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370 की बिरयानी वाले शो पर नहीं थम रहा विवाद, अब अपने बोल पर पछता रहीं डॉक्टर सेजल, डेड बॉडीज के प्राइवेट पार्ट पर था बयान

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो की वायरल क्लिप '370 की बिरयानी' ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. मेडिकल छात्रा डॉ. सेजल पवार के बयान पर माफी के बावजूद लोग मेडिकल एथिक्स और संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

370 की बिरयानी वाले शो पर नहीं थम रहा विवाद, अब अपने बोल पर पछता रहीं डॉक्टर सेजल, डेड बॉडीज के प्राइवेट पार्ट पर था बयान
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sejal pawar

( Image Source:  X: @KishorJoshi02 )
रूपाली राय
By: रूपाली राय5 Mins Read

Updated on: 11 Jun 2026 2:48 PM IST

सोशल मीडिया की दुनिया में कब, क्या वायरल हो जाए और किसकी किस्मत पलट जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर '370 की बिरयानी' नाम का एक वीडियो क्लिप आग की तरह फैल रहा है. स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के इस शो ने एक साथ कई विवादों को जन्म दे दिया है. इस एक वीडियो ने न सिर्फ दो लोगों की जिंदगी में उथल-पुथल मचा दी, बल्कि मेडिकल एथिक्स और सोसाइटी के डबल स्टैंडर्ड पर भी एक नई बहस छेड़ दी है. यह पूरा विवाद कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक क्राउड वर्क शो से शुरू हुआ. इस शो के दो अलग-अलग हिस्सों ने सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी पैदा कर दी.

हिमांशु जांगड़ा से शुरू हुआ किस्सा

शो में आए हरियाणा के रहने वाले हिमांशु जांगड़ा नाम के एक दर्शक ने अपनी डेटिंग लाइफ का एक बेहद अजीब और असंवेदनशील किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि जब वह एक लड़की के साथ डेट पर गए थे तब उन्होंने उसे 370 रुपये की बिरयानी खिलाई थी. जब लड़की ने हिमांशु को घर छोड़ने के लिए कहा, तो वह अपने खर्च की भरपाई के रूप में 'फिजिकल इंटिमेसी' की उम्मीद कर रहे थे. इस बयान के बाद इंटरनेट पर हिमांशु की जमकर थू-थू हुई. विवाद इतना बढ़ा कि बात उनकी नौकरी पर आ गई और उन्हें अपनी जॉब से हाथ धोना पड़ा.

सेजल का विवादित बयान

इसी बीच मुंबई के प्रतिष्ठित केईएम (KEM) हॉस्पिटल की मेडिकल स्टूडेंट और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें सेजल ने कहा था कि उनके साथ मेडिकल कॉलेज में रिसर्च और डिसेक्शन (चीर-फाड़) के लिए डोनेट किए गए पुरुषों के शवों (Dead Bodies) के प्राइवेट पार्ट्स को लेकर वे और उनके साथी छात्र मजाक उड़ाते थे. जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई अब उन्होंने माफी मांगा है.

भारी विरोध के बाद डॉ. सेजल का माफीनामा

चौतरफा घिरने और भारी आक्रोश का सामना करने के बाद आखिरकार डॉ. सेजल पवार ने सोशल मीडिया पर एक लंबा वीडियो जारी कर माफी मांगी है. उन्होंने अपने बयान में कहा, '3 महीने पहले मैंने एक शो किया था, जिसका क्लिप अब वायरल हो रहा है. मैंने जो कहा, उसके लिए मुझे बेहद अफसोस है. वह बहुत गलत बात थी और मैं इसके लिए हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं। मेरा इरादा कभी किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था.' सेजल ने आगे सफाई देते हुए कहा कि वह पहली बार किसी स्टैंड-अप शो में गई थी और उन्हें अंदाजा नहीं था कि दो महीने पुरानी एक क्लिप का हिस्सा इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि वीडियो की शुरुआत में उन्होंने दो बार यह कहा था कि वह उन शवों का सम्मान करती हैं.' उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा, 'मैं बहुत नासमझ थी, मुझे बात की गंभीरता समझ नहीं आई. एक जिम्मेदार व्यक्ति के तौर पर मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था. मैं वादा करती हूं कि भविष्य में सार्वजनिक रूप से मेरी तरफ से ऐसा कोई बयान या हरकत दोबारा नहीं होगी.'

क्या कहना है सोशल मीडिया यूजर्स का?

मेडिअकाल साइंस में दान किए गए शवों को 'मूक शिक्षक' (Silent Teachers) का दर्जा दिया जाता है. एक डॉक्टर बनने की प्रक्रिया में इन शवों का योगदान सबसे अहम होता है, इसलिए इनके प्रति परम सम्मान की भावना रखना सिखाया जाता है. जैसे ही डॉ. सेजल का यह वीडियो सामने आया, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कई गंभीर सवाल उठाए. यूजर्स का कहना कि क्या आज के मेडिकल स्टूडेंट्स में संवेदनशीलता खत्म हो चुकी है?. कई लोगों ने मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए सेजल का मेडिकल लाइसेंस दांव पर लगाया जाना चाहिए. इंटरनेट पर इस बात को लेकर भी बहस छिड़ गई है कि अगर यही बात किसी पुरुष छात्र ने महिला शव के लिए कही होती, तो अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हो चुकी होती?.

नासमझी या गंभीर चूक: जनता अब भी नाराज

भले ही सेजल ने इसे अपनी 'नासमझी' और 'अनजाने में हुई गलती' करार दिया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. लोगों का कहना है कि एक डॉक्टर बनने जा रहे इंसान से इस तरह की संवेदनहीनता की उम्मीद कतई नहीं की जा सकती.

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