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एथेनॉल वाले पेट्रोल पर टैक्स खत्म, 7 पॉइंट में समझिए सरकार के इस कदम से किसे कितना फायदा

केंद्र सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को समाप्त करने का फैसला किया है. इस कदम को ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने की दिशा में बड़ा निर्णय माना जा रहा है.

Ethanol Petrol Excise Duty
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Ethanol Petrol Excise Duty

( Image Source:  X/ @Indianinfoguide )

महंगे पेट्रोल और डीजल के दौर में आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को समाप्त करने का फैसला किया है. इस कदम को ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने की दिशा में बड़ा निर्णय माना जा रहा है.

सरकार के इस फैसले का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों, एथेनॉल उत्पादकों और देश की ऊर्जा अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिल सकता है. खासकर ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, यह फैसला भारत की वैकल्पिक ईंधन रणनीति को नई मजबूती देता दिखाई दे रहा है.

क्या होगा इससे फायदा 7 पॉइंट में समझें?

1. सरकार ने 22 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त कर दी है, इससे ऐसे ईंधन को बढ़ावा मिलेगा और तेल कंपनियों को भी इसके उत्पादन व वितरण में प्रोत्साहन मिलेगा.

2. एथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा मिलने से भविष्य में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी अपेक्षाकृत कम हो सकता है.

3. एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से किया जाता है. ऐसे में एथेनॉल की मांग बढ़ने से किसानों की फसलों की मांग भी बढ़ेगी, जिससे उनकी आय में सुधार की संभावना है.

4. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर जोर दे रहा है. सरकार का यह फैसला इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

5. अब तक सरकार का मुख्य फोकस E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर था लेकिन नई नीति के बाद 22 से 30 प्रतिशत तक एथेनॉल वाले ईंधन को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे ब्लेंडेड फ्यूल कार्यक्रम को और गति मिल सकती है.

6. हाल ही में भारत ने E85 फ्यूल लॉन्च किया है, जिसमें 85 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाया जाता है. बताया जा रहा है कि यह ईंधन मौजूदा E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता पड़ सकता है. ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से इसे भारत का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.

7. हालांकि अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग सभी वाहनों में तुरंत संभव नहीं होगा. इसके लिए ऐसे इंजन और तकनीक की जरूरत होगी जो उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के अनुरूप डिजाइन किए गए हों. आने वाले समय में ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी इस दिशा में बदलाव करने पड़ सकते हैं.

भारत को कितनी हो चुकी बचत?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक और उपभोक्ता है. सरकार लंबे समय से एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, ब्लेंडेड फ्यूल के इस्तेमाल से देश अब तक करीब 1.85 लाख करोड़ रुपये की बचत कर चुका है.

क्या आम लोगों को मिलेगा सीधा फायदा?

यदि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग बड़े स्तर पर बढ़ता है, तो भविष्य में पेट्रोल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है. इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. यही वजह है कि सरकार का यह फैसला आम उपभोक्ताओं से लेकर कृषि क्षेत्र तक के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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