Emraan Hashmi रखते हैं फॉरेन शॉपिंग से दूरी, हैलीकॉप्टर पैरेंटिंग से बचने की दी सलाह
इमरान हाशमी अब सिर्फ रोमांटिक हीरो नहीं, बल्कि दमदार और मीनिंगफुल रोल्स में नजर आ रहे हैं. नई वेब सीरीज ‘तस्करी’ के साथ उन्होंने करियर, ट्रैवल और पेरेंटिंग पर खुलकर बात की.
इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) ने पिछले कुछ सालों में अपने एक्टिंग करियर में काफी बड़ा और पॉजिटिव बदलाव किया है. पहले वे रोमांटिक हीरो के रूप में ज्यादा जाने जाते थे, जहां ज्यादातर फिल्मों में लव स्टोरी और गाने उनके किरदार का मुख्य हिस्सा होते थे. लेकिन अब वे उस इमेज से काफी हटकर गंभीर, मीनिंगफुल और चैलेंजिंग रोल चुन रहे हैं. जैसे कि पुलिस अधिकारी, वकील, जासूस या ऐसे किरदार जो समाज की गहरी समस्याओं से जुड़े हों. इस बदलाव की वजह से दर्शकों को उनकी एक नई इमेज दिखाई दे रही है. इसके अलावा उनकी निजी जिंदगी भी बहुत बैलेंस्ड और जिम्मेदार दिखती है.
वे एक अच्छे पति और एक प्यारे पिता के रूप में अपनी फैमिली को पूरा समय और ध्यान देते हैं. इन दिनों वे अपनी नई वेब सीरीज 'तस्करी: द स्मगलर्स वेब' (Taskaree: The Smuggler's Web) की वजह से काफी चर्चा में हैं. यह सीरीज नीरज पांडे की बनाई हुई है और नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है, जिसमें इमरान ने एक कस्टम्स ऑफिसर का रोल किया है. यह शो स्मगलिंग की दुनिया, क्राइम और कानून के बीच के संघर्ष को दिखाता है. एक नवभारत टाइम्स के साथ इंटरव्यू में इमरान ने अपनी जिंदगी के अलग-अलग पहलुओं पर खुलकर बात की.
ट्रैवल और घूमने-फिरने की प्लानिंग
इमरान को अपनी फैमिली के साथ घूमना बहुत पसंद है. लेकिन वे खुद कभी ट्रिप प्लान नहीं करते. उनका कहना है कि उन्हें घूमने के लिए कोई खास तैयारी या प्लानिंग करने की जरूरत नहीं पड़ती. बस बैग पैक किया और निकल पड़े. असल प्लानिंग उनकी पत्नी करती हैं. वे तय करती हैं कि किस शहर जाना है, कहां रुकना है, क्या देखना है. अब उनका बेटा भी इसमें शामिल हो गया है और वह रेस्तरां चुनने का काम संभालने लगा है कि कहां खाना खाना है. इमरान बस उनके बनाए प्लान के हिसाब से चल पड़ते हैं. इससे उन्हें टेंशन फ्री घूमने का मजा मिलता है.
विदेश में शॉपिंग से परहेज
फिल्मों और शूटिंग की वजह से इमरान को काफी ट्रैवल करना पड़ता है, खासकर विदेश जाना होता है. लेकिन वे विदेश में ज्यादा शॉपिंग नहीं करते. पहले उन्हें पावरबैंक को लेकर काफी टेंशन रहती थी कि एयरपोर्ट पर इसे हैंड बैग में रखें या चेक-इन सूटकेस में, क्योंकि कुछ सिक्योरिटी नियमों की वजह से परेशानी हो सकती थी. अब वे मुंबई में ही ऑनलाइन शॉपिंग कर लेते हैं. विदेश से कुछ खरीदकर लाने की वजह से एयरपोर्ट पर किसी तरह की रुकावट या चेकिंग की चिंता नहीं रहती. इससे उनका ट्रैवल आसान और स्ट्रेस-फ्री हो जाता है.
बच्चों की परवरिश पर विचार
आजकल पैरेंट्स के लिए बच्चों को सही तरीके से बड़ा करना बहुत बड़ी चुनौती बन गया है. इमरान भी मानते हैं कि पेरेंटिंग आसान नहीं है. हम सब गलतियां करते हैं और फिर उन्हें सुधारने की कोशिश करते हैं. सोशल मीडिया बच्चों पर बहुत असर डाल रहा है, इसलिए उस पर नजर रखना जरूरी है. काम और खेल के बीच बैलेंस बनाना, पढ़ाई और मनोरंजन का सही मिश्रण करना ये सब मुश्किल लेकिन जरूरी है. वे 'हेलीकॉप्टर पैरेंटिंग' यानी बच्चों के ऊपर हर समय मंडराते रहने से बचने की सलाह देते हैं. बच्चों को कुछ आजादी देनी चाहिए ताकि वे खुद फैसले लेना सीखें. लेकिन साथ ही जरूरी सख्ती भी रखनी पड़ती है. अच्छी पेरेंटिंग को सिर्फ कुछ शब्दों में नहीं समझाया जा सकता यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें प्यार, समझ और बैलेंस सब शामिल होता है.
करियर में कहानियां चुनने का तरीका
शुरुआत में रोमांटिक इमेज के बावजूद अब इमरान थ्रिलर, क्राइम, ड्रामा जैसे गंभीर प्रोजेक्ट्स में ज्यादा नजर आ रहे हैं. वे कहते हैं कि वे कभी ये नहीं सोचते कि सिर्फ एक खास जॉनर में नजारा आ रहे हैं. जब कोई स्क्रिप्ट या कहानी आती है, तो वे खुद को एक आम दर्शक की तरह रखकर उस पर रिएक्ट करते हैं. अगर कहानी दिल को छू ले और कुछ नया लगे, तो वे उसे चुन लेते हैं. 'तस्करी' जैसी सीरीज उनके लिए खास थी क्योंकि कस्टम्स ऑफिसर की दुनिया उनके लिए बिल्कुल नई थी. नीरज पांडे जब यह प्रोजेक्ट लेकर आए, तो इमरान को लगा कि यह कुछ अलग और रोचक होगा इसलिए उन्होंने इसे किया. वे बहुत सोच-समझकर रोल चुनते हैं, ताकि हर प्रोजेक्ट में कुछ नया और मीनिंगफुल हो.




