CJP के प्रोटेस्ट के बीच क्यों वायरल हो रहा दीपेंद्र हुड्डा का वीडियो? कांग्रेस कहां और क्यों कर रही प्रदर्शन, 5 Points में समझें
जंतर-मंतर पर 6 जून को देश का पहला 'Gen Z Protest' होने का दावा किया गया. इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया. सोशल मीडिया पर करोड़ों व्यूज, लाखों लाइक्स और 22 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स का दावा करने वाली इस मुहिम ने देशभर के युवाओं को दिल्ली आने का न्योता दिया था.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून को देश का पहला 'Gen Z Protest' होने का दावा किया गया. इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया. सोशल मीडिया पर करोड़ों व्यूज, लाखों लाइक्स और 22 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स का दावा करने वाली इस मुहिम ने देशभर के युवाओं को दिल्ली आने का न्योता दिया था. लेकिन प्रदर्शन खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा किसी मांग की नहीं, बल्कि भीड़ की संख्या को लेकर होने लगी.
इसी बीच सोशल मीडिया पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र से कांग्रेस के प्रदर्शन के वीडियो तेजी से वायरल होने लगे. कई यूजर्स दोनों प्रदर्शनों की तुलना करते नजर आए. एक तरफ जंतर-मंतर पर पांच घंटे का प्रदर्शन हुआ, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री आवास के घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वॉटर कैनन चलाए गए, नेताओं को हिरासत में लिया गया और सड़क पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की देखने को मिली.
यही वजह है कि दीपेंद्र हुड्डा के वीडियो अचानक सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे और लोग सवाल पूछने लगे कि आखिर कांग्रेस किस मुद्दे पर सड़क पर उतरी है और उसका प्रदर्शन इतना चर्चा में क्यों है?
1. कांग्रेस का प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
हरियाणा युवा कांग्रेस ने कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में धांधली के खिलाफ कुरुक्षेत्र में बड़ा प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और सरकार पर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया.
2. कुरुक्षेत्र ही क्यों चुना गया?
कुरुक्षेत्र हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गृह जिला है. इसलिए युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया ताकि राज्य और केंद्र सरकार तक युवाओं की नाराजगी सीधे पहुंच सके.
3. दीपेंद्र हुड्डा का वीडियो क्यों वायरल हो रहा है?
रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा प्रदर्शन में शामिल हुए और बैरिकेडिंग के सामने डटे नजर आए. पुलिस द्वारा वॉटर कैनन चलाने और हिरासत में लिए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए. कई यूजर्स इसे "ग्राउंड लेवल प्रोटेस्ट" का उदाहरण बताते हुए शेयर कर रहे हैं.
4. कांग्रेस और CJP के प्रदर्शन में क्या अंतर दिखा?
CJP का प्रदर्शन मुख्य रूप से जंतर-मंतर तक सीमित रहा, जहां अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री को इस्तीफे के लिए अल्टीमेटम दिया और अगले शनिवार फिर से आंदोलन की घोषणा की. दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की कोशिश की, पुलिस से टकराव हुआ, वॉटर कैनन चले और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया. यही कारण है कि सोशल मीडिया पर कई लोग दोनों प्रदर्शनों की तुलना करते हुए कह रहे हैं कि डिजिटल पहुंच और जमीनी संगठन दो अलग-अलग चीजें हैं.
5. सोशल मीडिया पर तुलना क्यों हो रही है?
CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों फॉलोअर्स बताए जाते हैं, लेकिन जंतर-मंतर पर भीड़ को लेकर सवाल उठे. वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन में भले सोशल मीडिया का शोर कम दिखा, लेकिन सड़क पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद नजर आए. इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह बहस छिड़ गई कि क्या केवल डिजिटल लोकप्रियता किसी आंदोलन की ताकत साबित कर सकती है, या फिर असली परीक्षा सड़क पर भीड़ और संगठन क्षमता से होती है.
आखिर क्या कहती है तस्वीर?
दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र तक शनिवार को युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की गूंज सुनाई दी. फर्क सिर्फ इतना था कि एक प्रदर्शन सोशल मीडिया की ताकत पर चर्चा में रहा, जबकि दूसरा सड़क पर पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक टकराव की वजह से सुर्खियां बटोरता नजर आया. अब दोनों पक्ष अगले चरण के आंदोलनों की तैयारी में हैं और नजरें इस बात पर होंगी कि आने वाले दिनों में किसकी आवाज ज्यादा प्रभावी साबित होती है.




