प्रोड्यूसर की वाइफ ने खाने से रोका, Akshaye Khanna हो गए थे आगबबूला; खड़े-खड़े समझा दिया था भूख और इंसानियत का सही मतलब
धुरंधर की सफलता के बीच अक्षय खन्ना का एक पुराना किस्सा चर्चा में है, जिसमें उन्होंने सेट पर एक साइड एक्टर की बेइज्जती होते देख गुस्सा जाहिर किया था. एक्टर अमित बहल ने खुलासा किया कि अक्षय ने इंसानियत और सम्मान को लेकर पूरी प्रोडक्शन टीम को खरी-खोटी सुनाई थी.
अक्षय खन्ना (Akshaye Khanna) की फिल्म 'धुरंधर' रिलीज होने के बाद वे हर जगह छाए हुए हैं. यह बात पूरी तरह सही है, फिल्म में अपराध के सरगना रहमान दैकत के रोल में उनकी एक्टिंग इतनी शानदार थी कि दर्शक उनकी अदाकारी को बार-बार सराह रहे हैं. यह रोल उनके करियर का एक यादगार हिस्सा बन गया है. अक्षय सिर्फ अच्छे एक्टर ही नहीं हैं, बल्कि वे इंसान के तौर पर भी बहुत अच्छे, दयालु और सम्मान देने वाले इंसान हैं. यह बात उनके साथ काम करने वाले कलाकार और फिल्म इंडस्ट्री के अनुभवी लोग अक्सर कहते हैं. अक्षय ज्यादातर समय शांत और कम बोलने वाले रहते हैं, लेकिन शूटिंग के सेट पर वे हर किसी के साथ बहुत गर्मजोशी, प्यार और पूरा सम्मान रखकर व्यवहार करते हैं.
हाल ही में एक्टर अमित बहल ने अक्षय खन्ना के साथ काम करते हुए एक दिलचस्प और यादगार किस्सा सुनाया. उन्होंने सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक बातचीत में यह कहानी शेयर की. उन्होंने बताया, 'एक बार शूटिंग के दौरान लीड एक्टर्स और पूरी क्रू एक होटल में ठहरे हुए थे. उसी समय एक साइड एक्टर, जो दूसरे होटल में रुका हुआ था, लंच के समय उस होटल में लंच करने आ गया. जैसे ही उस एक्टर ने बुफे से प्लेट में खाना लिया और पहला निवाला मुंह में डाला, तभी प्रोड्यूसर की पत्नी ने ध्यान दिया कि यह व्यक्ति यहां का नहीं है. उसके बाद प्रोडक्शन टीम का एक व्यक्ति आया और बोला, “सर, आप यह खाना नहीं खा सकते.
आपा खो बैठे थे अक्षय
हालांकि साइड एक्टर ने अपना धैर्य बनाए रखा और प्लेट साइड में रख दी और वहां से चला गया. दूर से बैठे अक्षय यह सब देख रहे थे, उनसे ऐसा बर्ताव सहा नहीं गया और भड़क गए. आमतौर पर बहुत अक्षय कम बोलते हैं, लेकिन इस बार वे चुप नहीं रह सके. वे तुरंत आगे बढ़े और बीच में आ गए. अक्षय ने भूख और इंसानियत के असली मतलब को समझाते हुए एक जोरदार भाषण दिया. अमित बहल बताते हैं कि उस दिन उन्हें एहसास हुआ कि अक्षय अपने साथी कलाकारों की इज्जत और भावनाओं के प्रति कितने गंभीर और संवेदनशील हैं.
सुनाई खरी-खोटी
इस घटना में अक्षय का आपा पूरी तरह खो गया. उन्होंने निर्माता से लेकर पूरी प्रोडक्शन टीम तक सभी को खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'फिल्म थालियों की गिनती या खाने की मात्रा से नहीं बनती, बल्कि यह लोगों के प्यार, आशीर्वाद और अच्छे व्यवहार से बनती है.' अमित बहल ने बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे हमेशा शांत रहने वाले अक्षय खन्ना ने उस दिन अपने अंदर छिपे ज्वालामुखी को खोल दिया हो. वे अपने सहकर्मियों के सम्मान और उनकी इज्जत के लिए इतने संवेदनशील हैं कि छोटी-छोटी बात पर भी वे चुप नहीं रहते.




