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Shilpa Shinde के खिलाफ सख्त हुआ AICWA, सीएम फडणवीस से की जांच और कार्रवाई की मांग

टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे के कथित तौर पर झूठे यौन उत्पीड़न आरोप लगाने की बात स्वीकार करने के बाद विवाद गहरा गया है. AICWA ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

Shilpa Shinde के खिलाफ सख्त हुआ AICWA, सीएम फडणवीस से की जांच और कार्रवाई की मांग
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( Image Source:  Instagram: shilpa_shinde_official )

हाल ही में टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे (Shilpa Shinde) ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है. उन्होंने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने लोकप्रिय सिटकॉम 'भाभीजी घर पर हैं' के निर्माता संजय कोहली पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया था. इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर उन पर भारी आलोचना हो रही है. अब अखिल भारतीय सिनेमा श्रमिक संघ (AICWA) ने भी इस मामले में बयान जारी करके शिल्पा शिंदे के कृत्य की निंदा की है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप करने की अपील की है. शुक्रवार को AICWA ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक बयान जारी किया.

संगठन ने कहा कि शिल्पा शिंदे द्वारा झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप स्वीकार करना पूरे बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री के लिए बहुत चिंता की बात है. बयान में साफ लिखा है कि यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप किसी भी व्यक्ति की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. इससे उसकी प्रतिष्ठा खराब होती है, परिवार पर असर पड़ता है, बच्चे प्रभावित होते हैं, करियर खत्म हो सकता है और मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ जाता है.

पीड़ितों को भी नुकसान पहुंचता

AICWA का कहना है ऐसे आरोप व्यक्ति की छवि को हमेशा के लिए खराब कर देते हैं. AICWA ने आगे कहा कि जानबूझकर झूठे आरोप लगाने से सिर्फ आरोपी को ही नहीं, बल्कि असली पीड़ितों को भी नुकसान पहुंचता है. जब कोई व्यक्ति झूठा केस करता है तो लोग असली शिकायत करने वालों पर भी शक करने लगते हैं. इससे बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में उन महिलाओं की आवाज दब सकती है जिन्होंने वाकई में उत्पीड़न और शोषण का सामना किया है.

शिल्पा शिंदे के खिलाफ होगी जांच

संगठन ने जोर देकर कहा कि शिल्पा शिंदे के इस एक मामले का इस्तेमाल करके असली पीड़ितों के अनुभवों को कम नहीं आंकना चाहिए. फिल्म और टेलीविजन जगत में हजारों महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने सच में परेशानी झेली है. उन्हें पूरा समर्थन, सम्मान और न्याय मिलना चाहिए. संगठन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की है कि वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहरी जांच करवाएं. अगर जांच में साबित हो जाता है कि आरोप जानबूझकर झूठे लगाए गए थे, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. AICWA का कहना है कि निर्दोष लोगों को झूठे आरोपों से बचाना और असली पीड़ितों की रक्षा करना दोनों ही जरूरी है. सत्य, निष्पक्षता और न्याय की जीत होनी चाहिए.

क्या है मामले का बैकग्राउंड

यह पूरा मामला 2016 का है, जब शिल्पा शिंदे अचानक 'भाभीजी घर पर हैं' शो से बाहर हो गई थी. उस समय शो के मेकर्स ने उन्हें गैर-पेशेवर बताया था. शिल्पा ने इसके जवाब में निर्माताओं पर बकाया पैसे न देने, उत्पीड़न और सेट पर खराब माहौल बनाने के आरोप लगाए. 2017 में उन्होंने निर्माता संजय कोहली पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया. बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया और मामला खत्म हो गया.

पॉडकास्ट में किया खुलासा

हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के पॉडकास्ट में शिल्पा शिंदे ने खुद यह बात मान ली कि उन्होंने पैसे न मिलने और शो छोड़ने के बाद संजय कोहली पर झूठा यौन उत्पीड़न का केस किया था. उन्होंने कहा कि उस समय वह खुद को बहुत फंसा हुआ महसूस कर रही थीं और यह उनका आखिरी रास्ता लगा. बाद में मामला सुलझ गया और उन्हें अपने बकाए पैसे भी मिल गए. शिल्पा के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उनकी भारी आलोचना हो रही है. कई लोग कह रहे हैं कि यौन उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मुद्दे को हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. AICWA का बयान भी इसी दिशा में है, जिसमें दोनों पक्षों झूठे आरोप और असली उत्पीड़न को गंभीरता से लेने की बात कही गई है.

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