जो उखाड़ना है उखाड़ लो, झूठ नहीं सच बताना पड़ रहा भारी, Shilpa Shinde कहां घिरीं और क्या बोलीं?
शिल्पा शिंदे ने स्वीकार किया है कि 'भाभीजी घर पर हैं' के निर्माता पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट विवाद के दौरान लगाए थे. उनके इस बयान पर AICWA ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे गंभीर मामला बताया है.
टेलीविजन की एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे (Shilpa Shinde) एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने खुद अपने पुराने विवाद को लेकर बड़ा खुलासा किया है. शिल्पा ने लोकप्रिय सिटकॉम 'भाभीजी घर पर हैं' के निर्माता संजय कोहली पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को झूठा बताते हुए स्वीकार किया कि वे ये आरोप केवल अपने कोंट्राक्टुअल विवाद को सुलझाने के लिए लगाए थे. हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के साथ एक बातचीत में शिल्पा ने कहा कि उस समय उनके पास शो छोड़ने और अपने हक की लड़ाई लड़ने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था. उन्होंने बताया कि शो छोड़ने के बाद उनकी स्थिति काफी मुश्किल हो गई थी. दोस्तों ने उन्हें चेतावनी भी दी थी कि उन्होंने जो किया है, उसके परिणाम क्या हो सकते हैं, लेकिन शिल्पा का कहना है कि उनके पास कोई और विकल्प नहीं था.
शिल्पा का नया रील और कैप्शन
इस घटना के बाद शिल्पा सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गई हैं. एक नई रील में उन्होंने अपनी कई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए. कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'एक महिला बनो! हमेशा यह कहने के लिए तैयार रहो कि जो उखाड़ना है उखाड़ लो.' उन्होंने आगे लिखा, 'जलने वालों जलते रहो, अपना खून किसी जरूरतमंद को मत दो. जला जला के खत्म कर दो.' इस कैप्शन का मतलब था कि जो लोग ईर्ष्या करते हैं, उन्हें अपनी ईर्ष्या में ही जलने दो. अपनी एनर्जी जरूरतमंद लोगों पर लगाओ, जेलस लोगों पर बर्बाद मत करो. एक और पोस्ट में शिल्पा आलोचनाओं का जवाब देते हुए एक डायलॉग की नकल करती नजर आईं. वीडियो में उन्होंने कहा, 'सब साफ बोलने के चक्कर में जिंदगी से आधे लोग साफ हो गए.' यह बयान उनके आलोचकों पर तंज कसता हुआ लग रहा था.
AICWA की निंदा
शिल्पा के इस बयान पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने तेज प्रतिक्रिया दी है. इस मामले में शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप करने की अपील की है. AICWA ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक बयान जारी किया. एसोसिएशन ने लिखा कि जानबूझकर झूठे आरोप लगाना न सिर्फ आरोपी व्यक्ति को भारी नुकसान पहुंचाता है, बल्कि असली पीड़ितों के प्रति विश्वास और भरोसे को भी कमजोर करता है. AICWA का कहना है कि ऐसी घटनाओं से बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न की असली शिकायतों पर लोग संदेह करने लगते हैं. इससे सच्चे पीड़ितों की आवाज दबने का खतरा बढ़ जाता है. -
पुराना विवाद और 2025 में वापसी
बात 2016 की है जब शिल्पा शिंदे ने ‘भाभीजी घर पर हैं’ शो को अचानक छोड़ दिया था. उस समय उन्होंने मेकर्स पर यौन उत्पीड़न, बकाया पैसे न देने और काम का माहौल खराब करने के गंभीर आरोप लगाए थे. बाद में यह मामला समझौते पर खत्म हो गया था. लेकिन साल 2025 में शिल्पा ने इसी शो में वापसी कर ली. वापसी के दौरान उन्होंने बताया कि वे मुख्य रूप से शो के लेखक की वजह से वापस आई हैं.
शिल्पा ने कहा कि अब उनकी पूरी टीम के साथ अच्छे संबंध हैं और सब कुछ ठीक चल रहा है. शिल्पा शिंदे का यह खुलासा बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बन गया है. कई लोग इसे साहसिक कदम मान रहे हैं तो कई इसे गलत भी बता रहे हैं. इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विवाद सुलझाने के लिए गंभीर आरोपों का इस्तेमाल कितना सही या गलत है. अभी यह देखना बाकी है कि शिल्पा के इस बयान का आगे क्या असर होता है और इंडस्ट्री इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है.




