सरकार ने बताया कैसे खत्म होगी LPG की समस्या, बस कुछ सेक्टर्स को करना होगा ये काम
देश में एलपीजी (LPG) गैस की कमी को लेकर चिंता बढ़ गई है. ऐसे में सरकार ने लोगों से गैस के सही और जरूरी इस्तेमाल की अपील की है. साथ ही, इस समस्या से निपटने का तरीका भी बताया है.
ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक हालात के बीच देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है. खासकर कमर्शियल सेक्टर में गैस सिलेंडर को लेकर सवाल उठने लगे हैं, जिससे आने वाले समय में परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
लेकिन इस बीच सरकार ने एक ऐसा संकेत दिया है, जिससे इस समस्या का हल निकल सकता है. बताया जा रहा है कि अगर कुछ खास सेक्टर एक बड़ा बदलाव कर लें, तो एलपीजी पर दबाव काफी हद तक कम किया जा सकता है और यही कदम आने वाले समय में हालात को संभाल सकता है.
कैसे खत्म होगी एलपीजी की समस्या?
सुजाता शर्मा, संयुक्त सचिव (विपणन और तेल रिफाइनरी), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग जैसे बिजनेस में सबसे ज्यादा एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होता है. ऐसे में अगर ये सेक्टर्स पीएनजी पर शिफ्ट हो जाते हैं, तो घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की किल्लत नहीं होगी.
कैसे मिल सकता है PNG कनेक्शन?
सरकार ने PNG कनेक्शन लेने की प्रोसेस को आसान बना दिया है. लोग ईमेल, वेबसाइट, कॉल सेंटर या संबंधित गैस कंपनी से कॉन्टैक्ट करके अप्लाई कर सकते हैं. सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें और उन्हें PNG लेने के लिए मनाएं. कई कंपनियां इसके लिए ऑफर और छूट भी दे रही हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर
सरकार सिर्फ लोगों को जागरूक ही नहीं कर रही, बल्कि PNG की पहुंच बढ़ाने के लिए तेजी से काम भी कर रही है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि गैस पाइपलाइन से जुड़े कामों की मंजूरी जल्दी दें. इसके तहत पाइपलाइन के लिए जरूरी मंजूरी 24 घंटे के अंदर देने, फीस कम करने और काम के समय में ढील देने जैसे कदम उठाने को कहा गया है. साथ ही बेहतर कॉर्डिनेशन के लिए अधिकारियों को अपॉइंट भी किया जा रहा है.
आगे क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर PNG का इस्तेमाल बढ़ता है, तो एलपीजी पर दबाव कम होगा और सप्लाई बेहतर बनी रहेगी. इससे भविष्य में गैस की कमी जैसी स्थिति से बचा जा सकता है. सरकार का यह कदम साफ दिखाता है कि आने वाले समय में गैस उपयोग का तरीका बदल सकता है. PNG को बढ़ावा देकर न सिर्फ सप्लाई को बैलेंस किया जा सकता है, बल्कि कंज्यूमर को भी एक आसान और भरोसेमंद ऑप्शन मिल सकता है.




