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फिल्मों में इन्फ्लुएंसर को यूज किया जाता है... कंटेंट क्रिएटर Dolly Singh बोलीं- एक्टर्स को होती है फ़ॉलोअर्स की जरूरत

डॉली मानती हैं कि यह एक दोधारी तलवार है. एक तरफ सोशल मीडिया की वजह से उन्हें मौके मिल जाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ वे मौके वैसे नहीं होते जैसा वे चाहती हैं. लोग अक्सर सवाल भी उठाते हैं कि फिल्मों में इन्फ्लुएंसर को क्यों लिया जाता है.

फिल्मों में इन्फ्लुएंसर को यूज किया जाता है... कंटेंट क्रिएटर Dolly Singh बोलीं- एक्टर्स को होती है फ़ॉलोअर्स की जरूरत
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( Image Source:  Instagram : dollysingh )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Updated on: 28 Sept 2025 8:53 AM IST

डॉली सिंह का नाम सोशल मीडिया की दुनिया से निकलकर अब धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बनाने लगा है. उन्होंने भूमि पेडनेकर स्टारर फिल्म 'थैंक यू फॉर कमिंग' से बॉलीवुड में कदम रखा. हालांकि यह डेब्यू उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन इसके साथ ही उन्हें यह भी एहसास हुआ कि खुद को एक इन्फ्लुएंसर से आगे बढ़ाकर एक गंभीर एक्ट्रेस साबित करना आसान नहीं है. हाल ही में न्यूज़18 शोशा को दिए एक इंटरव्यू में डॉली ने दिल खोलकर बताया कि इंडस्ट्री में इन्फ्लुएंसर बैकग्राउंड से आने वाले लोगों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है.

उन्होंने कहा, 'जब आप एक इन्फ्लुएंसर बैकग्राउंड से आते हैं, तो लोग आपको एक्टर के रूप में गंभीरता से नहीं लेते. ज़्यादातर मामलों में हमें सिर्फ छोटे-छोटे रोल मिलते हैं जैसे- किसी हीरोइन की बेस्ट फ्रेंड या बहन का किरदार, इन किरदारों की स्क्रीन टाइमिंग बहुत कम होती है. इसके अलावा, हमें ज़्यादातर प्रमोशन या पब्लिसिटी के लिए बुलाया जाता है, क्योंकि फिल्ममेकर हमारे फॉलोअर्स की ताकत का इस्तेमाल करना चाहते हैं. ऐसे में कभी-कभी ऐसा लगता है कि हमें इस्तेमाल किया जा रहा है, न कि हमारी प्रतिभा को मौका दिया जा रहा है.'

फिल्मों में इन्फ्लुएंसर को क्यों लिया जाता?

डॉली मानती हैं कि यह एक दोधारी तलवार है. एक तरफ सोशल मीडिया की वजह से उन्हें मौके मिल जाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ वे मौके वैसे नहीं होते जैसा वे चाहती हैं. लोग अक्सर सवाल भी उठाते हैं कि फिल्मों में इन्फ्लुएंसर को क्यों लिया जाता है. लेकिन डॉली ने साफ कहा,' वे इस धारणा को अपने काम के बल पर बदलना चाहती हैं. मुझे विश्वास है कि मेरा काम ही मेरे लिए बोलेगा और मैं इस चुनौती को पूरी तरह स्वीकार करने के लिए तैयार हूं.'

'बेस्ट वर्स्ट डेट' से नया मुकाम

अपनी मेहनत और क्रिएटिविटी के बल पर डॉली ने खुद ही एक नया रास्ता चुना. उन्होंने 'बेस्ट वर्स्ट डेट' नाम से एक सीरीज़ बनाई, जिसका प्रीमियर 23 सितंबर 2025 को इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर हुआ. खास बात यह है कि यह भारत की पहली माइक्रो-ड्रामा सीरीज़ थी, जिसने लगातार तीन सफल सीज़न पूरे किए. अपनी इस सीरीज़ के बारे में बात करते हुए डॉली ने बताया कि एक कंटेंट क्रिएटर होने के नाते सबसे बड़ी चुनौती है दर्शकों से लगातार जुड़े रहना. उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया पर ट्रेंड बहुत जल्दी बदल जाते हैं. जो चीज़ आज चल रही है, कल गायब हो जाती है. ऐसे में लंबे समय तक टिके रहना बहुत मुश्किल है. यही हमारी असली चुनौती है.'

समाज फिर से पीछे जा रहा है

डॉली के सोशल मीडिया पर 15 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और अजीबोगरीब टिप्पणियों के बारे में भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि क्यों, लेकिन मुझे लगता है कि हमारा समाज फिर से पीछे जा रहा है. लोग ज्यादा रूढ़िवादी होते जा रहे हैं, सोशल मीडिया पर युवा लड़कों को लड़कियों के बारे में अजीब और डरावनी बातें लिखते देखना बहुत दुखद है. यह अच्छी बात नहीं है और उम्मीद है कि जल्द ही इसमें बदलाव आएगा.'

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