क्यों यशवंत के सेट पर Madhoo को पड़ा था Nana Patekar का जोरदार थप्पड़? 5 पॉइंट्स में जानें पूरा किस्सा
फिल्म 'यशवंत' के एक इमोशनल सीन में नाना पाटेकर ने ग्लिसरीन के इस्तेमाल का विरोध करते हुए एक्ट्रेस मधु को थप्पड़ मार दिया था.
नाना पाटेकर (Nana Patekar) हिंदी सिनेमा की उन दमदार हस्तियों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी जबरदस्त एक्टिंग स्किल, और सख्त स्वभाव के लिए हमेशा चर्चा में रहे. उन्हें 'क्रांति', 'तिरंगा', 'परिंदा', 'वजूद' और 'अग्नि साक्षी' जैसी फिल्मों में बेहद इंटेंस रोल में देखा है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि वे जिस किरदार को चुनते हैं, उसे सिर्फ निभाते नहीं बल्कि पूरी तरह से जी लेते हैं. स्क्रीन पर उनका गुस्सा, दर्द, भावनाएं और तीखापन इतना असली लगता है कि दर्शक खुद उस किरदार के साथ जुड़ जाते हैं. लेकिन यही डेडिकेशन उनके लिए चुनौती भी बन जाता है. सेट पर वे परफेक्शन के इतने पागल हैं कि कई बार उनके तरीके विवादों का कारण बन जाते हैं. फिर भी, नतीजा हमेशा कमाल का होता है. नाना पाटेकर की एक्टिंग स्टाइल मेथड एक्टिंग का बेहतरीन उदाहरण है, जहां वे किरदार के अंदर इतनी गहराई से उतर जाते हैं कि असल जिंदगी और फिल्मी किरदार की सीमा धुंधली हो जाती है. कुछ ऐसा ही हुआ था साल 1997 में आई फिल्म 'यशवंत' के सेट पर.
- नाना पाटेकर का सख्त स्वभाव और रियल एक्टिंग: नाना पाटेकर बॉलीवुड के बहुत मशहूर स्टार हैं. वे जिस किरदार को निभाते हैं, उसे सिर्फ एक्टिंग नहीं करते बल्कि पूरी तरह से जी लेते हैं. उनका स्वभाव काफी सख्त है और वे सेट पर बेहतरीन परफॉर्मेंस चाहते हैं. यही वजह है कि उनके साथ काम करना कई कलाकारों के लिए चुनौती भरा होता है. वे चाहते हैं कि हर सीन बिल्कुल सच्चा और नेचुरल लगे.
- 1997 की फिल्म 'यशवंत' की शूटिंग की घटना: फिल्म 'यशवंत' में नाना पाटेकर और अभिनेत्री मधु पति-पत्नी की भूमिका में थे. एक बहुत इमोशनल सीन में मधु को रोना था. निर्देशक ने पूरे दिन का समय दिया था. जब मधु ग्लिसरीन लगाने जा रही थीं तो नाना ने उन्हें रोका और कहा कि असली आंसू अपने आप निकलने चाहिए. मधु रो नहीं पाईं तो नाना ने अचानक उन्हें जोरदार थप्पड़ मार दिया. थप्पड़ इतना तेज था कि मधु की आंखों में खुद-ब-खुद आंसू आ गए.
- मधु का पलटवार और सीन की सक्सेस: थप्पड़ खाने के बाद मधु बहुत गुस्सा हो गईं क्योंकि रिहर्सल में ऐसा कुछ नहीं हुआ था. वे स्वभाव से गुस्सैल हैं, इसलिए उन्होंने भी तुरंत नाना को पलटकर जोरदार थप्पड़ मार दिया. यह पूरा सीन इतना सच्चा और रियल निकला कि सिर्फ आधे दिन में ही शूटिंग पूरी हो गई. नाना ने निर्देशक से कहा कि अब और शॉट की जरूरत नहीं है, सीन बन गया है.
- मधु ने क्या सीखा और उनका बयान: मधु ने बाद में इंटरव्यू में बताया कि इस घटना के बाद वे नाना पाटेकर के साथ काम करके एक मेथड एक्टर बन गईं. नाना ने उन्हें सिखाया कि किरदार को सिर्फ निभाना नहीं चाहिए, बल्कि उसे पूरी तरह जीना चाहिए. हालांकि मधु ने यह भी साफ किया कि नाना ने उनके साथ कभी बदतमीजी या असभ्य व्यवहार नहीं किया. वे सिर्फ तब नाराज होते थे जब एक्टिंग में और बेहतरी की गुंजाइश दिखती थी.
- साईं परंजपे के साथ पुरानी विवाद वाली घटना: नाना पाटेकर के सख्त स्वभाव की एक और मिसाल 1990 की फिल्म 'दिशा' की शूटिंग के दौरान हुई. फिल्मकार साईं परंजपे के साथ बड़ा विवाद हो गया. साईं इतना परेशान हो गईं कि उन्होंने नाना से कहा कि या तो प्रोफेशनल तरीके से काम करो या सेट छोड़कर चले जाओ. नाना गुस्से में सेट छोड़कर गए, लेकिन आधे घंटे बाद लौटे और साईं को चेतावनी दी कि तुम महिला हो इसलिए सुरक्षित हो, वरना तुम यहां नहीं होती. नाना आज भी अपनी बेमिसाल एक्टिंग और मेथड एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं, भले ही उनके तरीके कभी-कभी विवाद पैदा कर दें.




