PM Kisan: लाखों किसानों की किस्त पर लगेगा ब्रेक, कहीं आपका भी नाम तो नहीं है शामिल; सरकार ने क्या बताया?
PM Kisan की 22वीं किस्त से पहले सरकार ने सत्यापन अभियान तेज कर दिया है, जिससे कई किसानों के नाम लाभार्थी सूची से हटाए गए हैं. जानिए किन कारणों से किस्त रोकी गई और कैसे दोबारा चालू होगी.
देश के लाखों किसान इन दिनों मोबाइल बार-बार चेक कर रहे हैं कि पीएम किसान की 22वीं किस्त आई या नहीं, लेकिन इस बीच कई किसानों के नाम काटे जाने की खबरें सामने आ रही हैं. वजह तकनीकी नहीं, बल्कि सरकार की तरफ से चलाया जा रहा बड़ा सत्यापन अभियान है. इसी जांच के चलते कई राज्यों में किसानों के नाम लाभार्थी सूची से हटाए जा रहे हैं और कई की किस्त अस्थायी रूप से रोक दी गई है.
उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों से ऐसी रिपोर्ट आई है कि बड़ी संख्या में किसानों के नाम सूची से हटा दिया गया है. इससे किसानों के मन में सवाल है कि जब वे खेती कर रहे हैं, तो फिर उनका नाम योजना से क्यों हटाया जा रहा है?
आखिर किस वजह से रुक रही किस्त?
सरकार के मुताबिक यह कार्रवाई मनमानी नहीं है, बल्कि डेटा जांच (Verification) के दौरान सामने आए संदिग्ध मामलों की वजह से की गई है. विभाग ने ऐसे लाभार्थियों को चिन्हित किया है, जो योजना की पात्रता शर्तों में फिट नहीं बैठते या जिनके दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई है.
सरकार ने इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण बताए हैं -
1. जमीन के स्वामित्व में नया बदलाव
जो किसान 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन के मालिक बने हैं, उनके मामलों की दोबारा जांच की जा रही है. ऐसे किसानों की किस्त फिलहाल रोकी जा सकती है.
2. एक ही परिवार से कई लाभार्थी
कुछ मामलों में पति-पत्नी दोनों या एक ही परिवार के एक से ज्यादा सदस्य पीएम किसान का लाभ ले रहे थे. नियमों के मुताबिक एक परिवार को सिर्फ एक ही लाभ मिल सकता है, इसलिए ऐसे नामों को सूची से हटाया जा रहा है.
3. अपात्र श्रेणी में आने वाले लोग
जांच में कुछ ऐसे लोग भी पाए गए हैं जो किसान नहीं होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे. इन्हें अपात्र मानकर अस्थायी रूप से बाहर किया गया है.
क्या यह रोक स्थायी है?
सरकार का कहना है कि जिन किसानों की किस्त रोकी गई है, वह स्थायी रूप से बंद नहीं की गई है. पहले उनका भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) होगा. अगर वे पात्र पाए गए तो उनकी किस्त दोबारा शुरू कर दी जाएगी और रुकी हुई रकम भी मिल सकती है.
किसान अपनी स्थिति कैसे जांचें?
किसान अपनी पात्रता और भुगतान की स्थिति खुद जांच सकते हैं. इसके लिए वे पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर Know Your Status (KYS) विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा किसान Kisan eMitra चैटबॉट के जरिए भी जानकारी ले सकते हैं कि उनकी किस्त क्यों रुकी है.
22वीं किस्त कब आएगी?
करीब 9 करोड़ किसान 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं. सरकार ने अभी तक कोई पक्की तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि होली से पहले इस पर फैसला हो सकता है. अब पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है. जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें 22वीं किस्त से पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके लिए कई जिलों में विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं.
पीएम किसान की किस्त रुकना किसी सजा की तरह नहीं, बल्कि दस्तावेजों और पात्रता की जांच का हिस्सा है. अगर किसान सही जानकारी और दस्तावेज समय पर अपडेट कर लेते हैं, तो उनका पैसा फिर से खाते में आ सकता है. ऐसे में सबसे जरूरी है कि किसान अपनी स्थिति खुद चेक करें और जरूरी सुधार कराएं.




