कि पार्टी ने चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज को भी आगे किया.

वाजपेयी ने दीपावली के दौरान बीजेपी की पदयात्रा में व्यापारियों और महिलाओं की भागीदारी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "अब दीपावली है. भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता लगभग व्यापारी है. इस दौरान क्या कोई व्यापारी रैली में शामिल हो सकता है. लेकिन पार्टी की पदयात्रा में गाजियाबाद में 14 जिलों के व्यापारी शामिल हुए. क्या कोई यह मान सकता है कि दीपावली के बीच महिलाएं घर छोड़ सकती हैं, लेकिन भाजपा के पदयात्रा में काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई हैं."

अखिलेश के अयोध्या दौरे पर भगवान के फैसले की बात क्यों कही?

लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर कहा, "समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की 12 दिसंबर की पदयात्रा को लेकर यही कहूंगा, मुझे कुछ नहीं कहना है. वो जो भी कर रहे हैं, उसका फैसला इस बार भी भगवान श्रीराम विधानसभा चुनाव में कर देंगे."

जब उनसे पूछा गया कि फिर वह क्या करेंगे, तो उन्होंने कहा, "मैं कुछ नहीं कहूंगा न करूंगा, जो करेगी हमारी पार्टी करेगी. वहीं इस पर भी फैसला लेगी. पूरे परिवार के साथ अखिलेश जी का अयोध्या दौरा निजी मसला है. वो जनता की अदालत में जाएं, वहीं से सब कुछ तय होगा."

अखिलेश यादव आखिरी बार कब गए थे अयोध्या?

अखिलेश यादव इससे पहले 26 फरवरी 2022 को अयोध्या पहुंचे थे. उस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव चल रहे थे और पांचवें चरण के मतदान से एक दिन पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की थी. हालांकि, उन्होंने उस दौरे में रामलला के दर्शन नहीं किए थे.

इसके बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा हुआ और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई. तब से अब तक अखिलेश यादव राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गए. अब करीब पांच साल बाद उनका परिवार के साथ अयोध्या जाने और रामलला के दर्शन करने का कार्यक्रम सामने आया है.

सपा प्रमुख 12 दिसंबर को क्या जा रहे अयोध्या?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अपने पूरे परिवार के साथ अयोध्या पहुंचेंगे. सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने 'पंचायत आजतक' के मंच पर यह जानकारी दी है. उनके मुताबिक, अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल यादव, बेटे और बेटी के साथ अयोध्या आएंगे.

पवन पांडेय ने बताया कि यह दौरा धार्मिक और पारिवारिक, दोनों लिहाज से खास होगा. अखिलेश यादव सबसे पहले राम मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे. इसके बाद वह हनुमानगढ़ी मंदिर जाकर बजरंगबली का आशीर्वाद लेंगे. कार्यक्रम में साधु-संतों से मुलाकात और अलग-अलग मठों में जाने की योजना भी शामिल है. इस दौरे के ऐलान के बाद से ही इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.

स्टेट मिरर स्पेशलअखिलेश यादवयोगी आदित्‍यनाथ
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