मैं दिमाग को सुन्न रखना चाहती थी! Rishi Kapoor के निधन के बाद टूट गई थीं Neetu Kapoor, बिना शराब पिए नहीं आती थी नींद
नीतू कपूर ने खुलासा किया कि ऋषि कपूर के निधन के बाद वह कई महीनों तक सो नहीं पाईं और शराब का सहारा लेने लगी थी. एक्ट्रेस ने थेरेपी, मानसिक मजबूती और अपने करियर छोड़ने के फैसले पर भी खुलकर बात की.
बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस नीतू कपूर (Neetu Kapoor) अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'दादी की शादी' (Daadi Ki Shaadi) को लेकर चर्चा में हैं. 8 साल की उम्र में अपना करियर शुरू करने वाली नीतू सिंह ने साल 2022 में फैमिली ड्रामा 'जुग जुग जियो' से कमबैक किया. नीतू ने दादी की शादी के प्रमोशन के दौरान कई सारे खुलासे किए जिसमें एक था कि आखिर कैसे ऋषि कपूर के निधन के बाद उन्होंने कितना अकेलापन महसूस हुआ. नीतू कपूर अपनी बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी के साथ सोहा अली खान के पॉडकास्ट में पहुंची थी. नीतू ने अपनी जिंदगी के उस दर्द भरे समय का जिक्र करते हुए बताया. नीतू ने कहा, 'जब ऋषि चले गए, तो एक महीने या शायद दो-तीन महीने तक मैं बिल्कुल सो नहीं पाई. फिर मैं ड्रिंकिंग की तरफ चली गई. मैं शराब पीकर ही सो पाती थी. बिना पीए नींद नहीं आती थी. ऋषि के निधन के बाद परिवार के लोगों ने मुझे थेरेपिस्ट से मिलने को कहा.
हालांकि नीतू का कहना है कि वह थेरेपी में विश्वास नहीं करती। वह लोगों से घुलने-मिलने और बात करने में ज्यादा विश्वास करती है. नीतू ने कहा, 'मैंने उस समय एक थेरेपिस्ट से मुलाकात की थी लेकिन खुद के मन में कई बार सवाल किए कि मैं ऐसा क्यों कर रही हूं. नीतू ने महसूस किया जब तक मैं खुद मानसिक रूप से मजबूत नहीं हो जाती थेरेपी ऐसे में क्या कर सकती है?. ऐसे में नीतू ने थेरेपी को बेतुका बताया और खुद को समय देने का फैसला किया. नीतू ने कहा, 'यह आपको तय करना होता है कि आपको मजबूत रहना है और आगे बढ़ना है.'
लेनी पड़ी डॉक्टर की मदद
नीतू का कहना है कि वे हमेशा से स्वास्थ्य के प्रति बहुत जागरूक रही हैं, इसलिए खुद का यह रूप उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया. नीतू ने कहा, 'मुझे खुद का वह रूप बहुत बुरा लगता था. मैं बस अपना दिमाग सुन्न करके सो जाना चाहती थी. मुझे खुद पर गुस्सा आता था. आखिरकार मैंने अपने डॉक्टर को फोन किया और कहा, ‘मेरे साथ यह हो रहा है, मुझे मदद चाहिए. मुझे यह पसंद नहीं है, मैं ऐसी नहीं हूं.' डॉक्टर रोज उनके घर आते थे, उन्हें इंजेक्शन देते थे और तब तक उनके पास बैठे रहते थे जब तक वे सो न जाएं. यह सिलसिला लगभग 10 दिन तक चला. 11वें या 12वें दिन नीतू ने डॉक्टर से कहा, 'अब मैं ठीक हूं. मुझे लगता है कि अब इसकी जरूरत नहीं है...मैं आगे बढ़ सकती हूं.'
क्यों छोड़ा था करियर?
नीतू कपूर ने एक पुराने इंटरव्यू में टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया था, 'अपना करियर छोड़ना मेरा खुद का फैसला था. मुझे परिवार बसाना था. मैं काम करते-करते बहुत थक गई थी. मेरे सिर्फ सात साल के करियर में मैंने करीब 70 फिल्में कर ली थी. उस समय मैं हर दिन तीन शिफ्ट में काम करती थी. मुझे कोई डर नहीं लगा क्योंकि मैं शादी से पहले ही ऋषि कपूर के परिवार को अच्छे से जानती थी और उनके साथ सहज थी.'
छोटी उम्र से ही शुरू किया काम
नीतू कपूर बहुत छोटी उम्र से ही फिल्म इंडस्ट्री में काम करने लगी थी. जब वे सिर्फ 8 साल की थीं, तब से उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग शुरू कर दी थी. 21 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते वे अपने समय की सबसे बड़ी हस्तियों के साथ काम कर चुकी थी. शशि कपूर, अमिताभ बच्चन, जितेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सितारों के साथ उन्होंने फिल्में की. नीतू कपूर ने ऋषि कपूर के साथ कुल 11 फिल्मों में काम किया था. दोनों की केमिस्ट्री स्क्रीन पर बहुत पसंद की जाती थी। जनवरी 1980 में मुंबई के चेंबूर इलाके में स्थित आरके स्टूडियो में उनका शादी हो गई. शादी के बाद नीतू ने फिल्मों से ब्रेक ले लिया। उन्होंने खुद कहा था कि यह उनका अपना फैसला था.




