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छुट्टी पर छुट्टी: IPS अदिति सिंह की लीव पर संग्राम! DGP के फैसले से महकमे में हलचल

IPS अदिति सिंह की लगातार छुट्टियों ने विभागीय कामकाज पर असर डाला, जिसके बाद DGP ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया. उनकी जगह जूनियर अधिकारी को जिम्मेदारी देकर विभाग ने सख्त संदेश दिया है.

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हिमाचल प्रदेश में तैनात अदिति सिंह इन दिनों अपने काम से ज्यादा छुट्टियों को लेकर सुर्खियों में हैं. 2021 बैच की इस युवा आईपीएस अधिकारी पर बार-बार अवकाश लेने का आरोप लगा है, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित होने की बात सामने आई. यही वजह रही कि डीजीपी स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए उनका कार्यभार अस्थायी रूप से एक जूनियर अधिकारी को सौंप दिया गया. इस फैसले ने न सिर्फ पुलिस महकमे में हलचल मचा दी, बल्कि यह मामला प्रशासनिक अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर भी नई बहस छेड़ रहा है.

कौन हैं IPS अदिति सिंह?

हिमाचल प्रदेश कैडर की 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली हैं. उन्होंने मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित सोफिया गर्ल्स स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. कोविड काल के दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करते हुए 679वीं रैंक प्राप्त की. पारिवारिक पृष्ठभूमि भी प्रशासनिक और प्रोफेशनल रही है. पिता संजीव सिंह डॉक्टर हैं, जबकि माता ज्योति सिंह कलक्ट्रेट में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्य कर चुकी हैं. अदिति सिंह धर्मशाला में एडिशनल एसपी और पांवटा साहिब (सिरमौर) में भी तैनात रह चुकी हैं.

क्यों चर्चा में आईं अदिति सिंह?

हाल के दिनों में अदिति सिंह बार-बार छुट्टी लेने को लेकर सुर्खियों में आई हैं. हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने उनकी अनुपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है. विभाग का कहना है कि लगातार छुट्टियों के कारण उनके कार्यालय के कामकाज पर असर पड़ रहा था, जिससे प्रशासनिक निरंतरता प्रभावित हो रही थी.

DGP ने क्या कार्रवाई की?

हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने अदिति सिंह के कार्यभार को अस्थायी रूप से एक जूनियर अधिकारी को सौंपने का आदेश जारी किया. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया. प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया, जिससे विभाग में हलचल मच गई.

तीन महीने में कितनी छुट्टी ली गई?

आदेश के अनुसार, अदिति सिंह ने पिछले तीन महीनों में कुल 24 दिन की छुट्टी ली. इसमें 13 दिन की अर्न्ड लीव (EL), 6 दिन की कैजुअल लीव (CL) और 5 दिन की सिक लीव (SL शामिल हैं. इसके अलावा, वह दिसंबर 2025 में एक आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भी मुख्यालय से बाहर रहीं.

छुट्टियों का पूरा ब्रेकडाउन क्या?

डीजीपी कार्यालय के आदेश में छुट्टियों का विस्तृत विवरण भी दिया गया है:

  • 8–11 जनवरी : 2 दिन कैजुअल लीव + 2 दिन सिक लीव
  • 12 जनवरी : 1 दिन कैजुअल लीव
  • 16–19 जनवरी : 3 दिन कैजुअल लीव + 1 दिन सिक लीव
  • 8–22 फरवरी : 13 दिन अर्न्ड लीव + 2 दिन सिक लीव

इसके अतिरिक्त, दिसंबर 2025 में नैनीताल स्थित प्रशासनिक अकादमी में मिड-करियर इंटरैक्शन प्रोग्राम में भाग लेने के कारण भी वे एक सप्ताह से अधिक समय तक अनुपस्थित रहीं.

क्या उनकी जगह किसी और को जिम्मेदारी दी गई?

अदिति सिंह का कार्यभार फिलहाल जूनियर एचपीएस अधिकारी एएसपी ब्रह्म दास भाटिया को सौंप दिया गया है. खास बात यह है कि यह व्यवस्था अदिति सिंह की मौजूदगी में भी जारी रहेगी. ताकि प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए.

क्या अदिति सिंह की मौजूदगी में भी बदलाव रहेगा?

आदेश में साफ किया गया है कि कार्य की निरंतरता बनाए रखने के लिए ब्रह्म दास भाटिया प्रशासनिक जिम्मेदारियों में जुड़े रहेंगे, चाहे अदिति सिंह ड्यूटी पर मौजूद हों या नहीं. यह फैसला विभागीय कामकाज को स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.

कार्रवाई की मुख्य वजह क्या बताई गई?

डीजीपी के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बार-बार अवकाश लेने के कारण एसपी, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB), नॉर्दर्न रेंज, धर्मशाला के कार्यालय के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. इसी वजह से प्रशासनिक स्तर पर यह कड़ा कदम उठाया गया.

क्या आगे और कार्रवाई हो सकती है?

फिलहाल यह एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है, लेकिन यह मामला विभागीय अनुशासन और जिम्मेदारी से जुड़ा होने के कारण आगे और समीक्षा या कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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