कर्नाटक CID की रडार पर आईं Sunny Leone, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से जुड़े किस मामले में उनसे मांगी गई जानकारी
कर्नाटक CID ने एक बड़े कथित निवेश घोटाले की जांच के दौरान सनी लियोनी को नोटिस भेजा है. हालांकि जांच एजेंसी का कहना है कि एक्ट्रेस केवल एक वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी देने के लिए बुलाई गई हैं, वह मामले में आरोपी नहीं हैं.
बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. कर्नाटक सीआईडी (CID) ने मशहूर एक्ट्रेस सनी लियोनी (Sunny Leone) को एक मामले में नोटिस भेजा है. इस खबर के आते ही सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है. लेकिन क्या वाकई सनी लियोनी किसी मुसीबत में हैं? क्या उन्होंने कुछ गलत किया है?. खबर आते ही सबसे पहला ख्याल यही आता है कि क्या एक्ट्रेस किसी घोटाले में फंसी हैं? तो इसका सीधा और साफ जवाब है 'नहीं'. मामले की जांच कर रहे सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर खास जोर दिया है कि सनी लियोनी को भेजे गए नोटिस का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उन्होंने कोई गलत काम किया है. उन्हें केवल एक ट्रांजैक्शन यानी पैसे के लेन-देन के सिलसिले में जानकारी शेयर करने के लिए कहा गया है यानी, वह इस मामले में किसी तरह की आरोपी नहीं हैं.
आखिर क्या है यह पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा विवाद 'शिवम एसोसिएट्स' नाम की एक कंपनी और उसके प्रमोटर शिवानंद नीलन्नवर से जुड़ा हुआ है. सीआईडी इस समय एक बहुत बड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच कर रही है. आरोप है कि शिवानंद नीलन्नवर ने अनधिकृत यानी गैर-कानूनी जमा और निवेश स्कीमों के जरिए आम लोगों से भारी-भरकम रकम जुटाई. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस स्कीम के झांसे में आकर लगभग 40,700 निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई इस कंपनी में लगा दी. अब सीआईडी इसी फंड के हेरफेर और पैसों के रूट की बारीकी से जांच कर रही है.
इस घोटाले में सनी लियोनी का नाम कैसे आया?
इस पूरे घोटाले का कनेक्शन कन्नड़ फिल्म और उसके गाने से जुड़ा है. साल 2023 में आई कन्नड़ फिल्म 'चैंपियन' के प्रोड्यूसर थे शिवानंद नीलन्नवर. इस फिल्म में एक बेहद पॉपुलर गाना था 'डिंगारा बिल्ली नानू'. इस गाने में सनी लियोनी ने परफॉर्म किया था. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस गाने में काम करने के लिए सनी लियोनी को बतौर फीस लगभग 1 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था. चूंकि फिल्म के प्रोड्यूसर पर निवेशकों के पैसे के हेरफेर का आरोप है, इसलिए सीआईडी यह पता लगा रही है कि फिल्म और गानों में लगाया गया पैसा कहां से आया था.




