Begin typing your search...

नई गाड़ी खरीदने से लग रहा डर! सर्वे से सामने आई पेट्रोल-डीजल और EV को लेकर लोगों की 'मन की बात'- 5 बड़ी बातें

E20 पेट्रोल और आने वाले E30 फ्यूल बदलाव को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है. एक सर्वे के मुताबिक, 43 फीसदी लोगों ने कहा कि वे अगले 12 महीनों में नई गाड़ी खरीदने का फैसला टाल सकते हैं. वहीं इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की तरफ लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है.

E20 Petrol Concerns: 43% Indians May Delay New Vehicle Purchase as E30 Fuel Transition Approaches
X

E20 के बाद बढ़ी फ्यूल को लेकर चिंता

( Image Source:  ChatGPT )

भारत में गाड़ियों की खरीदारी पर अब एक नया सवाल खड़ा हो गया है- क्या पेट्रोल में बदलाव लोगों को नई कार या बाइक खरीदने से रोक रहा है? एक सर्वे के मुताबिक, बड़ी संख्या में संभावित वाहन खरीदार E20 पेट्रोल और आने वाले E30 फ्यूल ट्रांजिशन को लेकर असमंजस में हैं. यही वजह है कि कई लोग अगले 12 महीनों में नई गाड़ी खरीदने का फैसला टालने पर विचार कर रहे हैं.

लोकल सर्कल्स (Local Circles) के सर्वे में 28,388 लोगों से राय ली गई. इसमें सामने आया कि 43 लोगों ने कहा कि वे ईंधन को लेकर अनिश्चितता के कारण अगले एक साल में नई गाड़ी खरीदने से बच सकते हैं या खरीदारी टाल सकते हैं. यानी फ्यूल टेक्नोलॉजी में बदलाव का असर अब सीधे ऑटोमोबाइल बाजार पर दिखाई देने लगा है.

5 Points में समझें पूरा मामला

1- E20 और E30 पेट्रोल को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने की योजना के तहत E20 पेट्रोल को लागू किया है, जिसमें पेट्रोल में 20% तक एथेनॉल मिलाया जाता है. आने वाले समय में इसे बढ़ाकर E30 तक ले जाने की तैयारी है. हालांकि, कई वाहन मालिकों के मन में सवाल हैं कि पुराने इंजन पर इसका क्या असर होगा, माइलेज कितना बदलेगा और लंबे समय में गाड़ी की परफॉर्मेंस कैसी रहेगी. यही चिंता संभावित खरीदारों को नई गाड़ी लेने से पहले सोचने पर मजबूर कर रही है.

2- सर्वे में क्या सामने आया?

  • 43 फीसदी लोगों ने कहा कि वे फ्यूल को लेकर अनिश्चितता के कारण नई गाड़ी नहीं खरीदेंगे
  • 30 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें फिलहाल नई गाड़ी की जरूरत नहीं है
  • 12 फीसदी लोग किसी फैसले पर नहीं पहुंचे
  • सिर्फ 6 फीसदी लोग नई पेट्रोल गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं
  • 7 फीसदी लोग हाइब्रिड वाहन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं
  • 7 फीसदी लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर विचार कर रहे हैं
  • केवल 2 फीसदी लोग नई डीजल गाड़ी खरीदने की योजना में हैं

3- क्या इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड की तरफ बढ़ेगा बाजार?

फ्यूल को लेकर बढ़ती चिंता का फायदा इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को मिल सकता है. कई ग्राहक अब ऐसी गाड़ियों की तरफ देख रहे हैं, जहां पेट्रोल की निर्भरता कम हो. हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत, चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी लाइफ जैसी चुनौतियां अभी भी बड़ी वजह हैं कि लोग तुरंत पूरी तरह EV की तरफ नहीं जा रहे.

4- ऑटो कंपनियों के सामने आई नई चुनौती

वाहन कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ग्राहकों का भरोसा बना रहे. नई गाड़ियां E20 फ्यूल के हिसाब से तैयार की जा रही हैं, लेकिन पुराने वाहन मालिकों और नए खरीदारों के बीच जागरूकता की कमी बनी हुई है. ऑटो सेक्टर के लिए आने वाला समय सिर्फ नई तकनीक लाने का नहीं, बल्कि ग्राहकों को भरोसा दिलाने का भी होगा.

5- क्या लोग अभी गाड़ी खरीदें या इंतजार करें?

जानकारों के मुताबिक, अगर किसी ग्राहक को नई गाड़ी की जरूरत है तो सिर्फ फ्यूल बदलाव के डर से खरीदारी रोकना जरूरी नहीं है. नए मॉडल आमतौर पर मौजूदा फ्यूल मानकों को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं... लेकिन जो लोग लंबे समय तक इस्तेमाल और भविष्य की टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखकर खरीदारी करना चाहते हैं, वे हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं.

काम की खबर
अगला लेख